Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr M V Jyothsna , Consultant Obstetrician & Gynaecologist

पीरियड्स की डेट से पहले हो रहे हैं क्रैम्प्स? कैसे जानें यह ओव्यूलेशन का दर्द है या कोई दूसरी समस्या

पीरियड्स से पहले क्रैम्प्स ओव्यूलेशन का दर्द भी हो सकता है, लेकिन अगर दर्द तेज या असामान्य हो तो यह हार्मोनल असंतुलन का संकेत भी हो सकता है।

पीरियड से पहले पेट के निचले हिस्से में होने वाला दर्द या क्रैम्प्स महिलाओं में एक आम समस्या बन चुकी है। कई बार यह दर्द हल्का और अस्थायी होता है, जबकि कुछ मामलों में यह काफी तेज और असहज भी हो सकता है। अक्सर महिलाएं यह समझ नहीं पातीं कि यह दर्द ओव्यूलेशन के कारण हो रहा है या किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत है। सही जानकारी न होने के कारण चिंता बढ़ जाती है और कई बार महिलाएं बिना सोचे समझे दवाएं भी ले लेती हैं। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद की कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना से जानिए, पीरियड्स की डेट से पहले होने वाले क्रैम्प्स ओव्यूलेशन का दर्द है या कोई दूसरी समस्या है?

पीरियड्स की डेट से पहले होने वाले क्रैम्प्स का कारण

डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, शरीर के संकेतों को सही तरीके से समझकर ही इसके कारण का अनुमान लगाया जा सकता है। ओव्यूलेशन क्रैम्प्स की दिक्कत आमतौर पर पीरियड से लगभग 10-16 दिन पहले होती है, जब अंडाशय से अंडा रिलीज होता है। डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना बताती हैं कि यह दर्द अक्सर हल्का से मध्यम होता है और एक तरफ महसूस होता है। यह दर्द कुछ घंटों से लेकर 1-2 दिनों तक रह सकता है। इसके साथ हल्का ब्लोटिंग या सफेद डिस्चार्ज भी देखा जा सकता है। यदि दर्द बहुत ज्यादा नहीं है और हर महीने लगभग एक ही समय पर होता है, तो यह ओव्यूलेशन क्रैम्प्स हो सकता है।

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यदि पीरियड से पहले होने वाला दर्द तेज, लगातार और असहनीय हो, तो यह किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है। डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, एंडोमेट्रियोसिस, पीसीओएस, फाइब्रॉइड या पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज जैसी स्थितियों में भी क्रैम्प्स हो सकते हैं। इसके अलावा, यदि दर्द के साथ तेज बुखार, असामान्य ब्लीडिंग, बदबूदार डिस्चार्ज या पेशाब में दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

सामान्य और असामान्य क्रैम्प्स में फर्क कैसे करें?

सामान्य ओव्यूलेशन क्रैम्प्स हल्के, अस्थायी और हर महीने एक पैटर्न में होते हैं। वहीं, असामान्य क्रैम्प्स अचानक शुरू हो सकते हैं, ज्यादा तेज हो सकते हैं और रोजमर्रा के काम में बाधा डाल सकते हैं। डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, दर्द का समय और साथ में दिखने वाले अन्य लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है। यदि दर्द लगातार बढ़ रहा हो या पैटर्न बदल रहा हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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cramps before due period

साल 2023 में StatPearls की Bookshelf में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मिटलश्मेर्ज (Mittelschmerz) यानी ओव्यूलेशन का दर्द, महिलाओं में पीरियड्स के बीच (7वें से 24वें दिन) होने वाला एक सामान्य पेट दर्द है। यह फर्टिलिटी एज की लगभग 40% महिलाओं को हर महीने प्रभावित करता है, जो पीरियड्स शुरू होने के कुछ सालों बाद शुरू होता है। यह दर्द हल्का या बहुत तेज हो सकता है, जो उसी तरफ महसूस होता है जिस तरफ अंडा विकसित हो रहा हो। यह दर्द शरीर में LH हार्मोन बढ़ने के कारण होता है। LH हार्मोन बढ़ने से अंडाशय की मांसपेशियों में खिंचाव और संकुचन (contraction) होता है, जिससे यह दर्द पैदा होता है।

डॉक्टर की सलाह

अनियमित खानपान, तनाव, नींद की कमी और फिजिकल एक्टिविटी की कमी हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकती है, जिससे पीरियड से पहले दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना, योग और बैलेंस डाइट क्रैम्प्स को कम करने में मदद कर सकती है। डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से हार्मोनल बैलेंस बेहतर होता है और दर्द कम हो सकता है। यदि हर महीने दर्द बहुत ज्यादा हो, समय के साथ बढ़ता जाए या सामान्य दवाओं से भी आराम न मिले, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। अल्ट्रासाउंड और हार्मोन टेस्ट से सही कारण का पता लगाया जा सकता है।

निष्कर्ष

पीरियड से पहले होने वाले क्रैम्प्स कई बार ओव्यूलेशन का सामान्य हिस्सा होते हैं, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, दर्द की प्रकृति, समय और अन्य लक्षणों को समझना बेहद जरूरी है। यदि कोई असामान्य संकेत दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय समय पर डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है। सही जानकारी और देखभाल से इस समस्या को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

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FAQ

  • क्या तनाव से पीरियड क्रैम्प्स बढ़ सकते हैं?

    तनाव हार्मोनल असंतुलन बढ़ाकर पीरियड्स के दौरान दर्द बढ़ा सकता है।
  • क्या पीसीओएस से क्रैम्प्स हो सकते हैं?

    हां, पीसीओएस में हार्मोनल बदलाव से दर्द पीरियड्स के दौरान दर्द हो सकता है।
  • क्रैम्प्स कम करने के घरेलू उपाय क्या हैं?

    मेडिटेशन, हल्की एक्सरसाइज,गर्म सिकाई, पर्याप्त पानी और बैलेंस डाइट क्रैम्प्स कम करने में मदद कर सकती है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 30, 2026 14:08 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 30, 2026 14:08 IST

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