पीरियड्स के दौरान खान-पान का सीधा असर महिलाओं के शरीर पर पड़ता है। इस समय महिलाओं के पेट में होने वाला दर्द, ऐंठन और मूड स्विंग्स से राहत पाने के लिए सही डाइट अपनाना बहुत जरूरी है। पीरियड के दौरान महिलाओं के लिए पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और हार्मोनल असंतुलन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। वहीं, कुछ ऐसी भी चीजें हैं, जिन्हें खाने से पीरियड क्रेम्प्स बढ़ने के साथ कई समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए, आइए दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए।
पीरियड्स के दौरान क्या खाएं?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि महिलाओं में अक्सर यह सवाल रहता है कि पीरियड्स में क्या खाना चाहिए जिससे दर्द कम हो सके। ऐसे में आप कुछ फूड्स का सेवन कर सकते हैं, जो क्रैम्प्स को कम करने या उन्हें बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
1. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों का साग और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन, फोलेट, मैग्नीशियम और कई विटामिन से भरपूर होती हैं। पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग के कारण शरीर में आयरन की जरूरत बढ़ सकती है। इसलिए, भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करना फायदेमंद होता है।
2. मौसमी फल
सेब, केला, संतरा, अमरूद, पपीता और अन्य मौसमी फल शरीर को विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और नेचुरल एनर्जी देने का काम करते हैं। इनमें मौजूद पानी और पोषक तत्व शरीर को हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करते हैं। फल खाने से मीठा खाने की क्रेविंग भी मैनेज हो सकती है।
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3. दालें और बीन्स
मसूर, मूंग, चना, राजमा और अन्य दालें प्रोटीन, आयरन और फाइबर से भरपूर होते हैं। ये लंबे समय तक पेट भरा रखने और शरीर को एनर्जी देने में मदद मिलती है। इन्हें रोजाना संतुलित मात्रा में आप बेहतर तरीके से अपने खाने में शामिल कर सकते हैं।
साल 2024 में Journal of Ayurveda and Integrative Medicine में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, पीरियड के शुरुआती 3 दिनों के दौरान मूंग दाल का सूप और जौ का दलिया खाने से पीएमएस के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।
4. साबुत अनाज
ओट्स, ब्राउन राइस, बाजरा ज्वार, रागी और साबुत गेहूं जैसे अनाज फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं। ये धीरे-धीरे शरीर को एनर्जी देते हैं और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
5. डार्क चॉकलेट
कम मात्रा में अच्छी क्वालिटी वाली डार्क चॉकलेट का सेवन फायदेमंद हो सकता है। इसमें मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह पीरियड्स के दौरान मीठा खाने की क्रेविंग को कंट्रोल करने में बी मदद कर सकती है। हालांकि, ज्यादा मात्रा में चॉकलेट खाना सही नहीं माना जाता है।
साल 2025 में Nutrients में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, रोजाना डार्क चॉकलेट का सेवन करने से महिलाओं के पीरियड साइकिल के पहले और पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द में काफी कमी आती है। यह असर दर्द कम करने वाली दवाओं की तरह प्रभावी पाया गया है।
6. नट्स और सीड्स
बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, चिया सीड्स और अलसी जैसे ड्राई फ्रूट्स और बीज हेल्दी फैट, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्वों के अच्छे सोर्स होते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में स्नैक के रूप में लिया जा सकता है।
7. दही और प्रोबायोटिक फूड्स
दही जैसे प्रोबायोटिक फूड्स पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं। दही में कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होता है। अगर किसी व्यक्ति को डेयरी प्रोडक्ट से परेशानी होती है तो उसके अनुसार आप प्रोबायोटिक के अन्य विकल्प चुन सकते हैं।

पीरियड्स के दौरान किन चीजों से बचें?
