इंसुलिन हमारे शरीर के लिए एक बहुत जरूरी हार्मोन है, जो खाने से मिलने वाली शुगर को एनर्जी में बदलने में मदद करता है। जब शरीर इस हार्मोन का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता है तो इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या पैदा होती है। इंसुलिन के सही तरह से रिस्पॉन्स न कर पाने के कारण टाइप 2 डायबिटीज और PCOS जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि सही खान-पान और कुछ खास फूड्स की मदद से इंसुलिन रिस्पॉन्स में सुधार किया जा सकता है। इसलिए, आप कुछ खास फूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
इंसुलिन रिस्पॉन्स को बेहतर बनाने के लिए 5 फूड्स
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, मरीजों को दवाओं के साथ-साथ ऐसी डाइट फॉलो करनी चाहिए, जो उनके सेल्स को एक्टिव कर सके और इंसुलिन रिस्पॉन्स को नेचुरल तरीके से सुधार सके। इसलिए, आप अपनी डाइट में इन फूड्स को शामिल कर सकते हैं।
1. मेथी दाना
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी समस्या होने पर सुबह खाली पेट मेथी का पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करता है।
साल 2023 में International Journal of Molecular Sciences में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, मेथी में पाए जाने वाले डायोसजेनिन और 4-OH-Ile हमारे शरीर में इंसुलिन के काम को बेहतर बनाने में मदद करते हैं और उसे बाहर निकलने का काम करते हैं, जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। हालांकि, इसमें मौजूद फाइबर (गैलेक्टोमैनन) पेट में खाना पचने के दौरान शुगर और फैट को रक्त में मिलने से रोकता है।
मेथी का सेवन कैसे करें?
इंसुलिन रेजिस्टेंस को ठीक करने में मेथी का सेवन फायदेमंद होता है, इसे खाने के लिए आप 1 चम्मच मेथी दाना रातभर पानी में भिगोकर रखें, अगली सुबह इसका पानी पी लें और दाने को चबाकर खा लें।
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2. दालचीनी
दालचीनी सीधे सेल्स के इंसुलिन रिसेप्टर्स पर काम करती है। यह सेल्स को इंसुलिन को लेकर ज्यादा सेंसिटिव बनाती है, जिससे ग्लूकोज ब्लड से निकलकर सेल्स में आसानी से चला जाता है।
साल 2023 में Diabetology & Metabolic Syndrome में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, दालचीनी, इंसुलिन के काम करने के तरीके को बेहतर बना सकती है, इसमें मौजूद तत्व पॉलीफेनॉल शरीर के अंदर इंसुलिन के काम करने के तरीके को तेज कर देते हैं। इस कारण हमारे सेल्स ग्लूकोज को आसानी से एब्जॉर्ब कर पाते हैं और शुगर कंट्रोल में रहता है।
दालचीनी का सेवन कैसे करें?
ब्लड में इंसुलिन रिस्पॉन्स को बेहतर रखने के लिए दालचीनी का सेवन फायदेमंद है। इसका सेवन करने के लिए आप दिन में आधा चम्मच गुनगुने पानी या चाय में मिलाकर पी सकते हैं।
3. हरी पत्तेदार सब्जियां और ब्रोकली
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकली में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है। हमारे शरीर को इंसुलिन का सही इस्तेमाल करने के लिए मैग्नीशियम की बहुत जरूरत होती है। ब्रोकली में मौजूद सल्फोराफेन इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में बहुत मददगार होता है।
सब्जियों का सेवन कैसे करें?
हरी पत्तेदार सब्जियों और ब्रोकली का सेवन आप सलाद, सूप या सब्जी के रूप में कर सकते हैं।

4. सेब का सिरका
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आप भारी और कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने जा रहे हैं तो उससे पहले सेब का सिरका लेना आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। यह पेट खाली होने के प्रोसेस को धीमा कर सकता है और इंसुलिन रिस्पॉन्स को 20 से 30 प्रतिशत तक सुधार देता है।
साल 2025 में Frontiers in Nutrition में प्रकाशित सिस्टमैटिक रिव्यू के अनुसार, एप्पल साइडर विनेगर को डाइट में शामिल करने से वो भी खाली पेट ब्लड शुगर और HbA1c लेवल को सही तरीके से कम करने में प्रभावी होता है। इसके सेवन से इंसुलिन का लेवल बढ़ता है, फिर भी शुगर कंट्रोल करने के लिए रोजाना 10 मिलीलीटर से ज्यादा मात्रा में इसका सेवन फायदेमंद साबित होता है।
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एप्पल साइडर विनेगर का सेवन कैसे करें?
ब्लड शुगर लेवल को नॉर्मल रखने और इंसुलिन रिस्पॉन्स के लिए आप 1 गिलास पानी में 1 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर खाने से 15 मिनट पहले पी सकते हैं।
5. ओमेगा-3
शरीर में होने वाली पुरानी सूजन इंसुलिन रेजिस्टेंस का एक बड़ा कारण हो सकता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करते हैं, जिससे सेल्स इंसुलिन को लेकर ज्यादा रिएक्शन देने लगती हैं।
साल 2023 में Life Journal में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, ओमेगा 3 मोटापे और उससे जुड़े मेटाबोलिक डिजीज को बढ़ने से रोकने में फायदेमंद हो सकता है। इस रिसर्च में बताया गया है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस और सूजन के बीच गहरा कनेक्शन होता है। ओमेगा-3 में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं जैसे इंसुलिन रेजिस्टेंस और मोटापे को कम करने में मदद कर सकते हैं।
ओमेगा-3 का सेवन कैसे करें?
ओमेगा 3 से भरपूर अलसी के बीज, अखरोट और फैटी फिश आदि का सेवन आप अपनी डाइट में बढ़ा सकते हैं।
इंसुलिन रिस्पॉन्स में सुधार करने के लिए डॉक्टर की सलाह
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि इंसुलिन रिस्पॉन्स में सुधार करने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें-
- जब भी खाना खाएं, सबसे पहले सलाद, सब्जी, फिर दाल, पनीर, अंडा और आखिर में रोटी या चावल खाएं। फूड सीक्वेंसिंग की मदद से भोजन के बाद इंसुलिन का स्पाइक 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
- रात के खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें। इसके स्थान पर आप 10 से 15 मिनट वॉक करें। इससे आपकी मांसपेशियां बिना इंसुलिन की मदद के ब्लड में शुगर एब्जॉर्ब कर लेती है।
- सूरज ढलने के बाद हमारे शरीर का इंसुलिन रिस्पॉन्स धीमा हो जाता है। इसलिए, आप रात 8 बजे से पहले खाना खाने की कोशिश करें।
निष्कर्ष
डाइट में सही फूड्स को शामिल करना इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने का एक नेचुरल तरीका है। इसलिए, आप अपनी रूटीन में मेथी दाना, दालचीनी, हरी पत्तेदार सब्जियां, ओमेगा-3 रिच फूड्स और एप्पल साइडर विनेगर शामिल कर सकते हैं।
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FAQ
इंसुलिन शरीर में क्या काम करता है?
शरीर में इंसुलिन का काम ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना है। यह शरीर के सेल्स को ब्लड से ग्लूकोज को अवशोषित करने में मदद करता है, ताकि इसका इस्तेमाल एनर्जी के रूप में किया जा सके।इंसुलिन की कमी से कौन सा रोग होता है?
इंसुलिन की कमी से डायबिटीज हो सकता है। इससे ब्लड शुगर लेवल बहुत तेज बढ़ता है।
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Jul 25, 2026 16:00 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jul 25, 2026 16:00 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh