Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

डायबिटीज रोगियों के लिए मैग्नीशियम से भरपूर 10 फूड्स

मैग्नीशियम एक जरूरी म‍िनरल है जो मांसपेश‍ियों, हड्ड‍ियों की मजबूती, एनर्जी, हार्ट हेल्‍थ वगैरह के ल‍िए जरूरी माना जाता है। अगर शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में मैग्नीशियम है, तो मेटाबॉल‍िज्‍म को संतुलि‍त रखने में मदद म‍िलती है। डायब‍िटीज के मरीजों के ल‍िए मैग्नीशियम एक खास न्‍यूट्र‍िएंट है जो शुगर लेवल मेनटेन करने में मदद करता है। 

डायब‍िटीज में मैग्नीशियम को एक खास पोषक तत्‍व के तौर पर देखा जाता है। यह ब्‍लड शुगर लेवल और इंसुलि‍न के काम को प्रभाव‍ित कर सकता है। मैग्नीशियम की मदद से इंसुल‍िन के प्रभाव को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। कुछ स्‍टडीज यह भी बताती हैं क‍ि मैग्नीशियम का सेवन करने से फास्‍ट‍िंग ब्‍लड ग्‍लूकोज और एचबीए1सी लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। कुछ एक्‍सपर्ट्स यह भी बताते हैं क‍ि मैग्नीशियम का सेवन करने से टाइप 2 डायब‍िटीज का खतरा कम हो सकता है। इस लेख में हम समझेंगे क‍ि डायब‍िट‍िक मरीजों के ल‍िए मैग्नीशियम क्‍यों जरूरी होता है? साथ ही आपको बताएंगे क‍ि डायब‍िट‍िक मरीज मैग्नीशियम के ल‍िए क‍िन फूड्स का सेवन कर सकते हैं?

डायबिटीज रोगियों के ल‍िए क्‍यों जरूरी है मैग्नीशियम?- Why Magnesium Is Necessary For People With Diabetes

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Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि मैग्नीशियम न केवल शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद करता है, बल्‍क‍ि यह ब्‍लड प्रेशर, हार्ट हेल्‍थ, मेटाबॉल‍िक हेल्‍थ को भी बनाए रखने में मदद करता है। डायब‍िटि‍क मरीजों को इसे अपनी हेल्‍दी डाइट का ह‍िस्‍सा बनाना चाह‍िए।

  • National Library Of Medicine की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, मैग्नीशियम शुगर कंट्रोल करता है, ब्‍लड प्रेशर को स्‍थ‍िर रखता है और बेहतर ल‍िप‍िड प्रोफाइल के ल‍िए भी मैग्नीशियम का सेवन फायदेमंद है।
  • Science Direct की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, मैग्नीशियम सप्‍लीमेंट लेने से टाइप 2 डायब‍िटीज मरीजों में ग्‍लाइसेमि‍क कंट्रोल को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। इससे फास्‍ट‍िंग ब्‍लड शुगर कंट्रोल होती है।
  • American Diabetes Association की एक स्‍टडी के मुता‍ब‍िक, ज‍िन लोगों ने मैग्नीशियम का सेवन क‍िया उनमें ग्‍लूकोज मेटाबॉल‍िज्‍म खराब होने का खतरा 37 प्रत‍िशत तक कम था।

1. पालक- Spinach

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पालक में मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। आधा कप पके हुए पालक में करीब 78 एमजी मैग्नीशियम होता है। पालक में मैग्नीशियम के साथ-साथ आयरन की भी भरपूर मात्रा होती है। पालक में फाइबर, एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं इसल‍िए इससे ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद म‍िल सकती है।

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2. फल- Fruits

डायबिटीज में फलों का सेवन फायदेमंद माना जाता है। कई ऐसे फल हैं, जो मैग्नीशियम से भरपूर माने जाते हैं। जैसे केला। एक केलेमें 32 एमजी मैग्नीशियम होता है, एक छोटे पपीते में करीब 33 एमजी मैग्नीशियम होता है वहीं एक कप ब्‍लैकबेरी में करीब 29 एमजी मैग्नीशियम पाया जाता है।

3. सब्‍ज‍ियां- Vegetables

शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा को बढ़ाना है, तो हरी सब्‍ज‍ियां खाएं। आधा कप हरी मटर में करीब 30 एमजी मैग्नीशियम होता है, वहीं आलू में करीब 45 एमजी मैग्नीशियम पाया जाता है। सब्‍ज‍ियों में फाइबर और फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं ज‍िससे ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

4. नट्स और सीड्स- Nuts And Seeds

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डायबिटीज में मैग्नीशियम र‍िच चीजों का सेवन करने का सबसे अच्‍छा तरीका है नट्स और सीड्स को अपनी डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं। नट्स और सीड्स में मैग्नीशियम, प्रोटीन, फाइबर, हेल्‍दी फैट्स और म‍िनरल्‍स होते हैं जो डायब‍िट‍िक मरीजों के ल‍िए फायदेमंद हैं। 50 ग्राम की मात्रा के आधार पर च‍िया सीड्स में करीब 165 एमजी, बादाम में 190 एमजी, काजू में 135 एमजी, कद्दू के बीज में 320 एमजी, अलसी के बीज में 125 एमजी मैग्नीशियम पाया जाता है।

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5. लो फैट डेयरी प्रोडक्‍ट्स- Low Fat Dairy Products

एक कप नॉन फैट दूध में करीब 25 एमजी मैग्नीशियम होता है। वहीं प्‍लेन दही की बात करें, तो 250 ग्राम दही में करीब 44 एमजी मैग्नीशियम होता है। लो फैट डेयरी प्रोडक्‍ट्स में प्रोटीन और अन्‍य पोषक तत्‍व पाए जाते हैं ज‍िससे डायब‍िट‍ीज में मेटाबॉल‍िक हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िल सकता है।

6. फलियां- Legumes

डायब‍िट‍िक मरीज डाइट में राजमा, चना और मसूर जैसी फल‍ियों को शाम‍िल कर सकते हैं। इनमें मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। 100 ग्राम फल‍ियों से करीब 70 से 120 एमजी मैग्नीशियम म‍िल सकता है। फल‍ियों में फाइबर होता है जो डायब‍िटीज में लेना फायदेमंद है।

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7. ओट्स- Oats

डायब‍िटीज में ओट्स का सेवन फायदेमंद माना जाता है। इसमें बीटा-ग्‍लूकन फाइबर होता है जो पाचन को धीमा करता है ज‍िससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। ओट्स फाइबर और मैग्नीशियम का अच्‍छा स्रोत माना जाता है। 100 ग्राम ओट्स में करीब 130 एमजी मैग्नीशियम होता है।

8. क्विनोआ- Quinao

क्विनोआ एक प्रकार का साबुत अनाज है ज‍िसमें मैग्नीशियम और प्रोटीन दोनों मौजूद होते हैं। 100 ग्राम क्विनोआ में करीब 65 एमजी मैग्नीशियम होता है। इसका सेवन करने से डायब‍िटीज में शरीर को एनर्जी म‍िलती है और शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

9. शकरकंद- Sweet Potato

शकरकंद में फाइबर, व‍िटाम‍िन ए और मैग्नीशियम मौजूद होता है। 100 ग्राम शकरकंद में करीब 25 एमजी मैग्नीशियम होता है। यह शुगर मरीजों के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है। कई लोग इसे आलू के हेल्‍दी विकल्‍प के तौर पर खाते हैं।

10. जौ- Barley

जौ में सॉल्‍यूबल फाइबर और मैग्नीशियम मौजूद होता है। 100 ग्राम जौ में करीब 130 एमजी मैग्नीशियम होता है। इसमें मौजूद बीटा-ग्‍लूकन की मदद से पाचन को धीमा करने में मदद म‍िलती है। डाइट एक्‍सपर्ट्स शुगर के मरीजों को अक्‍सर गेहूं की जगह जौ जैसे अनाज को डाइट में शाम‍िल करने की सलाह देते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

पालक, फल, सब्‍ज‍ियां, पालक, नट्स और सीड्स, लो फैट डेयरी प्रोडक्‍ट्स, फल‍ियां, ओट्स, क्विनोआ, शकरकंद, जौ जैसे मैग्नीशियम र‍िच फूड्स का सेवन डायब‍िट‍ीज में करना फायदेमंद हो सकता है। अपनी डाइट और सेहत के मुताब‍िक, एक्‍सपर्ट की सलाह के साथ इनका सेवन करें। National Library of Medicine की स्‍टडीज से पता चलता है कि‍ ये सभी फूड्स डायब‍िटि‍क मरीजों की सेहत को बेहतर बना सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 06, 2026 17:27 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Mar 06, 2026 17:27 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
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