Wed Oct 7, 2026 | 05:33 PM IST

Medically Reviewed by Dr Rajeev Chowdry , General Physician & Internal Medicine Specialist, Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad | 23 Years of Clinical Experience

हाथों में सूजन को न करें नजरअंदाज, इन 10 समस्‍याओं का हो सकता है संकेत

हाथों में सूजन के कारण उंगलियां, हथेली या पूरा हाथ सामान्य से ज्यादा फूला हुआ दिखाई दे सकता है। कई बार यह सूजन खुद ही ठीक हो जाती है, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक रहने वाली सूजन किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है। डॉक्‍टर से जानें कारण। 
हाथों में सूजन को न करें नजरअंदाज, इन 10 समस्‍याओं का हो सकता है संकेतहाथों में सूजन को न करें नजरअंदाज, इन 10 समस्‍याओं का हो सकता है संकेत

हाथों में सूजन सुनने में एक सामान्‍य समस्‍या लगती है, लेक‍िन यह कई गंभीर समस्‍याओं का लक्षण हो सकती है। हाथों में सूजन को सामान्‍य त्‍वचा समस्‍या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाह‍िए। खासकर अगर सूजन समय के साथ बढ़ रही हो। National Health Service, UK के मुताब‍िक, हाथों में सूजन के पीछे बहुत देर तक एक ही स्‍थ‍िति‍ में रहना, कुछ दवाओं का असर जैसे बीपी की दवा, टाइट कपड़े पहनना, गर्भनिरोधक गोलियां वगैरह, मोच, चोट या ख‍िंचाव, ल‍िवर या हार्ट की समस्‍या जैसे कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं अन्‍य कारणों के बारे में। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Rajeev Chowdry, Internal Medicine Specialist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

1. एक्‍सरसाइज के बाद सूजन

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एक्‍सरसाइज के दौरान शरीर का तापमान बढ़ता है और ब्‍लड वेसल्‍स फैल सकती हैं। इससे हाथों में सूजन द‍िखाई दे सकती है। Mayo Clinic के मुताब‍िक, एक्सरसाइज करते समय शरीर ज्यादा ब्‍लड हार्ट, फेफड़ों और काम कर रही मांसपेशियों तक भेजता है। इस दौरान हाथों में ब्लड फ्लो कुछ समय के लिए कम हो सकता है, जिससे हाथ सूजे हुए दिखाई दे सकते हैं। आमतौर पर एक्सरसाइज खत्म होने और शरीर का तापमान सामान्य होने के बाद यह सूजन धीरे-धीरे कम हो जाती है।

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2. एड‍िमा

शरीर में जरूरत से ज्‍यादा तरल जमा होने से हाथों और पैरों में सूजन हो सकती है। इसे एडिमा (Edema) कहा जाता है। इसके कारण हाथ और पैरों में रेडनेस, सूजन और दर्द महसूस हो सकता है।

3. डायब‍िटीज

डायब‍िटीज में कई मरीजों की नसों को नुकसान पहुंचने के ल‍िए उन्‍हें हाथ और पैरों में दर्द, सुन्नपन जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। डायबिटीज में घाव भरने में भी अध‍िक समय लग सकता है और अगर हाथ में इंफेक्‍शन या घाव है, तो उसके कारण रेडनेस या सूजन नजर आ सकती है।

4. प्रेग्नेंसी

प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव के कारण कई बार शरीर में तरल पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती है और इस वजह से हाथ और पैरों में हल्‍की सूजन नजर आ सकती है।

5. हाथ में इंफेक्‍शन

हाथ में घाव या चोट के कारण इंफेक्‍शन फैल सकता है। इससे हाथ में सूजन और हाथों में दर्द महसूस हो सकता है।

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6. हाथों का अध‍िक इस्‍तेमाल

अगर आप लगातार हाथों से कोई काम करते हैं जैसे भारी सामान उठाना या देर तक टाइप‍िंग करना, तो हाथों में दर्द, सूजन और रेडनेस नजर आ सकती है।

7. ज्यादा नमक का सेवन

जो लोग खाने में सोड‍ियम का अध‍िक सेवन करते हैं, उन्‍हें हाथ और पैरों में सूजन की समस्‍या हो सकती है। पैक्‍ड फूड्स या रेडी टू ईट फूड्स में नमक की मात्रा ज्‍यादा होती है, इनके सेवन से बचना चाह‍िए।

8. स‍िर्फ एक हाथ में सूजन क्‍यों?

