Tue Oct 6, 2026 | 04:50 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

इंसुलिन रेजिस्टेंस में नाश्ते में क्या खाएं? डाइटीशियन से जानें 5 फूड्स

इंसुलिन रेजिस्टेंस में सही नाश्ता शरीर में ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में मदद कर सकता है। यहां डाइटीशियन से जानिए, नाश्ते में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट वाले कौन से फूड्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
इंसुलिन रेजिस्टेंस में नाश्ते में क्या खाएं? डाइटीशियन से जानें 5 फूड्सइंसुलिन रेजिस्टेंस में नाश्ते में क्या खाएं? डाइटीशियन से जानें 5 फूड्स

अगर आपको इंसुलिन रेजिस्टेंस है, तो दिन की शुरुआत में क्या खाते हैं, इसका असर पूरे दिन की भूख, एनर्जी और ब्लड शुगर के लेवल पर पड़ सकता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि नाश्ते में पोहा, पराठा, ओट्स, अंडा, दही या फल में से क्या खाना बेहतर है? जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, नाश्ते में क्या खाना चाहिए, यह व्यक्ति की उम्र, वजन, फिजिकल एक्टिविटी, दवाओं और ब्लड शुगर के लेवल के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए इंटरनेट पर बताए गए किसी एक भोजन को सभी के लिए सही मानना सही नहीं है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस में नाश्ते में क्या खाएं?

डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने पर नाश्ते में ऐसे फूड्स को प्राथमिकता देने की सलाह देती हैं जिसमें प्रोटीन, फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर कार्बोहाइड्रेट शामिल हों। केवल मीठे या रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाला नाश्ता ब्लड शुगर पर ज्यादा असर डाल सकता है।

1. बेसन या मूंग दाल का चीला

डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि नाश्ते में बेसन या मूंग दाल का चीला इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या में एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें सब्जियां जैसे पालक, प्याज, टमाटर, पत्ता गोभी और शिमला मिर्च मिलाकर फाइबर और पोषक तत्व बढ़ाए जा सकते हैं। इसे दही के साथ लिया जा सकता है।

2. अंडे और सब्जियां

अगर आप अंडा खाते हैं तो उबले अंडे या कम तेल में बना वेजिटेबल ऑमलेट नाश्ते में शामिल कर सकते हैं। डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि अंडे प्रोटीन का सोर्स हैं और इन्हें पालक, टमाटर, मशरूम जैसी सब्जियों के साथ लेने से नाश्ता ज्यादा बैलेंस बन सकता है। डायबिटीज के लिए मील प्लान बनाते समय प्रोटीन और नॉन-स्टार्ची सब्जियों को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।

3. ओट्स

डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, इंसुलिन रेजिस्टेंस में ओट्स खाए जा सकते हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा चीनी, शहद या मीठे फ्लेवरिंग के साथ लेने से बचना बेहतर है। ओट्स में फाइबर होता है और इसे दूध या बिना चीनी वाले दही, कुछ नट्स और बीजों के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। ओट्स जैसे साबुत अनाज को रिफाइंड अनाज की तुलना में बेहतर कार्बोहाइड्रेट विकल्प माना जाता है।

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4. ग्रीक योगर्ट और नट्स

डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि बिना चीनी वाला ग्रीक योगर्ट प्रोटीन का अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें बादाम, अखरोट, चिया या अलसी जैसे बीज और थोड़ी मात्रा में ताजे फल मिलाए जा सकते हैं। प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का संयोजन पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है।

5. अंकुरित मूंग

डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि अंकुरित मूंग में प्लांट प्रोटीन और फाइबर मिलता है। इसे खीरा, टमाटर, प्याज और नींबू के साथ सलाद की तरह खाया जा सकता है। जिन लोगों को अंकुरित मूंग पचता नहीं है वे इसे हल्का उबालकर भी खा सकते हैं।

साल 2025 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित स्टडी से पता चलता है कि ज्यादा वजन वाले कई बच्चे और किशोर रोजाना नाश्ता छोड़ देते हैं, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है। यह बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए नाश्ता करने के महत्व को दर्शाता है। इसके अलावा, लड़कियों में लड़कों की तुलना में नाश्ता छोड़ने की आदत ज्यादा देखी गई। इसलिए, हेल्दी खान-पान को बढ़ावा देने के लिए बच्चों की उम्र और लिंग के हिसाब से खास कदम उठाने की जरूरत है, ताकि उनकी मेटाबोलिक हेल्थ बेहतर रह सके।

नाश्ते में किन चीजों से बचें?

डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन सलाह देती हैं कि इंसुलिन रेजिस्टेंस में नाश्ते के तौर पर मीठे सीरियल, शक्कर वाली चाय-कॉफी, मीठे जूस, पेस्ट्री, डोनट्स, बिस्कुट और ज्यादा रिफाइंड आटे से बने फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इनकी जगह कम प्रोसेस्ड, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर विकल्प चुनना बेहतर रहता है।

साल 2022 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित Editorial के अनुसार, शाकाहारी और वीगन डाइट लेने वाले लोगों के हाई ब्लड स्टैंडर्ड्स बेहतर होते हैं। अपने खान-पान में पौधों से मिलने वाले फूड्स की मात्रा बढ़ाना और पशु-आधारित प्रोडक्ट्स को कम करना, शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को घटाता है। इससे प्री-डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है।

निष्कर्ष

इंसुलिन रेजिस्टेंस में नाश्ता छोड़ना या कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। बेसन चीला, अंडे, ओट्स, बिना चीनी वाला योगर्ट, अंकुरित मूंग जैसे विकल्प रोजमर्रा की डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, आपकी उम्र, वजन, ब्लड शुगर, दवाओं और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार मात्रा अलग हो सकती है। इसलिए सही डाइट प्लान के लिए रजिस्टर्ड डाइटीशियन या डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही है।

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FAQ

  • क्या इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुबह फल खा सकते हैं?

    इंसुलिन रेजिस्टेंस में साबुत फल का सेवन कर सकते हैं। फलों में मौजूद फाइबर के कारण यह फलों के जूस की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है।
  • क्या इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुबह खाली पेट चाय पीना ठीक है?

    इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या में सुबह खाली पेट चाय पीने से परहेज करना चाहिए।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 20, 2026 18:05 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain