Fri Oct 23, 2026 | 01:45 AM IST

Medically Reviewed by Dr Nitu Pandey , Radiation Oncologist

क्या ब्रेस्ट में दर्द हमेशा कैंसर का संकेत है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

ब्रेस्ट में दर्द हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होता है, बल्कि इसके पीछे हार्मोनल बदलाव और अन्य सामान्य कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, लगातार दर्द या नए लक्षणों के साथ डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या ब्रेस्ट में दर्द हमेशा कैंसर का संकेत है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर
क्या ब्रेस्ट में दर्द हमेशा कैंसर का संकेत है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

वर्तमान में ब्रेस्ट कैंसर के कई मामले सामने आ रहे हैं। ब्रेस्ट में दर्द या भारीपन महसूस होते ही कई महिलाओं के मन में सबसे पहला सवाल आता है कि कहीं यह ब्रेस्ट कैंसर तो नहीं? ब्रेस्ट में दर्द होना महिलाओं में आम बात है। इसे मास्टैल्जिया या मास्टोडिनिया के रूप में जाना जाता है। कभी-कभी यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है। नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की कंसल्टेंट डॉ. नीतू पांडे (Dr. Neetu Pandey, Consultant, Radiation Oncology, Fortis Hospital, Noida) के अनुसार, ब्रेस्ट में दर्द कैंसर का संकेत हो सकता है, लेकिन हमेशा यह कैंसर हो यह जरूरी नहीं। इसलिए, आइए इस लेख में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या ब्रेस्ट में दर्द कैंसर का संकेत है?

डॉ. नीतू पांडे का कहना है कि ब्रेस्ट में दर्द होने का मतलब हमेशा ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता है। ब्रेस्ट में दर्द अन्य कई कारणों से भी हो सकता है, जिसकी समय पर पहचान करना जरूरी है। American Cancer Society के अनुसार, ब्रेस्ट में दर्द आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर का संकेत नहीं होता है, लेकिन स्तन कैंसर के लक्षणों में ब्रेस्ट के आस-पास, ब्रेस्ट के अन्य हिस्सों में या बगल में दर्द महसूस होना शामिल हो सकता है। अगर ब्रेस्ट कैंसर के कारण दर्द होता है तो आमतौर पर ब्रेस्ट या निप्पल में अन्य लक्षण नजर आने के साथ होता है। यह दर्द और समस्याएं कुछ हफ्तों से ज्यादा समय तक रहती हैं। अगर आपको ब्रेस्ट में दर्द महसूस होता है, जैसे दर्द, जकड़न, जलन, चुभन या किसी हिस्से पर अजीब सा महसूस होता है तो ये गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं।

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ब्रेस्ट में दर्द के सबसे आम कारण क्या हैं?

डॉ. नीतू पांडे के अनुसार, ब्रेस्ट में दर्द का सबसे आम कारण हार्मोनल बदलाव है। पीरियड्स से पहले शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के लेवल में बदलाव होता है। इसके कारण दोनों ब्रेस्ट में भारीपन, सेंसिटिविटी, खिंचाव या दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द अक्सर पीरियड्स शुरू होने के बाद कम हो जाता है।

डॉ. नीतू पांडे बताती हैं कि प्रेग्नेंसी, ब्रेस्टफीडिंग, मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव और कुछ दवाएं भी ब्रेस्ट में दर्द का कारण बन सकती हैं। कभी-कभी गर्दन, कंधे, पीठ या सीने की मांसपेशियों में खिंचाव का दर्द भी ब्रेस्ट में महसूस होता है। चोट, इंफेक्शन, सिस्ट या ब्रेस्ट में सूजन जैसी स्थितियां भी इसका कारण हो सकती हैं।

क्या दर्द, ब्रेस्ट कैंसर वाला हो सकता है?

डॉ. नीतू पांडे कहती हैं कि सिर्फ दर्द होने से कैंसर की संभावना बहुत कम मानी जाती है। ब्रेस्ट कैंसर आमतौर पर दर्द का कारण नहीं बनता, बल्कि हार्मोनल बदलाव और ब्रेस्ट सिस्ट जैसी नॉन-कैंसर वाली स्थितियां अक्सर दर्द या सेंसिटिविटी पैदा कर सकती हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर में कभी दर्द नहीं हो सकता है। कुछ मामलों में, जैसे इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर में ब्रेस्ट में तेजी से सूजन, भारीपन या जलन हो सकती है।

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किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

डॉ. नीतू पांडे कहती हैं कि ब्रेस्ट में दर्द के साथ अगर कोई नया बदलाव नजर आए तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है। इनमें ब्रेस्ट या बगल में नई गांठ या कठोरपन महसूस होना, ब्रेस्ट के आकार या बनावट में बदलाव, निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना, निप्पल से बिना गर्भावस्था या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान असामान्य डिस्चार्ज और स्किन में गड्ढे पड़ना शामिल हैं। स्किन का लाल या सूजा हुआ होना, मोटा या लाल दिखना भी जांच का कारण बन सकता है।

ध्यान रहे कि इन लक्षणों का मतलब भी अपने-आप कैंसर नहीं होता है। कई नॉर्मल और नॉन-कैंसर वाली स्थितियां भी ऐसे बदलाव पैदा कर सकती हैं, लेकिन सही कारण जानने के लिए जांच करवाना जरूरी है।

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कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर ब्रेस्ट में लगातार दर्द बना रहता है, दर्द बढ़ता जा रहा है या सामान्य उपायों को आजमाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। खासकर तब जब परिवार में ब्रेस्ट या ओवेरियन कैंसर का इतिहास हो या दर्द के साथ गांठ, निप्पल डिस्चार्ज, स्किन में बदलाव या ब्रेस्ट के आकार में नया बदलाव दिखाई दे। इतना ही नहीं, अगर ब्रेस्ट लाल, गर्म, सूजा हुआ हो और तेज बुखार या कंपकंपी महसूस हो तो इंफेक्शन जैसी स्थिति की संभावना भी हो सकती है, जिसके इलाज के लिए सही मेडिकल कंसल्ट जरूरी है।

निष्कर्ष

ब्रेस्ट में दर्द होना कैंसर का ही कारण नहीं होता है। ज्यादातर मामलों में इसके पीछे हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, ब्रेस्टफीडिंग, सिस्ट, चोट, इंफेक्शन या मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं भी कारण हो सकती हैं। हालांकि, शरीर में किसी नए या लगातार बने रहने वाले बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, ताकि समय पर सही समस्या के बारे में पता लगाया जा सके और बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके।
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FAQ

  • महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर क्यों होता है?

    महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर तब होता है, जब ब्रेस्ट के आम सेल्स असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और अनियंत्रित होकर ट्यूमर बनाती हैं। यह बदलाव शरीर के अंदर हार्मोनल असंतुलन, जीन में खराबी और गलत लाइफस्टाइल के कारण होता है।
  • महिलाओं में कैंसर की पहचान कैसे करें?

    महिलाओं में कैंसर की पहचान शुरुआती लक्षणों को समझने और नियमित जांच कराने से संभव है। ब्रेस्ट में गांठ, पीरियड्स के अलावा ब्लीडिंग, अचानक वजन कम होना और लगातार थकान जैसे संकेत नजर आ सकते हैं।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 23, 2026 15:10 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Aug 23, 2026 15:10 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Nitu Pandey