पीरियड साइकिल सबके अलग-अलग होते हैं। कुछ महिलाओं के 28 दिन के भी होते हैं, तो कुछ महिलाओं में यह 30-35 दिन से अधिक का भी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर पीरियड साइकिल 28 से 35 दिनों का होता है। इसे पूरी तरह नाॅर्मल माना जाता है लेकिन आपने देखा होगा कि कुछ महिलाओं का पीरियड साइकिल 40 दिनों का है। ऐसे में यह जान लेना बहुत जरूरी है कि क्या इसे नाॅर्मल माना जा सकता है या यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत है? आइए, जानते हैं कि इस बारे में Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता क्या बताती हैं?
क्या 40 दिनों का पीरियड साइकिल नॉर्मल है?
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डाॅ. शोभा गुप्ता की मानें, तो 40 दिनों का पीरियड साइकिल आमतौर पर लंबा माना जाता है, लेकिन कुछ महिलाओं के लिए यह सामान्य भी हो सकता है। खासकर, उस स्थिति में जब महिला को नियमित रूप से 40 दिनों में ही पीरियड आते हैं।’ डाॅ. शोभा गुप्ता आगे समझाती हैं, "नियमित रूप से 40 दिनों बाद पीरियड आ रहे हैं, तब भी बेहतर होगा कि आप एक बार डाॅक्टर से संपर्क करें और जरूरी जांच करवाएं। कई बार यह स्थिति हार्मोनल असंतुलन या पीसीओएस जैसी समस्या का संकेत हो सकता है।" 2018 में NIH में प्रकाशित लेख के अनुसार अगर किसी महिला का पीरियड साइकिल 30-35 दिन से अधिक का है, तो यह ओलिगोमेनोरिया (Oligomenorrhea) हो सकता है। यह एक मेडिकल स्थिति है, जिसमे मासिक धर्म अनियमित या बहुत कम होते हैं।
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40 दिनों का पीरियड साइकिल होने पर कब जाएं डाॅक्टर के पास?
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अगर 40 दिनों का पीरियड साइकिल अनियमित है, तो इस स्थिति में बेहतर है कि महिला बिना देरी किए डाॅक्टर के पास जाना चाहिए। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि 40 दिनों का पीरियड साइकिल को नाॅर्मल नहीं माना जा सकता है। इसलिए इन संकेतों पर गौर करें, जैसे-
- पीरियड में ब्लीडिंग हैवी होना।
- अचानक पीरियड साइकिल में बदलाव होना।
- पीरियड साइकिल अक्सर बदलना।
- ब्लीडिंग के दौरान तीव्र दर्द होना।
- दो पीरियड्स के बीच स्पाॅटिंग या ब्लीडिंग होना।
- अगर आप 40 पार महिला हैं, हाॅट फ्लैशेज या मूड स्विंग्स पर भी गौर करें।
- अगर लगातार 3 महीने तक पीरियड्स मिस हो रहे हैं।
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पीरियड साइकिल को रेगुलर करने के लिए क्या करें?
कई बार पीरियड तनाव, मूड स्विंग, अतिरिक्त वर्कलोड आदि के कारण अनियमित हो जाते हैं। इन्हें रेगुलर करने के लिए आप यहां बताए गए टिप्स अपना सकते हैं-
- नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और वजन बढ़ने न दें।
- तनाव को कम करने के लिए नियमित रूप से योग आदि करें।
- हेल्दी डाइट की मदद से भी पीरियड को रेगुलर किया जा सकता है।
- रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। इससे हार्मोन प्रोडक्शन में सुधार होता है।
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निष्कर्ष
अगर किसी महिला को नियमित रूप से 40 दिनों के अंतराल में पीरियड होते हैं, तो यह चिंता का विषय नहीं होता है। हालांकि, इस स्थिति को हल्के में लिया जाना सही नहीं है। इसलिए, बेहतर होगा कि एक बार डाॅक्टर से संपर्क कर अपनी जांच करवा लें।
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FAQ
क्या तनाव के कारण पीरियड साइकिल 40 दिन की हो सकती है?
हां, बहुत ज्यादा तनाव लेने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे ओव्यूलेशन में देरी होती है और पीरियड साइकिल लंबा खिंच सकता है।पीसीओएस (PCOS) का पीरियड साइकिल पर क्या असर पड़ता है?
पीसीओएस हार्मोनल असंतुलन से संबंधित समस्या है। इसमें अंडे समय पर रिलीज नहीं होते, जिससे पीरियड्स अक्सर 40 दिन से भी ज्यादा की देरी में आते हैं।क्या उम्र बढ़ने के साथ पीरियड साइकिल बदल सकती है?
हां, मेनोपॉज के नजदीक पहुंचने पर हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जिससे पीरियड साइकिल पर असर पड़ता है।
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Current Version
Apr 29, 2026 14:09 IST
Modified By : Meera Tagore Apr 29, 2026 14:09 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta