Fri Sep 11, 2026 | 09:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

PCOS का आपकी सेक्स लाइफ पर कैसे असर पड़ता है?

PCOS सेक्स लाइफ को कई तरह से प्रभावित करता है। चूंकि, PCOS की वजह से पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं, हार्मोनल असंतुलन होने लगता है। ऐसे में वजाइनल ड्राईनेस और इंटरकोर्स के दौरान दर्द जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी PCOS न केवल महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि इसका उनकी सेक्स लाइफ पर भी गहरा असर पड़ता है। दरअसल, शरीर में होने वाले हार्मोनल असंतुलन, जैसे एंड्रोजन की अधिकता और इंसुलिन रेजिस्टेंस, अक्सर लिबिडो में कमी का कारण बनते हैं। साथ ही, अनियमित मासिक धर्म, वजन का बढ़ना और शरीर पर अनचाहे बालों जैसे लक्षणों के कारण महिलाएं बॉडी इमेज को लेकर परेशान हो जाती हैं, जिससे उनकी सेक्शुअल हेल्थ और अंतरंग संबंधों पर असर पड़ता है। इस लेख में इन्हीं बातों को और विस्तार से जानेंगे। इनकी पुष्टि के लिए लेख में तरह तरह के वैज्ञानिक तथ्यों का जिक्र किया गया है, जिनकी पुष्टि खुद Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता ने की है।

PCOS में हार्मोनल असंतुलन सेक्स लाइफ को कैसे प्रभावित करता है?

How does PCOS affect your sexual life 00

2020 में Sexual Medicine Journal में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार PCOS का यौन जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। इस स्टडी में सामने आया कि PCOS से पीड़ित 50 फीसदी से अधिक महिलाएं सेक्शुअल डिसफंक्शन यानी यौन रोग का अनुभव कर सकती हैं। इसमें उन्हें कई तरह परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कामेच्छा में कमी, उत्तेजना के स्तर में कमी और इसी अध्ययन में यह बात भी साबित होती है कि PCOS की वजह से महिलाओं को यौन संबंध बनाते हुए दर्द यानी डिस्पेरूनिया (Dyspareunia) और असहजता भी होती है, जिससे यौन संबंध के प्रति महिलाओं में अरुचि बढ़ जाती है।

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PCOS सेक्स लाइफ को कैसे प्रभावित करता है?

डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार PCOS सेक्स लाइफ को कई तरह से प्रभावित करता है, जैसे-

  • लिबिडो में कमीः जिन महिलाओं को PCOS है, उनमें सेक्स ड्राइव में कमी होने लगती है। असल में, PCOS की वजह से महिलाओं को बार-बार मूड स्विंग और शारीरिक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। साथ ही, PCOS हार्मोन में भी असंतुलन का बड़ा कारण बनता है। ऐसे में महिलाओं में यौन संबंध के प्रति रुचि कम होने लगती है।

  • कॉन्फिडेंस में कमीः जैसा कि आप जानते ही हैं कि PCOS के कारण मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्या हो सकती है और यह इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा, कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन और हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसके साथ-साथ यह भावनात्मक स्तर पर भी असर डालता है। जैसे PCOS की वजह से मुंहासे, मोटापा और एंड्रोजेनिक एलोपेसिया आदि समस्याएं हो सकती हैं। नतीजतन, महिलाएं बॉडी इमेज और लुक्स को लेकर परेशान होने लगती हैं, जिसकी वजह से सेक्शुअल इंटिमेसी से दूर रहने की कोशिश करती हैं।

  • लुब्रिकेशन से जुड़ी समस्याः चूंकि यह साबित हो चुका है कि जिन महिलाओं को PCOS है, उनमें लो लिबिडो के कारण सेक्शुअल अराउजल से संबंधित समस्या हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि PCOS की वजह से महिलाओं को लुब्रिकेशन की कमी भी झेलनी पड़ती है। लुब्रिकेशन की कमी होने की वजह से यौन संबंध स्थापित करते हुए योनि में दर्द होना और चोट लगने का रिस्क बढ़ जाता है। यह तथ्य भी सेक्शुअल रिलेशनशिप के प्रति महिलाओं में उदासीनता को बढ़ाता है।

  • साइकोलॉजिकल प्रभावः PCOS जैसी कंडीशन को मैनेज करना अक्सर महिलाओं के लिए तनाव और अवसाद से घिरा हुआ होता है। 2023 में Human Reproduction जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि लगभग 51.5 फीसदी PCOS पीड़ित महिलाओं में यौन संबंध को लेकर मानसिक तनाव बना होता है। दरअसल, यह बात भी हमें स्वीकार करनी होगी कि PCOS की वजह से महिलाओं में इंफर्टिलिटी बढ़ जाती है, जो उन्हें मानसिक रूप से सेक्शुअल गतिविधियों से दूर करती है।

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PCOS में सेक्शुअल लाइफ को कैसे बेहतर बनाएं?

