भारत समेत दुनिया भर में करोड़ों लोग आज के समय में डायबिटीज से प्रभावित हैं। डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए डॉ.क्टर आमतौर पर बैलेंस डाइट, नियमित दवाएं और फिजिकल एक्टिविटीज पर जोर देते हैं। हालांकि, जब एक्सरसाइज की बात आती है तो ज्यादातर लोग केवल वॉकिंग, योग या कार्डियो वर्कआउट को ही खास मानते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि पैरों की एक्सरसाइज यानी लेग एक्सरसाइज भी डायबिटीज मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाती है। इस लेख में यशोदा अस्पताल, हैदराबाद के कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, डॉ. जयादित्य घोष से जानिए, डायबिटीज के मरीजों के लिए पैरों की एक्सरसाइज के क्या फायदे हैं?
डायबिटीज के मरीजों के लिए पैरों की एक्सरसाइज के फायदे
डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, पैरों की मांसपेशियां शरीर की सबसे बड़ी मसल ग्रुप्स में शामिल होती हैं और इन्हें एक्टिव रखने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में काफी मदद मिल सकती है। यही कारण है कि डायबिटीज मरीजों के लिए लेग एक्सरसाइज विशेष रूप से फायदेमंद मानी जाती है। डॉक्टर ज्यादित्य घोष बताते हैं कि जब हम स्क्वाट्स, लंजेस, लेग प्रेस या तेज वॉक जैसी लेग एक्सरसाइज करते हैं, तो पैरों की मांसपेशियां ज्यादा एनर्जी का उपयोग करती हैं। यह एनर्जी मुख्य रूप से ब्लड में मौजूद ग्लूकोज से प्राप्त होती है। इससे शरीर में अतिरिक्त शुगर का उपयोग बढ़ता है और ब्लड ग्लूकोज लेवल कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। नियमित लेग एक्सरसाइज इंसुलिन की कार्यक्षमता को भी बेहतर बना सकती है, जिससे कोशिकाएं ग्लूकोज को ज्यादा प्रभावी तरीके से ग्रहण कर पाती हैं।
1. इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में सहायक
डायबिटीज के कई मरीज इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या से जूझते हैं। इसका मतलब है कि शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम रिएक्शन देती हैं। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, लेग एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों की सक्रियता बढ़ती है, जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार हो सकता है। जब शरीर इंसुलिन का बेहतर उपयोग करने लगता है, तो ब्लड शुगर का लेवल भी ज्यादा स्थिर रहने लगता है। यही वजह है कि एक्सरसाइज को डायबिटीज मैनेजमेंट की नेचुरल दवा कहा जाता है।
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2. पैरों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर
डायबिटीज मरीजों में अक्सर पैरों में ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होने की समस्या देखी जाती है। इसके कारण पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी और घाव भरने में देरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। नियमित लेग एक्सरसाइज पैरों की नसों और मांसपेशियों को एक्टिव रखती है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है। अच्छा ब्लड सर्कुलेशन डायबिटिक फुट जैसी गंभीर समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है।
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3. वजन घटाने और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद
पैरों की मांसपेशियां शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशियों में शामिल होती हैं। इन्हें एक्टिव करने से ज्यादा कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा नियमित लेग एक्सरसाइज हार्ट हेल्थ को भी बेहतर बनाती है, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करती है और कोलेस्ट्रॉल के लेवल पर पॉजिटिव प्रभाव डाल सकती है।
डायबिटीज मरीज कौन-सी लेग एक्सरसाइज कर सकते हैं?
डॉक्टर ज्यादित्य घोष के अनुसार, डायबिटीज मरीज अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार वॉकिंग, स्क्वाट्स, लंजेस, स्टेप-अप्स, साइक्लिंग और हल्की रेजिस्टेंस ट्रेनिंग जैसी एक्सरसाइज कर सकते हैं। हालांकि जिन लोगों को डायबिटिक न्यूरोपैथी, जोड़ों का दर्द या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें किसी भी नई एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए केवल दवाओं और डाइट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। डॉक्टर ज्यादित्य घोष के अनुसार, नियमित लेग एक्सरसाइज ब्लड शुगर कंट्रोल, इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने, बेहतर ब्लड सर्कुलेशन और वेट मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभा सकती है। यदि इसे बैलेंस डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ जोड़ा जाए, तो डायबिटीज से जुड़ी कई समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
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FAQ
डायबिटीज मरीज कौन-सी एक्सरसाइज कर सकते हैं?
वॉकिंग, स्क्वाट्स, लंजेस, साइक्लिंग, स्टेप-अप्स और हल्की रेजिस्टेंस ट्रेनिंग अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं।क्या एक्सरसाइज इंसुलिन रेसिस्टेंस को कम कर सकती है?
हां, नियमित एक्सरसाइज शरीर की इंसुलिन के प्रति रिएक्शन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।क्या डायबिटीज मरीजों में पैरों की कमजोरी आम है?
हां, लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर नसों और मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है, जिससे पैरों में कमजोरी आ सकती है।
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Jun 24, 2026 13:23 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jun 24, 2026 13:23 IST
Modified By : Akanksha TiwariJun 24, 2026 13:23 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Jayaditya Ghosh