Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

शरीर में कोर्टिसोल का लेवल कितना होना चाहिए? डॉक्टर से जानें ज्यादा होने के क्या हैं नुकसान

कोर्टिसोल हार्मोन का नॉर्मल लेवल शरीर के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि, अगर इसका लेवल लगातार बढ़ा रहता है तो इसके कारण बेली फैट, इंसुलिन रेजिस्टेंस, नींद की समस्या आदि परेशानियां हो सकती हैं। 

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वर्तमान में तनाव होना बड़े, बच्चों और बुजुर्गों में एक आम बात बन चुकी है। तनाव का नाम आते ही हमारे दिमाग में कोर्टिसोल आ जाता है। कोर्टिसोल को तनाव हार्मोन के रूप में जाना जाता है। हालांकि, कोर्सिटोल हमारे शरीर का एक अहम हार्मोन होता है, जो शरीर के संतुलन के लिए भी जरूरी होता है। लेकिन, अगर शरीर में इसका लेवल ज्यादा या कम हो जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए, आइए Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि शरीर में कोर्टिसोल का लेवल कितना होना चाहिए और इसके ज्यादा बढ़ने से शरीर में क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं?

कोर्टिसोल क्या है और यह क्या काम करता है?

Dr. Akshay Chugh ने बताया कि जब हम किसी तनाव या खतरे में होते हैं तो हमारा दिमाग शरीर को अलर्ट कर देता है। ऐसे में एड्रेनल ग्लैंड कोर्टिसोल नाम का हार्मोन बनाती है। यह हार्मोन मुश्किल के समय शरीर में कई तरह के बदलाव करता है, जैसे-

  • शरीर को तुरंत एनर्जी देने के लिए ग्लूकोज लेवल को बढ़ाना, ताकि मांसपेशियों को काम करने की ताकत मिल सके।
  • चोट लगने पर दर्द और सूजन को कुछ समय के लिए कम करना या राहत दिलाना।
  • पाचन, इम्युनिटी और प्रजनन तंत्र को कुछ देर के लिए धीमा करना, ताकि शरीर सारा ध्यान उस समय के खतरे या समस्या को कम करने पर फोकस कर सके।

Cleveland Clinic के अनुसार जब तनाव की बात आती है तो लोग कोर्टिसोल के बारे में सोचते हैं, लेकिन यह एक जरूरी हार्मोन है जो आपके शरीर के लगभग हर अंग और टिश्यू पर असर डालता है। कोर्टिसोल ग्लूकोज को कंट्रोल करने, सूजन कम करने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और सोने-जागने के साइकिल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

कोर्टिसोल का सही लेवल क्या होना चाहिए?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, कोर्टिसोल का लेवल समय और उम्र के हिसाब से हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है, जैसे-

दिन के अलग-अलग समय पर कोर्टिसोल लेवल

  • सुबह 6 से 9 बजे शरीर में कोर्टिसोल लेवल सबसे ज्यादा रहता है, ताकि आप उठकर काम कर सकें।
  • दोपहर 4 बजे के आसपास कोर्टिसोल लेवल धीरे-धीपे कम होने लगता है।
  • रात 11 से 12 बजे कोर्टिसोल लेवल सबसे कम हो जाता है ताकि आपको गहरी नींद आ सके।

उम्र और स्थिति के अनुसार कोर्टिसोल लेवल

  • नॉर्मल पुरुष और महिलाओं में सुबह के समय कोर्टिसोल का स्तर संतुलित रहता है।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं में कोर्टिसोल का स्तर 2 से 3 गुना तक बढ़ जाता है, जो कि बिल्कुल नॉर्मल होता है।
  • बच्चों में कोर्टिसोल लेवल बड़ों की तुलना में थोड़ा कम होता है।

कोर्टिसोल से जुड़ी समस्याएं कब शुरू होती है?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि पहले के समय में खतरा या डर सिर्फ कभी-कभार जैसे जंगली जानवर से सामना होने पर आता था। इसलिए, कोर्टिसोल कुछ ही देर के लिए बढ़ता था। हालांकि, आज के समय में काम का तनाव, खराब नींद, दिनभर स्क्रीन देखना और एंग्जायटी कोर्टिसोल के लेवल को 24 घंटे बढ़ाएं रखती हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक होता है।

शरीर में हाई कोर्टिसोल के नुकसान

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि शरीर में कोर्टिसोल लेवल का लगातार बढ़ा हुआ स्तर शरीर में कई बदलाव नजर आ सकते हैं, जैसे-

1. पेट की चर्बी बढ़ना

साल 2025 में Research Journal of Pharmacology and Pharmacodynamics में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, तनाव के कारण शरीर में कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है, जो पेट के आस-पास फैट जमा करता है और ज्यादा कैलोरी वाले फूड्स की क्रैविंग को बढ़ाता है। यह फैट सबसे ज्यादा पेट के अंदरूनी अंगों और चेहरे पर जमा होता है, जिसे मून फेस भी कहते हैं।

2. इंसुलिन रेजिस्टेंस और प्री-डायबिटीज

बढ़ा हुआ कोर्टिसोल लेवल लगातार ब्लड में शुगर लेवल को बढ़ाता है, जिससे पैंक्रियाज को ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है। समय के साथ सेल्स इंसुलन को रिस्पॉन्ड करना बंद कर देती हैं, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। साल 2023 में European Journal of Medical Research में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, कोर्टिसोल शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, इसके साथ ही लिपोलिसिस (फैट का टूटना) और फ्री फैटी एसिड रिलीज को एक्टिव करता है, जो टाइप 2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।

3. रात को नींद न आना 

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि रात को कोर्टिसोल लेवल कम रहना चाहिए। अगर रातके समय यह ज्यादा बढ़ा रहता है तो इसका असर नींद पर पड़ता है। इसके कारण रात को सोने में समस्या सुबह 3 से 4 बजे अचानक घबराहट के साथ आंख खुल जाने की समस्या हो सकती है।

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4. मांसपेशियों का कमजोर होना

साल 2022 में The Journal of Clinical Endocrinology & Metabolism के अनुसार, शरीर में कोर्टिसोल का लेवल लंबे समय तक बढ़ा रहने से बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियां डैमेज हो सकती हैं। इसके कारण मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और उनका साइज कम होने लगता है। इसके कारण हाथों की पकड़ ढीली पड़ जाती है और शरीर में ताकत और लीन मास की कमी होने लगती है।

निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि कोर्टिसोल हमारे शरीर के लिए एक जरूरी हार्मोन है, जिसका नॉर्मल लेवल शरीर को अचानक आने वाले खतरे या दर्द से राहत दिलाने में कुछ हद तक मदद करता है। बल्कि समस्या तब होती है, जब हमारा रूटीन कोर्टिसोल हार्मोन को लगातार एक्टिव रखता है। अगर आपको थकान, बढ़ा हुआ वजन या नींद की समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर की सलाह पर कोर्टिसोल लेवल की जांच करवाएं। सही लाइफस्टाइल और हेल्दी डाइट की मदद से कोर्टिसोल लेवल को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • कोर्टिसोल कम होने का क्या मतलब है?

    कोर्टिसोल कम होने का मतलब होता है कि शरीर में एड्रेनल ग्लैंड द्वारा कोर्टिसोल हार्मोन का निर्माण जरूरत से कम हो रहा है, जिसे हाइपोकोर्टिसोलिज्म कहा जाता है। यह स्थिति एडिसन डिजीज की समस्या की ओर संकेत करती है।
  • कोर्टिसोल अधिक होने पर आपको कैसा महसूस होता है?

    कोर्टिसोल का लेवल ज्यादा होने पर आपको लगातार थकान, ज्यादा तनाव या बेचैनी और पेट या चेहरे पर वजन बढ़ना महसूस होता है।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 24, 2026 20:25 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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