साल 2018 में BMC Womens Health जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, स्नैक्स डाइट पैटर्न का ज्यादा सेवन करने से युवा महिलाओं में पीरियड्स के दौरान मध्यम से गंभीर दर्द का खतरा बढ़ जाता है। इन फूड्स में शुगर, नमकीन स्नैक्स, मिठाइयां और डेसर्ट, चाय और कॉफी, नमक, फलों का जूस और ज्यादा फैट का सेवन शामिल है।
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि पीरयड्स के दौरान महिलाओं को कुछ चीजों को खाने से बचना चाहिए, जो क्रैम्प्स को बढ़ा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
1. प्रोसेस्ड फूड
चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड स्नैक्स और ज्यादा नमक वाले फूड्स का सेवन कम करना पीरियड्स के दौरान बेहतर होता है। इनमें नमक, अनहेल्दी फैट और अन्य एडिटिव्स ज्यादा हो सकते हैं, जो कुछ लोगों में सूजन और असुविधा को बढ़ा सकते हैं।
2. कैफीन वाले ड्रिंक
चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक में कैफीन होता है। ज्यादा कैफीन का सेवन कुछ लोगों में बेचैनी, नींद की समस्या या पेट से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए, इसका सेवन सीमित रखना बेहतर होता है।
3. ज्यादा मीठे स्नैक्स
केक, पेस्ट्री, कैंडी और अन्य बहुत ज्यादा मीठे फूड्स थोड़े समय के लिए आपके शरीर में एनर्जी को बढ़ा सकते हैं, लेकिन बाद में थकान महसूस हो सकती है। इसलिए, इनकी जगह आप फल या थोड़ी मात्रा में डार्क चॉकलेट खा सकते हैं।
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4. तले हुए फूड्स
समोसे, पकौड़े, फ्रेंच फ्राइज आदि जैसे तले हुए फूड्स पीरियड्स के दौरान पाचन से जुड़ी परेशानी और ब्लोटिंग की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए, पीरियड्स के दौरान हल्का और संतुलित भोजन लेना बेहतर माना जाता है।
5. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
सोडा और अन्य कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में अक्सर ज्यादा चीनी होती है और कुछ लोगों में गैस या ब्लोटिंग की समस्या बढ़ सकती है। इनके बजाय पानी, नारियल पानी या बिना चीनी वाले ड्रिंक्स बेहतर विकल्प होते हैं।
6. बहुत मसालेदार भोजन
बहुत ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन कुछ लोगों में एसिडिटी, पेट दर्द या पाचन से जुड़ी परेशानी को बढ़ा सकता है। इसलिए, इस दौरान हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन चुनना उपयोगी हो सकता है।
7. आर्टिफिशियल स्वीटनर
कुछ लोगों को आर्टिफिशियल स्वीटनर फूड्स से गैस, पेट फूलने या पाचन से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए, इनका सेवन सीमित रखना और नेचुरल रूप से कम मीठे विकल्प चुनना बेहतर हो सकता है।
निष्कर्ष
पीरियड्स के दौरान किसी एक फूड पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार लेना बहुत जरूरी है। हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज, नट्स, सीड्स और दही जैसे पौष्टिक फूड्स शरीर को जरूरी पोषण दे सकते हैं। वहीं, बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड, तला हुआ, मीठा और कैफीन से भरपूर फूड्स सीमित करना बेहतर होता है।
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FAQ
पीरियड्स में क्रैम्प्स से राहत पाने के लिए क्या पीना चाहिए?
पीरियड्स के दौरान हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी है। इसलिए, आप पुदीने की चाय, अदरक की चाय, कैमोमाइल टी या गुनगुना पानी पीने से पेट की मांसपेशियों को आराम मिल सकता है और ब्लोटिंग की समस्या कम हो सकती है।क्या पीरियड्स में कैफीन का सेवन करना चाहिए?
पीरियड्स के दौरान कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में कॉफी या चाय पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे पेट में ऐंठन और एंग्जायटी की समस्या बढ़ सकती है।
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Aug 20, 2026 12:17 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra