Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

पीरियड्स से ओव्यूलेशन तक: मेंस्ट्रुअल साइकिल के हर फेज में क्या खाएं?

मेंस्ट्रुअल साइकिल की 4 मुख्य स्टेज होती हैं। पूरी साइक‍िल आमतौर पर 21 से 28 द‍िनों की होती है। एक्‍सपर्ट से जानें क‍िस स्‍टेज के दौरान क्‍या खाना चाह‍िए?

मह‍िलाओं में पूरी मेंस्ट्रुअल साइकिल चार स्‍टेज में बंंटी होती है। पहला फेज है मेंस्ट्रुअल फेज ज‍िसमें पीर‍ियड्स होते हैं और ब्‍लीड‍िंग होती है। दूसरी स्‍टेज को फॉलिक्युलर स्‍टेज कहते हैं। यह स्‍टेज पीर‍ियड्स के बाद शुरू होता है और इसमें अंंडा व‍िकस‍ित होता है। इसके बाद ओव्‍यूलेशन स्‍टेज आती है ज‍िसमें अंंडा ओवरी से र‍िलीज होता है। यह सबसे फर्ट‍िल‍िटी के ल‍िए बेस्‍ट समय माना जाता है। इसके बाद आख‍िरी स्‍टेज को ल्‍यूटल स्‍टेज कहते हैं। इसे ओव्‍यूलेशन के बाद का समय कहते हैं ज‍िसमें शरीर अगली साइक‍िल के ल‍िए तैयार हो रहा होता है। मेंस्ट्रुअल साइकिल की हर स्‍टेज पर अगर हेल्‍दी डाइट लेंगे, तो सेहतमंद रहेंगे। मेंस्ट्रुअल साइकिल की हर स्‍टेज पर डाइट ट‍िप्‍स जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

menstrual-cycle

1. मेंस्ट्रुअल स्‍टेज

मेंस्ट्रुअल स्‍टेज में हार्मोन्‍स का स्‍तर ग‍िरने के कारण पेट में ऐंठन, सूजन, थकान, मूड में बदलाव और भूख लगना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस स्‍टेज में फलों का सेवन करें। पालक, केल और अन्य पत्तेदार हरी सब्जियांं खाएंं। मेवे और बीज खाएं। ये मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं, जो मांसपेशियों में ऐंठन को कम करते हैं और मूड को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

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2. फॉलिक्युलर स्‍टेज

फॉलिक्युलर स्‍टेज में थकान, पेट फूलना, स्तनों में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। इस समय एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने पर हार्मोन संतुलन बनाए रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना सबसे अच्छा होता है। इस स्‍टेज पर मेवे, बीज, एवोकाडो जैसे हेल्‍दी फैट्स का सेवन करें। इसके अलावा खीरा, खरबूजा, तरबूज जैसे हाइड्रेट‍िंंग फूड्स का सेवन करें।

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3. ओव्‍यूलेशन स्‍टेज

ओव्‍यूलेशन स्‍टेज पर सूजन बढ़ सकती है। इस समय पेट में दर्द और सूजन महसूस हो सकती है। इस स्‍टेज पर अखरोट, अलसी और चिया सीड्स खाएंं, ये ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो सूजन को कम करने और हार्मोन प्रोडक्‍शन में मदद करते हैं।

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4. ल्‍यूटल स्‍टेज

ल्‍यूटल स्‍टेज में पेट फूलना, खाने की तीव्र इच्छा, मानस‍िक स्‍थ‍ित‍ि में बदलाव और थकान जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। इस स्‍टेज में ग्लूटेन-मुक्त साबुत अनाज जैसे क्विनोआ और ओट्स को डाइट में शाम‍िल करें। इससे ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

न‍िष्‍कर्ष:

मेंस्ट्रुअल साइकिल की चारों स्‍टेज में हाइड्रेशन का ख्‍याल रखें, तला-भुुना खाने से बचें, हेल्‍दी फैट्स, फाइबर, प्रोटीन वगैरह को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएंं।

FAQ

  • पीर‍ियड्स के दौरान क्‍या खाएंं?

    पीर‍ियड्स में आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम वाले फूड्स खाएंं। इसके अलावा प्रोटीन र‍िच मील लें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
  • पीर‍ियड्स के दौरान क्‍या न खाएं?

    पीर‍ियड्स में बहुत ज्‍यादा नमक, कैफीन, जंक फूड्स, सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजोंं का सेवन नहींं करना चाह‍िए।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 04, 2026 20:21 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 04, 2026 20:21 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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