जेस्टेशनल डायबिटीज को हम गर्भकालीन मधुमेह भी कहते हैं। यह अवस्था प्रेग्नेंट महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान पैदा होती है। इसका मतलब है कि प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज होना यानी ब्लड शुगर का स्थिर न होना। वैसे तो यह कोई भयावह स्थिति नहीं है। इसे सही तरह से मैनेज किया जाए, तो प्रेग्नेंसी की जर्नी को आसान बनाया जा सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जेस्टेशनल डायबिटीज मैनेज किया जा सकता है? वैसे भी अगर इसे मैनेज न किया जाए, तो गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर बुरा असर पड़ सकता है। कई महिलाओं का मानना है कि जेस्टेशनल डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए डाइट और एक्सरसाइज काफी होते हैं। तो क्या वाकई यह सच है? आइए, जानते हैं Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से इसकी सच्चाई।
क्या डाइट-एक्सरसाइज से जेस्टेशनल डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है?- Gestational Diabetes Control By Diet And Exercise
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सही डाइट और एक्सरसाइज पूरी प्रेग्नेंसी की जर्नी को आसान बना देता है। इससे गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी अच्छी तरह होता है और डिलीवरी के दौरान होने वाले जोखिम भी कम होते हैं। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या डाइट-एक्सरसाइज से जेस्टेशनल डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है? इस बारे में नेशनल हेल्थ सर्विसेस में प्रकाशित एक लेख से स्पष्ट होता है, "फिजिकल एक्टिविटी की मदद से ब्लड शुगर को संतुलित किया जा सकता है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि जेस्टेशनल डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज महत्वपूर्ण है।" इसी तरह, डाइट की भी जेस्टेशनल डायबिटीज को कंट्रोल करने में अहम भूमिका है। जेस्टेशनल डायबिटीज से गुजर रही महिलाओं को ऐसी चीजें खानी चाहिए, जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो। इससे ब्लड शुगर तेजी से स्पाइक नहीं करता है। हालांकि, प्रेग्नेंट महिलाओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर जेस्टेशनल डायबिटीज सिर्फ एक्सरसाइज और डाइट से कंट्रोल न हो, तो इस संबंध में डॉक्टर से मिलें और अपनी जांच करवाएं।
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जेस्टेशनल डायबिटीज में डाइट-एक्सरसाइज स्ट्रैटेजी
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हेल्दी चीजें खाएंः प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला के लिए यह पहली शर्त होती है कि उन्हें इस सफर के दौरान सभी हेल्दी चीजें खानी हैं। अनहेल्दी चीजें खाने से खुद को रोकना है, सैचुरेटेड फैट नहीं लेना है या सीमित करना और प्रोसेस्ड चीजों से भी पूरी तरह दूरी बनानी है। इस तरह खानपान में हेल्दी विकल्पों को चुनकर आप जेस्टेशनल डायबिटीज को मैनेज कर सकते हैं।
रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी करेंः ACOG (American College of Obstetricians and Gynecologists) की गाइडलाइन के अनुसार, "हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज सुनिश्चित तौर पर करें। इसे 30-30 मिनट के 5 सेशंस में बांटा जा सकता है।" इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी इंप्रूव होती है और ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में भी मदद मिलती है।
आराम करने का समय सीमित रखेंः वैसे तो प्रेग्नेंसी में हर महिला को पर्याप्त रेस्ट करना चाहिए। गर्भ में पल रहे शिशु के ग्रोथ के लिए यह बहुत जरूरी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाएं जानबूझकर मूवमेंट से बचती हैं यानी कोई भी फिजिकल एक्टिविटी नहीं करती हैं। यह कंडीशन भी ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा सकता है। हर प्रेग्नेंट महिला के लिए जरूरी है कि वे सीमित मात्रा में मूवमेंट जरूर करें।
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निष्कर्ष
जेस्टेशनल डायबिटीज को कंट्रोल करना बहुत जरूरी होता है। इसका जिक्र हमने पहले भी किया है। अगर आप जेस्टेशनल डायबिटीज को कंट्रोल नहीं करते हैं, तो इसकी वजह से गर्भ में पल रहे शिशु का विकास बाधित होता है और भविष्य में उसे शुगर से संबंधित बीमारी का जोखिम भी बना रहता है। आप अच्छी डाइट और एक्सरसाइज की मदद से इसे कंट्रोल कर सकते हैं। हां, अगर रेगुलर एक्सरसाइज और डाइट लेने के बावजूद आप जेस्टेशनल डायबिटीज को कंट्रोल न कर सकें, तो इस संबंध में डॉक्टर से मिलने में देरी न करें। वे आपको कुछ दवाएं देंगे, जो आपकी कंडीशन को कंट्रोल करने में मदद करेंगे।
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FAQ
क्या वर्कआउट करने से जेस्टेशनल डायबिटीज में मदद मिलती है?
ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए वर्कआउट एक बेहतरीन तरीका है। विशेषज्ञ कहते हैं कि हर रोज एक्सरसाइज करने से ब्लड शुगर को पर पॉजिटिव असर पड़ता है।क्या डायबिटीज रिवर्स हो सकती है?
अगर आप अच्छी लाइफस्टाइल, खानपान की अच्छी आदतें और रेगुलर एक्सरसाइज करते हैं, तो इसकी वजह से ब्लड शुगर को संतुलित किया जा सकता है। कई बार सही जीवनशैली से इसे मैनेज करना मुश्किल होता है, तब डॉक्टर की मदद लेनी पड़ती है। डायबिटीज को कभी भी इग्नोर न करें। लंबे समय तक ब्लड शुगर से जुड़ी परेशानी हो, तो इसकी वजह से धुंधली नजर, कमजोर वेन्स आदि समस्याएं होने लगती हैं।कौन सी एक्सरसाइज ब्लड शुगर को सबसे तेज कम करती है?
आमतौर पर साइक्लिंग, वॉकिंग जैसे लाइट एक्सरसाइज ब्लड शुगर को बैलेंस करने में मददगार साबित होते हैं।
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Current Version
Jan 14, 2026 10:05 IST
Modified By : Meera Tagore Jan 14, 2026 10:05 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta