हमारे देश में डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ डायबिटीज को एक वैश्विक समस्या मान चुका है। हालांकि, सही खानपान और संतुलित जीवनशैली की मदद से डायबिटीज के खतरे को टाला जा सकता है। इसके बावजूद, काम का प्रेशर, खानपान की बदलती आदतों ने डायबिटीज के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 7.7 करोड़ (77 मिलियन) लोग डायबिटीज (टाइप 2) से पीड़ित हैं और करीब 2.5 करोड़ (25 मिलियन) लोग प्री-डायबिटिक (डायबिटीज की शुरुआती स्थिति) हैं। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि इसे मैनेज कैसे किया जा सकता है? कुछ लोग फर्मेंटेड फूड्स का सेवन करते हैं। माना जाता है कि इससे ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है। सवाल है, फर्मेंटेड फूड किस तरह ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है? आइए, Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से समझते हैं इसके विज्ञान को।
फर्मेंटेड फूड्स ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कैसे मदद करते हैं?
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फर्मेंटेड फूड में मौजूद बैक्टीरिया और यीस्ट, कार्बोहाइड्रेट और शुगर को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं। यही प्रक्रिया डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है-
आंतों के लिए फायदेमंदः फर्मेंटेड फूड्स प्रोबायोटिक्स यानी गुड बैक्टीरिया से भरपूर होते हैं। ये बैक्टीरिया हमारी आंतों के माइक्रोबायोम को संतुलित करते हैं। हेल्दी गट इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाती है, जिससे शरीर ग्लूकोज का सही इस्तेमाल कर पाता है और ब्लड शुगर का स्तर तेजी से स्पाइक नहीं होता है।
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लो ग्लाइसेमिक इंडेक्सः फर्मेंटेड फूड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसलिए, जब हम इस तरह के खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं, तो बहुत धीमी गति से पचते हैं। नतीजतन, खून में ग्लूकोज का रिसाव धीमी गति से होता है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस: आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया शॉर्ट-चेन फैटी एसिड का उत्पादन करते हैं। ये फैटी एसिड लिवर और मांसपेशियों में इंसुलिन फंक्शन में सुधार करते हैं। जब इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है, तो ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।
सूजन में कमीः विशेषज्ञों की मानें, तो टाइप-2 डायबिटीज का एक बड़ा कारण शरीर में अंदरूनी सूजन होना भी है। फर्मेंटेड फूड्स में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व शरीर की सूजन को कम करते हैं, जिससे पैनक्रियाज की इंसुलिन बनाने वाली सेल्स बेहतर काम कर पाती हैं।
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निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि फर्मेंटेड फूड का सेवन करने से आंतों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, पाचन तंत्र में सुधार होता है और आंतों में गुड बैक्टीरिया भी बने रहते हैं। ये तमाम चीजें शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकती हैं। इसीलिए, हम कह सकते हैं कि फर्मेंटेड फूड्स की मदद से ब्लड शुगर को स्पाइक होने से रोका जा सकता है। फर्मेंटेड फूड्स के रूप में आप प्लेन दही, छाछ या घर पर तैयार फर्मेंटेड फूड्स का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि फर्मेंटेड फूड शुगर कंट्रोल करने की दवा नहीं है। इसलिए, इसे दवा के विकल्प के तौर पर नहीं समझना चाहिए। अगर ब्लड शुगर संतुलित नहीं है, तो इस संबंध में डाॅक्टर से संपर्क करना न भूलें।
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FAQ
क्या डायबिटीज के मरीज इडली और डोसा जैसे फर्मेंटेड फूड्स खा सकते हैं?
हां, फर्मेंटेशन के कारण चावल का स्टार्च कम हो जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट चावल की जगह सूजी से बने इडली-डोसा का सेवन करने की सलाह देते हैं।ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए सबसे अच्छा फर्मेंटेड फूड कौन सा है?
प्लेन दही को सबसे अच्छा फर्मेंटेड फूड माना जाता है। इनमें प्रचुर मात्रा में लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया होते हैं, जो शुगर को नियंत्रित करते हैं।क्या फर्मेंटेड फूड्स खाने से शुगर की दवाइयां बंद हो सकती हैं?
फर्मेंटेड फूड्स शुगर की दवा का विकल्प नहीं है। अगर किसी को शुगर की दवा रोजाना लेनी पड़ती है, तो उन्हें ये दवा नियमित रूप से लेनी चाहिए।
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May 20, 2026 19:32 IST
Modified By : Meera Tagore May 20, 2026 19:32 IST
Modified By : Meera TagoreMay 20, 2026 19:32 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dt Divya Gandhi