Sun Oct 18, 2026 | 09:38 AM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

पीरियड्स से ओव्यूलेशन तक: मेंस्ट्रुअल साइकिल के हर फेज में क्या खाएं?

मेंस्ट्रुअल साइकिल की 4 मुख्य स्टेज होती हैं। पूरी साइक‍िल आमतौर पर 21 से 28 द‍िनों की होती है। एक्‍सपर्ट से जानें क‍िस स्‍टेज के दौरान क्‍या खाना चाह‍िए?
पीरियड्स से ओव्यूलेशन तक: मेंस्ट्रुअल साइकिल के हर फेज में क्या खाएं?पीरियड्स से ओव्यूलेशन तक: मेंस्ट्रुअल साइकिल के हर फेज में क्या खाएं?

मह‍िलाओं में पूरी मेंस्ट्रुअल साइकिल चार स्‍टेज में बंंटी होती है। पहला फेज है मेंस्ट्रुअल फेज ज‍िसमें पीर‍ियड्स होते हैं और ब्‍लीड‍िंग होती है। दूसरी स्‍टेज को फॉलिक्युलर स्‍टेज कहते हैं। यह स्‍टेज पीर‍ियड्स के बाद शुरू होता है और इसमें अंंडा व‍िकस‍ित होता है। इसके बाद ओव्‍यूलेशन स्‍टेज आती है ज‍िसमें अंंडा ओवरी से र‍िलीज होता है। यह सबसे फर्ट‍िल‍िटी के ल‍िए बेस्‍ट समय माना जाता है। इसके बाद आख‍िरी स्‍टेज को ल्‍यूटल स्‍टेज कहते हैं। इसे ओव्‍यूलेशन के बाद का समय कहते हैं ज‍िसमें शरीर अगली साइक‍िल के ल‍िए तैयार हो रहा होता है। मेंस्ट्रुअल साइकिल की हर स्‍टेज पर अगर हेल्‍दी डाइट लेंगे, तो सेहतमंद रहेंगे। मेंस्ट्रुअल साइकिल की हर स्‍टेज पर डाइट ट‍िप्‍स जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

menstrual-cyclemenstrual-cycle

1. मेंस्ट्रुअल स्‍टेज

मेंस्ट्रुअल स्‍टेज में हार्मोन्‍स का स्‍तर ग‍िरने के कारण पेट में ऐंठन, सूजन, थकान, मूड में बदलाव और भूख लगना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस स्‍टेज में फलों का सेवन करें। पालक, केल और अन्य पत्तेदार हरी सब्जियांं खाएंं। मेवे और बीज खाएं। ये मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं, जो मांसपेशियों में ऐंठन को कम करते हैं और मूड को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- क्या प्रेग्नेंसी में पीरियड्स हो सकते हैं? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

2. फॉलिक्युलर स्‍टेज

फॉलिक्युलर स्‍टेज में थकान, पेट फूलना, स्तनों में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। इस समय एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने पर हार्मोन संतुलन बनाए रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना सबसे अच्छा होता है। इस स्‍टेज पर मेवे, बीज, एवोकाडो जैसे हेल्‍दी फैट्स का सेवन करें। इसके अलावा खीरा, खरबूजा, तरबूज जैसे हाइड्रेट‍िंंग फूड्स का सेवन करें।

यह भी पढ़ें- पीरियड्स जल्दी या देर से होने का कारण आपकी डाइट तो नहीं? डॉक्टर से जानें कनेक्शन

\

3. ओव्‍यूलेशन स्‍टेज

ओव्‍यूलेशन स्‍टेज पर सूजन बढ़ सकती है। इस समय पेट में दर्द और सूजन महसूस हो सकती है। इस स्‍टेज पर अखरोट, अलसी और चिया सीड्स खाएंं, ये ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो सूजन को कम करने और हार्मोन प्रोडक्‍शन में मदद करते हैं।

यह भी पढ़ें- क्या 40 दिन का पीरियड साइकिल नॉर्मल है? जानें डॉक्टर के पास जाने का सही समय

4. ल्‍यूटल स्‍टेज

ल्‍यूटल स्‍टेज में पेट फूलना, खाने की तीव्र इच्छा, मानस‍िक स्‍थ‍ित‍ि में बदलाव और थकान जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। इस स्‍टेज में ग्लूटेन-मुक्त साबुत अनाज जैसे क्विनोआ और ओट्स को डाइट में शाम‍िल करें। इससे ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

न‍िष्‍कर्ष:

मेंस्ट्रुअल साइकिल की चारों स्‍टेज में हाइड्रेशन का ख्‍याल रखें, तला-भुुना खाने से बचें, हेल्‍दी फैट्स, फाइबर, प्रोटीन वगैरह को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएंं।

FAQ

  • पीर‍ियड्स के दौरान क्‍या खाएंं?

    पीर‍ियड्स में आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम वाले फूड्स खाएंं। इसके अलावा प्रोटीन र‍िच मील लें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
  • पीर‍ियड्स के दौरान क्‍या न खाएं?

    पीर‍ियड्स में बहुत ज्‍यादा नमक, कैफीन, जंक फूड्स, सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजोंं का सेवन नहींं करना चाह‍िए।

Read Next

→ रोज एक गिलास सत्तू पीने से सेहत को क्या फायदे मिल सकते हैं? जानें एक्सपर्ट से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 04, 2026 20:21 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 04, 2026 20:21 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha