जिन कपल्स के बीच अच्छे सेक्शुअल रिलेशनशिप होते हैं, उनका वैवाहिक जीवन बहुत सुखद होता है। हालांकि, कई बार खराब स्वास्थ्य, तनाव या काम के बोझ के चलते सेक्शुअल रिलेशनशिप पर असर पड़ता है। कई बार आपने यह भी देखा होगा कि यौन संबंध बनाने के दौरान गुप्तांगों में जलन या इचिंग की समस्या हो जाती है। ज्यादातर कपल्स इसकी वजह को नहीं समझ पाते हैं और कुछ दिनों के लिए यौन संबंध बनाने से पूरी तरह बचते हैं। क्या आप जानते हैं कि इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए? आखिर सेक्स के दौरान जलन क्यों हो रही है, इसका कारण जानना जरूरी है। आइए, मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
सेक्स के दौरान जलन होने के कारण
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लुब्रिकेशन की कमी
सेक्स के दौरान गुप्तांग में जलन होने की सबसे मुख्य कारण लुब्रिकेशन में कमी का होना होता है। इसका मतलब है कि गुप्तांग में ड्राइनेस होने के कारण यौन संबंध बनाते हुए दर्द का एहसास हो सकता है और प्रभावित हिस्से की त्वचा छिल सकती है। ऐसे में जलन और दर्द भी हो सकता है। ऐसा अक्सर अपर्याप्त फोरप्ले, तनाव या हार्मोनल परिवर्तन (जैसे स्तनपान, मेनोपॉज) के कारण होता है।
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संक्रमण
अगर किसी को गुप्तांग में यीस्ट इन्फेक्शन, बैक्टीरियल वेजिनोसिस, यौन संचारित संक्रमण या एलर्जिक रिएक्शन होता है, तो इसकी वजह से खुजली, सूजन और जलन पैदा हो सकती है। वैसे तो डाॅक्टर इस तरह की स्थिति में यौन संबंध बनाने से मना करते हैं। अगर कोई जबरन ऐसे में सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाता है, तो उन्हें जलन, दर्द और इचिंग हो सकती है, जो कि वक्त के साथ और बिगड़ सकती है। यहां तक कि स्वस्थ पार्टनर को भी यह समस्या हो सकती है।
स्किन कंडीशन
कई ऐसी स्किन कंडीशन होती हैं, जो कि गुप्तांग को प्रभावित करती हैं। इसमें लाइकेन स्क्लेरोसस (जो स्कारिंग और संकुचन का कारण बन सकता है) या जननांग क्षेत्र में सोरायसिस जैसी स्थितियां होना शामिल हैं। कई ऑटोइम्यून स्किन कंडीशंस होती हैं, जिन्हें सिर्फ मैनेज किया जा सकता है। पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता है। इस तरह की स्थिति में भी सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाने के दौरान तकलीफ हो सकती है।
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शारीरिक कारण
शारीरिक कारणों में त्वचा का फटना या फिशर होना शामिल है, जिससे जलन महसूस होती है। वुल्वोडिनिया (Vulvodynia) जैसी स्थिति में योनि द्वार के आसपास लंबे समय तक दर्द बना रहता है। इसके अलावा, पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन के कारण पेल्विक एरिया की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा सख्त हो जाती हैं, जिससे सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाने के दौरान तेज दर्द और असहजता का सामना करना पड़ता है।
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निष्कर्ष
कई ऐसी मेडिकल कंडीशन होती हैं, जिसमें सेक्शुअल रिलेशनशिप के दौरान जलन या इचिंग की समस्या हो जाती है। अगर किसी के साथ ऐसा हो, तो उन्हें इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके कारणों को जानकर डाॅक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाएं। इसके अलावा, अगर कोई महिला मेनोपाॅज (रजोनिवृत्ति) के दौर से गुजर रही है, तो वे यौन संबंध बनाने से पहले लुब्रिकेंट का उपयोग कर सकती हैं, जिससे फ्रिक्शन में आसानी होगी और ड्राइनेस की समस्या दूर होगी।
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FAQ
क्या जलन होने पर किसी भी लुब्रिकेंट का उपयोग करना सुरक्षित है?
नहीं, सबसे पहले यह जानें कि जलन की समस्या क्यों हो रही है? जलन या एलर्जी होने की स्थिति में सुगंधित या फ्लेवर्ड लुब्रिकेंट्स के इस्तेमाल से बचें।क्या सेक्स के दौरान कंडोम यूज करने से भी जलन हो सकती है?
हां, कई लोगों को कंडोम बनाने में इस्तेमाल होने वाले लेटेक्स (latex) से एलर्जी होती है, जिससे जलन और खुजली हो सकती है। लेटेक्स एक प्राकृतिक रबर है, जो रबर के पेड़ों से मिलने वाले तरल पदार्थ से बनाया जाता है।
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May 12, 2026 13:44 IST
Modified By : Meera Tagore May 12, 2026 13:44 IST
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Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale