Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

गर्मियों में कील-मुंहासे का कारण कहीं आपके तकिए का कवर तो नहीं? डॉक्टर से समझें कनेक्शन

गर्मियों में कील-मुंहासे का एक बड़ा कारण तकिए का कवर हो सकता है। ऐसा क्यों कहा जा रहा है और इस स्थिति में आप क्या कर सकते हैं, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।

आपने कई बार नोटिस किया होगा कि सही लाइफस्टाइल, रेगुलर एक्सरसाइज, हार्मोनल बैलेंस और खानपान की अच्छी आदतें अपनाने के बावजूद गर्मियों में कील-मुंहासों की समस्या हो जाती है। कई बार हमें समझ नहीं आता है कि ऐसा क्यों हो रहा है? फिर हम इसे अपनी स्किन केयर रूटीन से जोड़कर देखते हैं। असल में, बढ़ता प्रदूषण या स्किन की अच्छी देखभाल न करने की वजह से भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मियों में कील-मुंहासों की समस्या का कारण आपके तकिए का कवर भी हो सकता है? जी, हां! आइए, राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से जानते हैं इनका आपस में क्या कनेक्शन है।

तकिए के कवर के कारण कील-मुंहासे कैसे हो सकते हैं?

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गर्मियों के दौरान, उमस और बढ़ते तापमान के कारण हमारी स्किन में नेचुरल तरीके से अधिक ऑयल और पसीना जनरेट होता है। जब आप सोते हैं, तो स्किन का यह तेल, डेड सेल्स और हेयर प्रोडक्ट्स सीधे तकिए के कवर पर लग जात है। जब आप लगातार कई रातों तक एक ही तकिए पर सोते हैं, तो उसमें चिपकी सभी गंदगी सीधे स्किन के संपर्क में आती है, जिससे चेहरे के स्किन पोर्स बंद हो जाते हैं। इसी वजह से चेहरे पर कील-मुंहासों की समस्या होने लगती है। कभी-कभी तकिए का खराब फैब्रिक भी कील-मुंहासे का कारण बन सकता है।

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तकिए के कवर के कारण हो रहे कील-मुंहासे से कैसे बचें?

कवर को नियमित रूप से धोएं

गर्मियों में बेडशीट और तकिया का कवर समय-समय पर बदलना चाहिए। विशेषकर, जिन लोगों की स्किन ऑयल है, उन्हें हर 2-3 दिनों में अपने तकिए का कवर बदलना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो इसकी वजह से स्किन में जलन, खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो बेहतर है कि तकिए के कवर को धोने के लिए माइल्ड डिटर्जेंट का यूज करें।

फैब्रिक चेंज करें

अगर आप नियमित रूप से तकिए के कवर बदलते हैं, इसके बावजूद आपकी स्किन पर दाने हो रहे हैं, तो बेहतर है कि तकिए के फैब्रिक पर ध्यान दें। कई कपड़े का फैब्रिक हमारी स्किन के लिए सही नहीं होता है। इसकी वजह से चेहरे पर दाने या कील-मुंहासे की समस्या हो जाती है।

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हाइजीन का ध्यान रखें

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गर्मियों में चेहरे से पसीना और ऑयल काफी ज्यादा निकलता है। इसलिए, नाइट स्किन केयर रूटीन और हाइजीन का पूरा ध्यान रखें। रात को सोने से पहले चेहरे से मेकअप रिमूव करें और फेस को अच्छी तरह धोएं। जरूरी हो, तो माॅइस्चराइजर लगाएं। इससे कील-मुंहासों का जोखिम कम होता है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने की बात है कि तकिए के गंदे कवर की वजह से चेहरे पर कील-मुंहासे की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप बेडशीट और तकिए के कवर को समय-समय पर वाॅश करें और अपनी स्किन की भी प्राॅपर केयर करें। हां, अगर आपकी स्किन में किसी और वजह से कील-मुंहासे की समस्या हो रही है, तो डाॅक्टर से संपर्क करें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या तकिए के कवर के कारण होने वाले मुंहासे सामान्य मुंहासों से अलग होते हैं?

    हां, इन्हें अक्सर एक्ने मैकेनिका कहा जाता है, जो त्वचा पर घर्षण, गर्मी और गंदगी के जमा होने के कारण होते हैं।
  • पिलोकेस को धोने के लिए किस तरह का डिटर्जेंट सबसे अच्छा है?

    बिना खुशबू वाले और माइल्ड डिटर्जेंट का उपयोग करें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 15, 2026 14:20 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 15, 2026 14:20 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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