वजाइनल pH लेवल आमतौर पर 3.8 से 4.5 के बीच होता है, जो कि एसिडिक प्रकृति का होता है। वजाइना का pH लेवल संतुलित रहना चाहिए, यह अच्छे बैक्टीरिया को पनपने में मदद करता है। ऐसे में हानिकारक संक्रमण दूर रहते हैं। जब वजाइनल pH का स्तर असंतुलित हो जाता है, तो इसकी वजह से संक्रमण, यूटीआई जैसी कई समस्याएं हो जाती हैं। यहां एक सवाल और मन में उठता है कि क्या वजाइनल pH लेवल बढ़ने पर इसका बुरा असर महिलाओं की सेक्शुअल लाइफ पर भी पड़ता है? आइए, Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं इनके बीच क्या संबंध है?
क्या वजाइनल pH लेवल बढ़ने से सेक्स लाइफ प्रभावित होती है?
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हां, यह सच है कि वजाइनल pH लेवल बढ़ने का सेक्शुअल लाइफ पर गहरा असर पड़ता है, जैसे-
संभोग के दौरान दर्द
pH लेवल बढ़ने की वजह से योनि का नेचुरल लुब्रिकेशन प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ड्राइनेस हो सकती है, जिससे यौन संबंध बनाना दर्दनाक और चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यही नहीं, ड्राइनेस की वजह से जलन और इचिंग जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
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डिस्चार्ज से दुर्गंध आना
योनि से व्हाइट डिस्चार्ज होना नाॅर्मल होता है। यह एक तरह का नेचुरल लुब्रिकेंट है, जो योनि में ड्राइनेस होने से रोकता है। हां, अगर किसी महिला की योनि में pH का स्तर बढ़ जाता है, तो ऐसे में बैक्टीरियल वेजिनोसिस जैसी स्थिति पैदा होती है, जिसमें योनि से मछली जैसी दुर्गंध आने लगती है। यह स्थिति महिला को असुरक्षित महसूस करा सकती है, जिससे वह पार्टनर के करीब जाने में झिझकती है।
बार-बार संक्रमण का खतरा
pH का स्तर बढ़ने की वजह से यीस्ट इंफेक्शन और यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है। नतीजतन, खुजली और सूजन के कारण यौन संबंध बनाना महिला के लिए लगभग मुश्किल और कष्टकारी हो जाता है।
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यौन इच्छा में कमी
जब भी यौन संबंध बनाने के दौरान महिला को तकलीफ होती है, तो सेक्स के प्रति उनकी रुचि अपने आप कम हो जाती है। इसका मतलब है कि अगर महिला की योनि के pH लेवल बढ़ जाता है, तो इसकी वजह से खुजली और कई दिक्कतें हो सकती हैं, जो सेक्स की इच्छा में कमी कर देता है।
निष्कर्ष
योनि एक तरह से सेल्फ क्लीनिंग अंग है। हालांकि, ऐसा तभी संभव हो पाता है, जब pH लेवल संतुलित हो। अगर किसी भी वजह से महिला में वजाइनल pH लेवल बिगड़ जाता है, तो ऐसे में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसमें खुजली, जलन, रैशेज, डिस्चार्ज का बढ़ना आदि। कहने की जरूरत नहीं है कि इसका बुरा असर यौन संबंध पर नजर आता है। इस तरह की स्थिति होने पर महिला को तुरंत डाॅक्टर के पास जाना चाहिए।
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FAQ
क्या असुरक्षित यौन संबंध से योनि का pH बिगड़ सकता है?
हां, ऐसा हो सकता है। असल में, पुरुष का वीर्य (Semen) एल्कलाइन होता है, जो योनि की प्राकृतिक एसिड को अस्थायी रूप से कम कर सकता है।क्या पीरियड्स के दौरान pH लेवल में बदलाव आता है?
हां, मासिक धर्म के दौरान रक्त का pH अधिक होता है, जिससे योनि का वातावरण कम एसिडिक हो जाता है।क्या डाइट के जरिए pH लेवल को सुधारा जा सकता है?
हां, ऐसा संभव है। प्रोबायोटिक्स से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे दही और फर्मेंटेड फूड्स योनि में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे pH संतुलित रहता है।
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May 13, 2026 13:34 IST
Modified By : Meera Tagore May 13, 2026 13:34 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta