Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

बिना किसी गांठ के भी स्तनों में होता है दर्द? जानें इसके कारण

बिना किसी गांठ के स्तनों में दर्द होना कैंसर की ओर इशारा नहीं करता है। इसके बावजूद, इनके कारणों के बारे में पता होना आवश्यक है।

आमतौर पर स्तन में दर्द हो, तो महिलाएं सबसे पहले यह जांच करती हैं कि कहीं कोई गांठ तो नहीं है? असल में स्तनों में दर्द को गांठ से ही सीधे-सीधे जोड़कर देखा जाता है। क्या आप जानते हैं कि स्तनों में दर्द का कारण सिर्फ गांठ नहीं होता है। इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। आइए, वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं इनके बारे में।

बिना गांठ के स्तन दर्द होने के कारण

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हार्मोनल असंतुलन

स्तनों में दर्द होने का यह सबसे आम कारणों में से एक है। आमतौर पर महिलाओं में पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, ब्रेस्टफीडिंग और मेनोपाॅज जैसी अवस्थाओं में हार्मोनल बदलाव काफी ज्यादा होते हैं। ऐसे में शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बदलता है, जिससे स्तनों में भारीपन और दर्द का एहसास हो सकता है।

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गलत साइज की ब्रा पहनना

ज्यादातर महिलाओं को लगता है कि ब्रा स्तनों में दर्द का कारण नहीं हो सकता है, जबकि यह सोच पूरी तरह गलत है। अगर कोई महिला लंबे समय तक गलत साइज की ब्रा पहनती है जैसे बहुत ढीली या बहुत टाइट। इस तरह की ब्रा पहनने से स्तनों के लिगामेंट्स पर दबाव पड़ता है। सही सपोर्ट न मिलने के कारण मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है, जो कि दर्द पैदा करता है।

मांसपेशियों में खिंचाव

कई बार दर्द स्तनों में नहीं होता है, बल्कि छाती की मांसपेशियों में होता है। ऐसा हैवी वर्कआउट या भारी सामान उठाने की वजह से होता है। मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होने पर इसका प्रभाव स्तनों पर भी पड़ता है। विशेषकर, हिलने-डुलने के दौरान दर्द अधिक महसूस होता है।

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दवाओं का प्रभाव

कई दवाएं भी ऐसी होती हैं, जिनके साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं। इनमें गर्भनिरोधक गोलियां, एंटी-डिप्रेसेंट, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी आदि करवाने से भी स्तनों में दर्द का एहसास हो सकता है। कुछ मामलों में स्तनों में भारीपन और संवेदनशीलता भी बढ़ जाती है।

कैफीन का अधिक सेवन

आमतौर पर ऐसा कम महिलाओं के साथ होता है, लेकिन अगर कोई अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, चॉकलेट या कोल्ड ड्रिंक का अत्यधिक सेवन करता है, तो इसकी वजह से भी स्तनों का दर्द ट्रिगर कर सकता है। असल में, इन तमाम चीजों में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है। विशेषकर उन महिलाओं में जिन्हें फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट होता है।

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निष्कर्ष

स्तनों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं। हर प्रकार के दर्द को गांठ से जोड़ना सही नहीं है। इसके बजाय, जरूरी है कि आप दर्द की वजह को समझें। चेक करें कि कहीं आप टाइट ब्रा तो नहीं पहन रही हैं या हार्मोनल उतार-चढ़ाव तो नहीं है। अगर ऐसी कोई समस्या है, तो उसका समाधान करें। समस्या में अपने आप कमी आ जाएगी।

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FAQ

  • क्या बिना गांठ के स्तन में दर्द होना कैंसर का लक्षण हो सकता है?

    हालांकि, इसकी संभावना बहुत कम है। इसके बावजूद अगर स्तन में दर्द हो तो तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं।
  • पीरियड्स के दौरान होने वाले स्तन दर्द को कैसे कम करें?

    पीरियड्स के दौरान स्तन में दर्द हो, तो नमक कम खाएं, कैफीन का सेवन कम करें और स्तनों की सिकाई करें।
  • स्तन में हो रहे दर्द को लेकर डॉक्टर के पास कब जाएं?

    अगर एक ही जगह पर लगातार कई हफ्तों तक बना रहे, स्तन के आकार या त्वचा में बदलाव दिखे, निप्पल से डिस्चार्ज हो, तो डाॅक्टर से संपर्क करने में देरी न करें।

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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