आपने कई बार नोटिस किया होगा कि सही लाइफस्टाइल, रेगुलर एक्सरसाइज, हार्मोनल बैलेंस और खानपान की अच्छी आदतें अपनाने के बावजूद गर्मियों में कील-मुंहासों की समस्या हो जाती है। कई बार हमें समझ नहीं आता है कि ऐसा क्यों हो रहा है? फिर हम इसे अपनी स्किन केयर रूटीन से जोड़कर देखते हैं। असल में, बढ़ता प्रदूषण या स्किन की अच्छी देखभाल न करने की वजह से भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मियों में कील-मुंहासों की समस्या का कारण आपके तकिए का कवर भी हो सकता है? जी, हां! आइए, राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से जानते हैं इनका आपस में क्या कनेक्शन है।
तकिए के कवर के कारण कील-मुंहासे कैसे हो सकते हैं?
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गर्मियों के दौरान, उमस और बढ़ते तापमान के कारण हमारी स्किन में नेचुरल तरीके से अधिक ऑयल और पसीना जनरेट होता है। जब आप सोते हैं, तो स्किन का यह तेल, डेड सेल्स और हेयर प्रोडक्ट्स सीधे तकिए के कवर पर लग जात है। जब आप लगातार कई रातों तक एक ही तकिए पर सोते हैं, तो उसमें चिपकी सभी गंदगी सीधे स्किन के संपर्क में आती है, जिससे चेहरे के स्किन पोर्स बंद हो जाते हैं। इसी वजह से चेहरे पर कील-मुंहासों की समस्या होने लगती है। कभी-कभी तकिए का खराब फैब्रिक भी कील-मुंहासे का कारण बन सकता है।
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तकिए के कवर के कारण हो रहे कील-मुंहासे से कैसे बचें?
कवर को नियमित रूप से धोएं
गर्मियों में बेडशीट और तकिया का कवर समय-समय पर बदलना चाहिए। विशेषकर, जिन लोगों की स्किन ऑयल है, उन्हें हर 2-3 दिनों में अपने तकिए का कवर बदलना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो इसकी वजह से स्किन में जलन, खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो बेहतर है कि तकिए के कवर को धोने के लिए माइल्ड डिटर्जेंट का यूज करें।
फैब्रिक चेंज करें
अगर आप नियमित रूप से तकिए के कवर बदलते हैं, इसके बावजूद आपकी स्किन पर दाने हो रहे हैं, तो बेहतर है कि तकिए के फैब्रिक पर ध्यान दें। कई कपड़े का फैब्रिक हमारी स्किन के लिए सही नहीं होता है। इसकी वजह से चेहरे पर दाने या कील-मुंहासे की समस्या हो जाती है।
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हाइजीन का ध्यान रखें
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गर्मियों में चेहरे से पसीना और ऑयल काफी ज्यादा निकलता है। इसलिए, नाइट स्किन केयर रूटीन और हाइजीन का पूरा ध्यान रखें। रात को सोने से पहले चेहरे से मेकअप रिमूव करें और फेस को अच्छी तरह धोएं। जरूरी हो, तो माॅइस्चराइजर लगाएं। इससे कील-मुंहासों का जोखिम कम होता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने की बात है कि तकिए के गंदे कवर की वजह से चेहरे पर कील-मुंहासे की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप बेडशीट और तकिए के कवर को समय-समय पर वाॅश करें और अपनी स्किन की भी प्राॅपर केयर करें। हां, अगर आपकी स्किन में किसी और वजह से कील-मुंहासे की समस्या हो रही है, तो डाॅक्टर से संपर्क करें।
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FAQ
क्या तकिए के कवर के कारण होने वाले मुंहासे सामान्य मुंहासों से अलग होते हैं?
हां, इन्हें अक्सर एक्ने मैकेनिका कहा जाता है, जो त्वचा पर घर्षण, गर्मी और गंदगी के जमा होने के कारण होते हैं।पिलोकेस को धोने के लिए किस तरह का डिटर्जेंट सबसे अच्छा है?
बिना खुशबू वाले और माइल्ड डिटर्जेंट का उपयोग करें।
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Current Version
May 15, 2026 14:20 IST
Modified By : Meera Tagore May 15, 2026 14:20 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra