Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

आर्मपिट में सूजन या गांठ को न करें नजरअंदाज, ये हो सकते हैं संकेत

बगल में गांठ का कारण बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज किए बिना समय पर इलाज कराना जरूरी है। 

Armpit Lump Causes: मुझे कुछ साल पहले तक बगल में गांठ की समस्‍या रही है। एक गोलनुमा आकार की गांठ त्‍वचा के अंदर हो जाती थी। इस गांठ के कारण त्‍वचा में दर्द और सूजन की समस्‍या रहती थी। गांठ में जमा पस जम तक न‍िकलता नहीं था, दर्द ठीक नहीं होता था। फ‍िर कुछ द‍िन में गांठ ठीक हो जाती थी। बगल में या आर्मप‍िट में गांठ या आर्मप‍िट लम्‍प हो जाना वैसे, तो एक कॉमन समस्‍या है पर ये गंभीर इंफेक्‍शन का रूप भी ले लेती है। कई बार फंगल या बैक्‍टीर‍ियल इंफेक्‍शन के कारण बगल में गांठ हो जाती है या रेजर के इस्‍तेमाल से गांठ न‍िकल आती है। इस गांठ में पस भर जाता है ज‍िसके कारण आपको हाथ में दर्द भी हो सकता है। ये गांठ कुछ द‍िनों में ठीक हो जाती है पर अगर दोबारा आपको बगल में गांठ हो या कुछ द‍िनों बाद फ‍िर से गांठ बनने लगे तो आपको डॉक्‍टर को द‍िखाना चाह‍िए, ये क‍िसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। इस समस्‍या को दूर करने के लि‍ए डॉक्‍टर आपको एंटी-बैक्‍टीर‍ियल दवाएं दे सकते हैं, इसका इलाज खुद से न करें बल्‍क‍ि मेड‍िकल हेल्‍प लें। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने ओम स्किन क्लीनिक, लखनऊ के वरिष्ठ कंसलटेंट डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट डॉ देवेश मिश्रा से बात की। 

armpit lump causes

बगल में गांठ या आर्मपिट लम्प क्‍या होता है?- What is Armpit Lump

बगल में गांठ (आर्मपिट लम्‍प) एक त्‍वचा से संबंध‍ित समस्‍या है, जो बगल के हिस्से में उभरने वाली सूजन या कठोरता के रूप में महसूस हो सकती है। यह गांठ सामान्य तौर पर लसीका ग्रंथियों (Lymph Nodes) में सूजन के कारण बनती है, जो शरीर के इंफेक्‍शन से लड़ने का काम करती हैं। 

आर्मपिट लम्प के लक्षण- Armpit Lump Symptoms

अगर आपको कभी गांठ नहीं हुई है, तो ये एक अच्‍छी खबर है। इसका मतलब है आप स्‍वस्‍थ्‍य हैं और अपने शरीर की साफ-सफाई का ध्‍यान रखते हैं पर अगर आपको बगल में कुछ महसूस हो रहा है, तो कुछ लक्षणों से आप पता लगा सकते हैं क‍ि ये आर्मप‍िट लम्‍प या गांठ है या नहीं- 

  1. बगल या आर्मप‍िट वाले ह‍िस्‍से में सूजन होना। 
  2. आर्मप‍िट या बगल में दर्द होना। 
  3. बगल की स्‍किन के अंदर गोल, उभरा हुआ मांस महसूस होना। 
  4. आर्मप‍िट में गांठ होने पर कुछ लोगों को बुखार भी आता है। 
  5. आर्मप‍िट में लम्‍प होने गोल गांठ उभर आती है, ये गांठ छोटी या बड़ी हो सकती है। 
  6. आर्म‍प‍िट में गांठ होने पर आपको दर्द के साथ जलन का अहसास भी हो सकता है। 

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आर्मपिट लम्‍प या बगल में गांठ होने के कारण- Armpit Lump Causes

आर्मप‍िट या बगल में गांठ या लम्‍प होने के कई गंभीर कारण भी हो सकते हैं जैसे- ब्रेस्‍ट कैंसर, ल्‍यूकेम‍िया, लिंफोमा आद‍ि। हालांक‍ि ज्‍यादातर गांठ हान‍िकारक नहीं होती, ये बस स्‍क‍िन ट‍िशू के गलत तरीके से बढ़ने की वजह से हो जाता है। वहीं कुछ और भी कारण से बगल में गांठ हो जाती है जैसे- 

  • बैक्‍टीर‍ियल इंफेक्‍शन होने के कारण बगल में गांठ हो सकती है। 
  • साफ-सफाई का ध्‍यान न रखने पर बगल में गांठ हो सकती है। 
  • रेजर से वैक्‍स करने के बाद भी बगल में गांठ उभर सकती है। 
  • स‍िस्‍ट हो जाने के कारण, पस बन जाता है जो बाद भी गांठ का रूप ले लेती है। 
  • ड‍ि‍यो, साबुन आद‍ि से एलर्जी के कारण भी गांठ बन सकती है। 
  • वायरल या फंगल इंफेक्‍शन के कारण आर्मप‍िट में गांठ बनने की समस्‍या हो सकती है।

आर्मपिट लम्‍प या गांठ का इलाज क्‍या है?- Treatment of Armpit Lump

armpit lump treatment

  • 1. बगल में गांठ होने पर क्‍या करें? बगल में गांठ होने पर आप बर्फ की स‍िकाई कर सकते हैं या एलोवेरा जेल लगा सकते हैं।
  • 2. आर्युवेद‍िक डॉक्‍टर गांठ होने पर हल्‍दी लगाने की सलाह भी देते हैं। गुनगुने पानी में हल्‍दी म‍िलाकर पेस्‍ट तैयार करें और बगल में लगा लें। इससे आपको आराम म‍िलेगा।
  • 3. वैसे तो बगल में गांठ खुद ही ठीक हो जाती है पर अगर ये ज्‍यादा दर्द या पस भरी है तो आप डॉक्‍टर आपको एंटी-बैक्‍टीर‍ियल दवाएं दे सकते हैं।
  • 4. बगल में गांठ होने पर डॉक्‍टर आपको पेनक‍िलर, क्रीम या वॉर्म कंप्रेसर या हीट पैक इस्‍तेमाल करने के ल‍िए कह सकते हैं।
  • 5. अगर गांठ समय के साथ लगातार बढ़ रही है तो आपको डॉक्‍टर के पास जाना चाह‍िए, ये क‍िसी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं और डॉक्‍टर आपको उसी के मुताब‍िक दवा या इलाज देंगे।
  • 6. बगल में गांठ होने पर डॉक्‍टर आपको एंटी-एलर्जी दवाएं दे सकते हैं और कुछ टेस्‍ट जैसे सीबीसी टेस्‍ट, बायोप्‍सी, मेमोग्राम आद‍ि करवाने के ल‍िए कह सकते हैं।
  • 7. कुछ गांठ कैंसर के कारण होती है, उसमें डॉक्‍टर सर्जरी या कीमोथैरेपी करके गांठ या कैंसर का इलाज करते हैं। 
  • 8. बगल में गांठ होने पर आप नीम का पेस्‍ट लगा सकते हैं, नीम में एंटी-बैक्‍टीरि‍यल गुण होते हैं। 

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आर्मपिट लम्प या गांठ से कैसे बचें?- Armpit Lump Prevention Tips

armpit lump

कुछ आसान ट‍िप्‍स हैं ज‍िनकी मदद से आप आर्मप‍िट में लंप या गांठ की समस्‍या से बच सकते हैं-

  • 1. बगल में गांठ न हो इसके लि‍ए आप साफ-सफाई का खास ख्‍याल रखें। 
  • 2. गर्मियों के द‍िनों में बगल में पसीना ज्‍यादा आता है, तो आप द‍िन में दो बार नहा सकते हैं। 
  • 3. पसीना ज्‍यादा आने के कारण भी इंफेक्‍शन से गांठ बन जाती है इसलि‍ए आपको नमी भरे द‍िनों में द‍िन में दो या उससे ज्‍यादा बार कपड़े बदल लेने चाह‍िए। 
  • 4. बगल में ज्‍यादा परफ्यूम या ड‍ियो न लगाएं, इनमें मौजूद कैम‍िकल भी गांठ का कारण हो सकते हैं। 
  • 5. नहाते समय माइल्‍ड साबुन से आर्मप‍िट को साफ करें, गंदगी के कारण बगल में बैक्‍टीर‍िया पनपने लगते हैं। 
  • 6. अगर आपको गांठ की समस्‍या हो रही है तो साबुन बदलकर देखें, हो सकता है साबुन से एलर्जी हो। माइल्‍ड साबुन इस्‍तेमाल करें। 
  • 7. आर्मप‍िट में बाल आना कोई समस्‍या नहीं है इसल‍िए जरूरत न होने पर वैक्‍स या शेव न करें। इस कारण भी गांठ हो सकती है। 
  • 8. अगर आपको बगल के बाल हटाने हैं तो वैक्‍स या शेव करने बजाय बाल को ट्रिम कर लें, और कैंची को साफ करके इस्‍तेमाल करें। 
  • 9. आर्मप‍िट लंप जब तक ठीक न हो जाए तब तक ढीले और कॉटन के कपड़े ही पहनें।

बगल में गांठ या लम्‍प क‍िसी भी उम्र या कोई भी जेंडर वाले व्‍यक्‍त‍ि को हो सकता है। मह‍िलाओं में बगल में गांठ होना ब्रेस्‍ट कैंसर का एक लक्षण भी माना जाता है इसलि‍ए आर्मप‍िट लम्‍प होने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें।  

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 10, 2021 12:35 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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