पहली बार अंतरंग संबंध बनाते हुए कई महिलाओं को हल्का दर्द महसूस होता है, जो कि सामान्य है और भविष्य में यह समस्या अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि, कई महिलाएं ऐसी हैं, जो इंटिमेसी के दौरान अक्सर दर्द की शिकायत करती हैं। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या हर बार यौन संबंध बनाते हुए दर्द होना सामान्य है या यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत है? आइए, जानते हैं वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से।
क्या इंटिमेसी के दौरान दर्द होना सामान्य है?
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इंटिमेसी यानी यौन संबंध बनाते के दौरान दर्द होना बिल्कुल सही नहीं है और न ही इसे नॉर्मल समझा जाना चाहिए। इस संबंध में डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "लड़कियों में पहली बार यौन संबंध बनाने में हो रहा दर्द सामान्य हो सकता है, लेकिन हर बार दर्द का एहसास हो, तो इसे हल्के में न लें। इसे किसी भी मायने में सामान्य न समझें। यौन संबंध बनाते समय हो रहे दर्द को डिस्पेयरूनिया कहा जाता है। अगर किसी महिला को हर बार यौन संबंध बनाते हुए दर्द, हो तो डाॅक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। यह किसी गंभीर बीमारी या किसी मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकता है।"
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इंटिमेसी के दौरान दर्द होने के कारण
1. वैजिनिस्मस
Healthdirect की मानें, तो यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें योनि के आसपास की मांसपेशियां अपने आप बहुत ज्यादा सिकुड़कर टाइट हो जाती हैं। ऐसे में महिला के लिए यौन संबंध बनाना काफी मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर उन महिलाओं के साथ यह समस्या अधिक होती है, जिन महिलाओं में यौन संबंध को लेकर किसी तरह का डर या चिंता होती या फिर पिछला कोई बुरा अनुभव शामिल होता है।
2. योनि में सूखापन
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Healthdirect के अनुसार योनि में सूखापन वह समस्या होती है, जब वजाइना में लुब्रिकेशन की कमी उसके मानक स्तर से कम हो जाता है। आमतौर पर मेनोपॉज के बाद महिलाओं को वजाइनल ड्राईनेस की समस्या अधिक होती है। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "वजाइनल ड्राईनेस के साथ महिलाओं के लिए यौन संबंध बनाना काफी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यही कारण है कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं को यौन संबंध स्थापित करने से पहले लुब्रिकेशन का उपयोग करना चाहिए।"
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3. वजाइनल इंफेक्शन
Mayo Clinic की मानें, तो वजाइनल इंफेकशन या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने की स्थिति में यौन संबंध बनाने पर महिला को दर्द महसूस हो सकता है। नेशनल लाइब्रेरी आॅफ मेडिसिन की मानें, तो वजाइनल यीस्ट इंफेक्श्न की वजह से अक्सर महिलाओं को हल्के पीले या सफेद रंग का डिस्चार्ज निकल सकता है। हालांकि, हर महिला में वजाइल डिस्चार्ज का रंग अलग-अलग हो सकता है, जैसे गाढ़ा-थक्केदार या बिल्कुल फटे हुए दूध या पनीर (छेने) की तरह। यीस्ट इंफेक्शन होने पर महिलाओं को दर्द हो सकता है। वहीं, अगर पेशाब की नली में सूजन आ जाए, तब भी संभोग के दौरान दर्द महसूस होता है।
4. लाइकेन स्क्लेरोसस
लाइकेन स्केलेरोसिस एक पुरानी और लंबे समय तक चलने वाली सूजन संबंधी स्थिति है। यह आमतौर पर महिलाओं के जननांग के बाहरी हिस्से में होती है। लाइकेन स्क्लेरोसस एक ऐसी समस्या है, जो महिलाओं के रोजमर्रा की जिंदगी को काफी हद तक प्रभावित करती है। इसका असर उनकी सेक्शुअल लाइफ पर भी पड़ता है। साल 2014 में Journal of Women's Health में प्रकाशित शोध के अनुसार, स्वस्थ महिलाओं की तुलना में लाइकेन स्क्लेरोसस बीमारी से पीड़ित महिलाएं दर्द और असहजता के कारण सहज तरीके से यौन संबंध नहीं बना पाती हैं।’
5. अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
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कई ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जो महिलाओं के लिए यौन संबंध को काफी हद तक दर्द भरे एहसास में बदल देती हैं। इसमें एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉएड और पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज जैसी बीमारियां शामिल हैं। इसके अलावा, गर्भाशय का खिसकना या योनि के आसपास चोट लगने की वजह से भी महिला के लिए यौन संबंध बनाना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
निष्कर्ष
अगर किसी भी मलिहा को यौन संबंध बनाते हुए दर्द होता है, तो यह सही नहीं है। इसका मतलब है कि उन्हें किसी न किसी तरह की परेशानी है और जल्द से जल्दी उन्हें डाॅक्टर के पास जाकर अपना ट्रीटमेंट करवाना चाहिए। आपको बता दें कि कई बार शारीरिक गठन, अपनी बाॅडी इमेज आदि को लेकर महिलाएं असहज हो जाती हैं, जिसकी वजह से वे मानसिक रूप से यौन संबंध बनाने के लिए तैयार नहीं होती हैं। किसी भी तरह की समस्या हो, तो उसे हल्के में न लें। अपनी गायनेकोलाॅजिस्ट से मिलें और अपनी समस्या के विस्तार से समझाएं।
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FAQ
क्या पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपी से यौन संबंध के दौरान होने वाले दर्द से आराम मिलता है?
हां, अगर यौन संबंध के दौरान हो रहा दर्द वैजिनिस्मस के कारण है, तो पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपी बेहद कारगर होती है।क्या ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का लंबे समय तक इस्तेमाल से यौन संबंध पर असर पड़ता है?
हां, अधिक मात्रा में एस्ट्रोजन लेने से योनि के टिशूज पतले और सेंसिटिव हो जाते हैं, जिससे प्राकृतिक लुब्रिकेशन कम हो जाता है। ऐसे में संभोग के दौरान दर्द और जलन का एहसास हो सकता है।
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Jul 31, 2026 18:40 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta