Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

PCOS वाली महिलाओं में खराब नींद कैसे बनती है वजन बढ़ने का कारण? डॉक्टर से समझें विज्ञान

आमतौर पर PCOS वाली महिलाओं में नींद की समस्या होती है, जो उनका वजन बढ़ाने में सहयोग करती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि ऐसा क्यों होता है, तो इस लेख को गौर से पढ़ें।

PCOS एक ऐसी समस्या है, जिसमें महिलाओं के पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। इससे प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। यही कारण है जितना जल्दी संभव हो, PCOS के ट्रीटमेंट की शुरुआत कर देनी चाहिए। PCOS होने पर महिलाओं के चेहरे पर अनचाहे बाल उग आना, पिंपल होना और बार-बार मूड स्विंग्स जैसी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। आपने देखा होगा कि PCOS के कारण महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो कि उनकी नींद को भी बाधित करते हैं। यहां यह सवाल जरूर उठता है कि PCOS वाली महिलाओं में खराब नींद वजन बढ़ाने का करण कैसे बन सकती है? क्या वाकई इनका आपस में कोई कनेक्शन है? आइए, जानते हैं दावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट एवं IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से।

PCOS में खराब नींद से कैसे वजन बढ़ता है?

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इंसुलिन रेजिस्टेंस का बढ़नाः PCOS से पीड़ित महिलाओं के शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की दिक्कत हो जाती है। असल में, PCOS की वजह से हार्मोनल असंतुलन हो जाता है, जिसका असर इंसुलिन रेजिस्टेंस में भी दिखाई देता है। वहीं, अगर किसी महिला की नींद पूरी नहीं होती है, तो इसकी वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जो कि वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है।

घ्रेलिन का एक्टिव होनाः यह भूख बढ़ाने वाला हार्मोन है। आपने देखा होगा कि PCOS से पीड़ित महिलाएं अक्सर रात को अच्छी नींद नहीं ले पाती हैं, क्योंकि उनके शरीर में पहले से ही हार्मोन से संबंधित समस्या होती है। जब महिला रात को अच्छी और गहरी नींद नहीं लेती है, तो इसकी वजह से घ्रेलिन यानी भूख बढ़ाने वाला हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में महिला रात को अक्सर ओवरईटिंग या बेवजह स्नैकिंग करती हैं, जिससे वेट गेन होने लगता है। इस दौरान आमतौर पर महिलाओं को मीठा, कार्बोहाइड्रेट और जंक फूड खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है

कोर्टिसोल का बढ़नाः PCOS होने पर महिलाओं की नींद पूरी नहीं हो पाती है। यह न सिर्फ उनमें भूख वाले हार्मोन का स्तर बढ़ाती है, बल्कि तनाव के स्तर में भी इजाफा करती है। कहने का मतलब है कि महिलाओं में स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। कोर्टिसोल के बढ़ने के कारण पेट के आसपास जिद्दी चर्बी जमा होने लगती है। यह भी महिलाओं में वेट गेन का एक मुख्य कारण है।

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PCOS में खराब नींद के कारण बढ़ रहे वजन को कैसे कंट्रोल करें?

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PCOS में नींद न आने की समस्या होने पर सबसे पहले डाॅक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। इसके अलावा, वजन कंट्रोल करने के लिए यहां बताए गए टिप्स अपनाएं, जैसे-

  1. ओवरईटिंग करने से बचें।
  2. नियमित रूप से हेल्दी स्नैकिंग करें।
  3. रेगुलर वर्कआउट करके अपने वजन को कम किया जा सकता है।
  4. रात को समय पर सोने के लिए बेड पर जाएं, ताकि लेट नाइट ईटिंग से बच सकें।
  5. मेटाबोलिक स्ट्रेस को कम करने के लिए तनाव को मैनेज करें।
  6. अगर वजन बढ़ता जा रहा है, तो बेहतर है कि डाॅक्टर से मिलें।

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निष्कर्ष

PCOS में नींद न आना और उसकी वजह से वजन का बढ़ना, सामान्य लगता है, लेकिन इसे नॉर्मल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जिन महिलाओं को PCOS है, उन्हें अपनी स्थिति का ध्यान रखना चाहिए और नियमित रूप से डाॅक्टर के पास विजिट करना चाहिए। इसके अलावा, जीवनशैली में अच्छे बदलाव करके, सही खानपान की आदतें अपनाकर वजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

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FAQ

  • PCOS में नींद की कमी के कारण मीठा या जंक फूड खाने की क्रेविंग क्यों होती है?

    जब नींद पूरी नहीं होती, तो दिमाग में एनर्जी (ग्लूकोज) की कमी होने लगती है। इसकी आपूर्ति के लिए शरीर में मीठे की क्रेविंग बढ़ जाती है।
  • क्या रात की खराब नींद सीधे तौर पर इंसुलिन को प्रभावित करती है? 

    डॉक्टर बताते हैं कि सिर्फ एक रात की अधूरी नींद भी शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी को प्रभावित कर सकती है।
  • PCOS से पीड़ित महिलाएं अपनी नींद को कैसे सुधारें?

    स्लीप हाइजीन रखें, जैसे तय समय सोने जाएं, सोने से कम से कम 1 घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं और शाम को कैफीन का सेवन न करें।

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 25, 2026 20:19 IST

    Modified By : Meera Tagore
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