कभी-कभी सूजन केवल एक हाथ में होती है, लेक‍िन यह राहत की बात नहीं है। अगर एक हाथ में सूजन है, तो इसका मतलब यह हो सकता है क‍ि आपके हाथ का ब्‍लड सर्कुलेशन सही नहीं है। ब्‍लड वेसल्‍स में समस्‍य होने पर एक हाथ में सूजन हो सकती है।

9. गठ‍िया

रूमेटाइड अर्थराइट‍िस या ऑस्‍टि‍योअर्थराइट‍िस में हाथों के जोड़ों में सूजन और अकड़न हो सकती है। अगर सूजन कई दिनों तक बनी रहती है या बार-बार होती है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

10. किडनी की बीमारी

जब क‍िडनी बीमार होती है, तो वह शरीर से अत‍िर‍िक्‍त पानी और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर नहीं न‍िकाल पाती है ज‍िसके कारण हाथ और पैरों में सूजन नजर आ सकती है। हाथ या पैरों में सूजन द‍िखने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें।

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हाथों में सूजन होने पर क्‍या न करें?

  • हाथों में सूजन होने पर अक्‍सर लोग ज्‍यादा गर्म पानी से स‍िंकाई शुरू कर देते हैं, लेक‍िन अगर सूजन चोट या इंफेक्‍शन के कारण है, तो तकलीफ बढ़ सकती है इसल‍िए इस गलती से बचें।
  • सूजन वाले हाथों से भारी वजन न उठाएं, इससे सूजन बढ़ सकती है।
  • हाथों को एक ही पोजीशन में ज्‍यादा देर रखने से भी बचना चाह‍िए।
  • लंबे समय तक हाथों को नीचे लटकाकर न रखें।
  • उंगलियों में सूजन होने पर टाइट अंगूठी, चूड़ी या कड़ा नहीं पहनना चाह‍िए।
  • शरीर के क‍िसी भी अंग में सूजन हो, तो नमक की मात्रा कम करें। इससे सूजन बढ़ सकती है।
  • डॉक्‍टर की सलाह के बगैर, सूजन का कारण जाने ब‍िना दवाएं नहीं लेना चाह‍िए।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर सूजन बार-बार हो।
  • लंबे समय तक हाथों में सूजन रहे।
  • हाथ में सूजन के साथ तेज बुखार।
  • हाथों में रेडनेस या तेज दर्द हो।

नि‍ष्‍कर्ष:

हाथों में सूजन के पीछे गठ‍िया रोग, एड‍िमा, डायब‍िटीज, प्रेग्नेंसी, इंफेक्‍शन, हाथों का क‍िसी काम में अध‍िक इस्‍तेमाल, अध‍िक मात्रा में नमक का सेवन, खराब ब्‍लड सर्कुलेशन, एक्‍सरसाइज और क‍िडनी की समस्‍या जैसे कारण हो सकते हैं। अगर हाथों में बार-बार सूजन हो, लंबे समय तक सूजन बनी रहे, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। हाथों में सूजन होने पर अध‍िक नमक का सेवन, तेज गर्म सिंकाई, भारी वजन उठाना, हाथों को एक ही स्‍थ‍ित‍ि में रखना, खुद से दवाएं लेना, टाइट अंगूठी या चूड़ी पहनना, तेज मसाज वगैरह से बचना चाह‍िए।

image credit: magnific

FAQ

  • सुबह उठने पर हाथों में सूजन क्यों होती है?

    रातभर एक ही पाेजीशन में रहने से हाथों के ट‍िशूज में तरल पदार्थ जमा हो सकता है इसलिए सुबह उंगलियां और हाथ कुछ समय के लिए सूजे हुए लग सकते हैं।
  • क्या गर्मी में हाथों में सूजन आ सकती है?

    गर्म मौसम में ब्‍लड वेसल्‍स अध‍िक फैलती है ज‍िसके कारण कुछ तरल पदार्थ हाथों के ट‍िशूज में जमा होकर सूजन पैदा कर सकता है।

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Aug 21, 2026 20:06 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Rajeev Chowdry