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  • डॉक्टर से मिलेंः PCOS की वजह से महिलाओं में यौन संबंध प्रभावित हो, तो सबसे पहले डॉक्टर से मिलना और अपनी प्रॉपर जांच कराना जरूरी होता है। आमतौर पर PCOS में सेक्शुअल लाइफ को बेहतर करने के लिए हार्मोनल बैलेंसिंग ट्रीटमेंट, जैसे बर्थ कंट्रोल पिल ली जाती है। इससे PCOS के लक्षणों को मैनेज करने में मदद मिलती है। 

  • लाइफस्टाइल में करें बदलावः PCOS होने पर महिलाओं को अपनी जीवनशैली में जरूरी बदलाव करने चाहिए, जैसे नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, बैलेंस्ड डाइट लें और वजन को बढ़ने न दें। ऐसा करके न सिर्फ PCOS के लक्षणों में कमी आती है, बल्कि महिलाओं का सेल्फ एस्टीम भी बढ़ता है, जो उनके यौन संबंध में सुधार करने में भी सहायक है।

  • काउंसलर की मदद लेंः PCOS की वजह से मोटापा, चेहरे पर अनचाहे बाल और कील-मुंहासों का बढ़ना। इसके साथ-साथ इंफर्टिलिटी का शिकार होना। इस तरह की स्थिति में महिलाओं के लिए मानसिक चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं। अगर कोई महिला मेंटली इनके साथ डील नहीं कर पा रही हैं, तो बेहतर है कि वे काउंसलर की मदद लें। जरूरी हो तो आप कपल थेरेपी भी ले सकते हैं।

  • लुब्रिकेशन बढ़ाएं: PCOS में हार्मोनल असंतुलन योनि के सूखेपन का मुख्य कारण बनता है। इसे दूर करने और सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए खुद को हाइड्रेटेड रखें। इसके लिए दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इसके अलावा अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड (जैसे अलसी के बीज, अखरोट और मछली) और फाइटोएस्ट्रोजेन युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे सोया और तिल) शामिल करें, जो हार्मोन संतुलन में मदद करते हैं। आप डॉक्टर की सलाह पर वॉटर-बेस्ड लुब्रिकेंट का उपयोग भी कर सकती हैं।

कब जाएं डॉक्टर के पास

जब PCOS की वजह से महिलाओं की सेक्शुअल लाइफ प्रभावित होती है, तो उन्हें गायनेकोलॉजिस्ट या एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। यहां हम आपको बता रहे हैं कि डॉक्टर के पास जाने का सही समय क्या है-

  • जब यौन संबंध के बारे में सोचते ही तनाव होने लगे, तो एक्सपर्ट से मिलें। 
  • यौन संबंध बनाते हुए हार्मोनल बदलाव के कारण वजाइनल ड्राईनेस, असहजता बढ़ने पर।
  • PCOS की वजह से वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल आना या एक्ने के कारण महिलाओं को अवसाद या गहरा तनाव हो सकता है।
  • ऐसा महसूस हो, तो डॉक्टर से मिलें। जब गर्भधारण करने के दबाव में यौन संबंध बनाना केवल काम जैसा महसूस होने लगे।
  • PCOS की दवा लेने जैसे बर्थ कंट्रोल पिल आदि लेने की वजह से लिबिडो में कमी होने पर।

निष्कर्ष

PCOS एक गंभीर समस्या है और इसके लिए समय पर महिलाओं को अपना ट्रीटमेंट करवाना चाहिए। PCOS के लक्षण जैसे चेहरे पर बाल उगना, कील-मुंहासे होना, अचानक वजन तेजी से बढ़ना आदि महिलाओं को मानसिक रूप से गहराई तक परेशान करते हैं। ऐसे में महिलाओं को यौन संबंध बनाने से जुड़ी कई तरह  की समस्याएं होने लगती हैं और इंटरकोर्स करते हुए दर्द का भी एहसास हो सकता है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि आप समय पर अपने लक्षणों को पहचानें और यौन संबंध में सुधार करने के लिए अपने पार्टनर के साथ समय-समय पर बात करें और जरूरी हो, तो डॉक्टर से भी मिलकर अपना प्रॉपर ट्रीटमेंट करवाएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या PCOS के इलाज के बाद सेक्स लाइफ बेहतर होती है?

    डॉ. शोभा गुप्ता की मानें तो PCOS के इलाज के बाद सही जीवनशैली की मदद से सेक्स लाइफ को सुधारा जा सकता है।
  • PCOS में सेक्स करने से क्या होता है?

    PCOS के कारण अनियमित पीरियड्स होते हैं, जिसकी वजह से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। ऐसे में योनि में ड्राइनेस हो जाती है, जिससे यौन संबंध बनाना दर्दनाक हो सकता है। इसके अलावा, इस स्थिति में गर्भाशय ग्रीवा या योनि की दीवारें काफी संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे इंटरकोर्स के दौरान ब्लीडिंग हो सकती है।
  • PCOS के साथ जल्दी गर्भवती कैसे हों?

    PCOS होने पर गर्भवती होना अपने आप में चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। NHS में प्रकाशित लेख के अनुसार अगर कोई महिला PCOS के साथ प्रेग्नेंट होना चाहती है, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, जीवनशैली में बदलाव करने चाहिए, जैसे वजन को संतुलित रखें, संतुलित आहार लें और नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही, ओव्यूलेशन को ट्रैक करना भी बेहतर होगा।
  • क्या PCOS के साथ सेक्स करना सुरक्षित है?

    हां, PCOS के साथ सेक्स करना पूरी तरह से सुरक्षित होता है। इसका स्वास्थ्य पर किसी तरह का बुरा असर नहीं पड़ता है।
  • क्या PCOS में सेक्स करने से दर्द होता है?

    PCOS में सेक्स करने दर्द हो, यह जरूरी नहीं है। हां, अगर किसी को सिस्ट या वजाइनल ड्राईनेस हो, तो उन्हें इस समय की वजह से यौन संबंध बनाते हुए असुविधा हो सकती है। अगर दर्द तेज हो, तो अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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