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पीरियड्स में एक्सरसाइज करना सही या गलत? जानिए गायनेकोलॉजिस्ट की राय

पीरियड्स के दौरान हल्की से मध्यम एक्सरसाइज करना महिलाओं के लिए सुरक्षित और फायदेमंद मानी जाती है। इससे पीरियड क्रैम्प्स, मूड स्विंग्स और थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं।

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पीरियड्स के दौरान महिलाओं के मन में अक्सर कई तरह के सवाल रहते हैं। खासकर, जब बात फिटनेस और एक्सरसाइज की आती है। पीरियड्स के दौरान महिलाएं इस बात को लेकर कंफ्यूज रहती हैं कि उन्हें एक्सरसाइज करना चाहिए या नहीं। इस समय महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव, क्रैम्प्स, थकान और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं आम हैं। इस कारण ज्यादातर महिलाएं पूरी तरह आराम करना पसंद करती हैं। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida का कहना है कि पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज न करने को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं फैली हुई हैं, लेकिन एक्सरसाइज करना अक्सर महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या पीरियड्स में वर्कआउट करना सुरक्षित है?

Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि पीरियड्स के दौरान हल्की से मध्यम एक्सरसाइज करना न सिर्फ महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित होता है, बल्कि यह पीरियड क्रैम्प्स और मरोड़ को कम करने में भी काफी मददगार साबित होता है। वर्कआउट करने से शरीर में ब्लीडिंग पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता है, बल्कि सही एक्सरसाइज से पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।

साल 2025 में BMC Womens Health जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पीरियड्स के लक्षणों से जूझ रही महिलाओं के पूरे शरीर की मजबूती, लचीलेपन, संतुलन और एरोबिक एक्सरसाइज करने से लक्षणों को कम करने, नींद की गुणवत्ता में सुधार करने और थकान कम करने में मदद मिल सकती है।

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पीरियड्स में एक्सरसाइज करने के फायदे

Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, पीरियड्स में एक्सरसाइज करने से आपको ये फायदे हो सकते हैं-

1. पीरियड क्रैम्प्स और पेट दर्द में राहत

पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करने से शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है, जिसे नेचुरल पेनकिलर माना जाता है। यह गर्भाशय की मांसपेशियों के खिंचाव और दर्द को कम करता है।

2. मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ेपन से आराम

एंडोर्फिन और सेरोटोनिन हार्मोन्स का लेवल बढ़ने से पीरियड्स के दौरान होने वाला तनाव, गुस्सा और उदासी से दूर होती है।

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3. पेट फूलने में कमी

पसीना निकलने और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होने से शरीर में जमा ज्यादा पानी और गैस बाहर निकलती है, जिससे पेट का भारीपन या ब्लोटिंग की समस्या कम होती है।

4. थकान और सुस्ती कम होना

पीरियड्स के दौरान हल्की शारीरिक गतिविधि से शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ता है, जिससे दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहती है।

पीरियड्स में कौन सी एक्सरसाइज करें और किससे बचें?

Dr.(Prof.) Anju Suryapani पीरियड्स के दिनों के हिसाब से महिलाओं को एक्सरसाइज चुनने की सलाह देती हैं, जैसे-

दिन   कौन सी एक्सरसाइज करें? किन एक्सरसाइज से बचें?
शुरुआती 1-2 दिन  वॉकिंग, हल्का योग, हल्की स्ट्रेचिंग हैवी वेट लिफ्टिंग, हाई-इंटेंसिटी कार्डियो, पेट पर जोर देने वाले क्रंचेस
3-5 दिन  लाइट जॉगिंग, साइकलिंग, पिलेट्स, एरोबिक्स ज्यादा थका देने वाली वर्कआउट या बिना सही फॉर्म के भारी वजन उठाना

वर्कआउट करते समय किन बातों से बचना चाहिए?

Dr.(Prof.) Anju Suryapani के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान वर्कआउट करते समय इन बातों का ध्यान रखें-

  • पीरियड्स के दौरान शीर्षासन या सर्वांगासन जैसे उलटे होने वाले योगासनों को करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे वैस्कुलर कंजेशन और असुविधा बढ़ सकती है।
  • अगर आपको ज्यादा दर्द, ऐंठन या कमजोरी महसूस हो रही है तो जबरदस्ती वर्कआउट करने से बचें। आराम करना भी रिकवरी का हिस्सा होता है।
  • वर्कआउट के दौरान और बाद में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों की ऐंठन न हो।
  • वर्कआउट के तुरंत बाद कपड़े बदलें और पैड, टैम्पोन, मेन्स्ट्रुअल कप बदलें, ताकि पसीने और नमी से इंफेक्शन या रैशेज का खतरा न हो।
  • वर्कआउट के दौरान बहुत टाइट कपड़े पहनने से बचें ताकि ब्लड फ्लो सही बना रहे।

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पीरियड्स में एक्सरसाइज कब न करें?

Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि अगर पीरियड्स के दौरान आपको कुछ समस्याएं होती हैं तो तुरंत एक्सरसाइज करना बंद कर देना चाहिए और डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए-

  • ज्यादा ब्लीडिंग होना
  • चक्कर आना,
  • आंखें चुंधियाना
  • ज्यादा उल्टी या जी मिचलाना
  • पेल्विक हिस्से या पेट के निचले हिस्से में तेज और बहुत तेज दर्द होना

निष्कर्ष

Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि पीरियड्स कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक नॉर्मल बायोलॉजिकल प्रक्रिया है। खुद को पूरी तरह बिस्तर पर आराम करने के लिए छोड़ देने की जगह हल्की वॉक या योग करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। अगर आपकी पीरियड साइकिल के दौरान बहुत ज्यादा दर्द या हैवी फ्लो रहता है तो यह एंडोमेट्रियोसिस या फाइब्रॉएड का लक्षण हो सकता है, जिसकी जांच करवाना जरूरी है।
Image Credit: Freepik 

FAQ

  • क्या एक्सरसाइज करने से पीरियड्स के दर्द से राहत मिल सकती है?

    हां, हल्की एक्सरसाइज करने से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जिसे फील-गुड हार्मोन कहा जाता है। यह नेचुरल तरीके से दर्द को कम करता है और मूड स्विंग्स के साथ पेट दर्द से भी राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
  • क्या पीरियड्स के दिनों में जिम जाना बंद कर देना चाहिए?

    पीरियड्स के दौरान जिम जाना पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं होता है। बस इतना ध्यान रखना जरूरी है कि आप अपनी क्षमता के हिसाब से अपने रूटीन में बदलाव करें और हैवी एक्सरसाइज या ट्रेनिंग करने से बचें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 19, 2026 11:29 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

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