आजकल की लाइफस्टाइल पर देर तक खड़े रहना या बैठकर काम करना आम बात होती जा रही है, लेकिन यह आदत सेहत को बुरी तरह प्रभावित करती है खासकर पैरों को क्योंकि पैर हमारे शरीर का भार उठाते हैं, ऐसे में अगर पैरों का ब्लड सर्कुलेशन ठीक न हो या पैरों से संबंधित समस्या हो, तो सेहत और दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। पैरों में सूजन, दर्द के पीछे अक्सर दो कॉमन समस्याएं होती हैं वैरिकोज वेन्स या लेग एडिमा। वैरिकोज वेन्स होने पर नसों में खून जमा हो जाता है जिसके कारण नस उभरी हुई नजर आती हैं वहीं लेग एडिमा में अतिरिक्त फ्लूइड जमा होने के कारण पैरों में सूजन दिखती है। ये दोनों समस्याएं के बीच का अंतर समझना जरूरी है क्योंकि यह किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जुड़ी हो सकती हैं। वैरिकोज वेन्स और लेग एडिमा के बीच का अंतर समझने के लिए हमने Dr. Rajeev Chowdry, Internal Medicine Specialist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।
वैरिकोज वेन्स
Dr. Rajeev Chowdry ने बताया कि वैरिकोज वेन्स को बनने में काफी समय लगता है, ये समस्या अचानक नहीं होती। जिस समय पैरों में सूजन या दर्द महसूस हो, तभी बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। मांसपेशियां अच्छी तरह से काम न करने के कारण वैरिकोज वेन्स की समस्या हो सकती है। वैरिकोज वेन्स में वॉल्व खराब होने के कारण हार्ट तक ब्लड नहीं पहुंच पाता है जिसके कारण ब्लड नसों में जमा होने लगता है और नसें नीली दिखने लगती हैं। हमारे हार्ट की तरह हमारी वेन्स के बाद ब्लड पंप करने के लिए हार्ट नहीं होता है और वेन्स को ब्लड फ्लो को ग्रैविटी के खिलाफ ऊपर की ओर रखना होता है। ऐसे में अगर व्यक्ति लंबे समय तक खड़ा रहेगा या बैठा रहेगा, तो लंबे समय में वैरिकोज वेन्स की शिकायत हो सकती है।
साल 2024 में Phlebology में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, वैरिकोज वेन्स के इलाज से लेग एडिमा की तकलीफ भी कम हो सकती है। स्टडी में वैरिकोज वेन्स के इलाज के बाद पैरों के साथ-साथ पूरे शरीर की सूजन में सुधार देखा गया।
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लेग एडिमा
Dr. Rajeev Chowdry ने बताया कि पैरों में सूजन की समस्या को ही मेडिकल भाषा में लेग एडिमा कहा जाता है। इस कंडीशन में पैरों में अतिरिक्त फ्लूइड इकट्ठा हो जाता है। अगर दोनों पैरों में सूजन है, तो डॉक्टर पहले पता लगाते हैं कि आप किसी दवा का सेवन, तो नहीं कर रहें क्योंकि कुछ दवाओं के इफेक्ट से भी कई बार दोनों पैरों में सूजन आ जाती है। उदाहरण के लिए बीपी की दवा सूजन का कारण बन सकती है। डायबिटीज, बुखार, दर्द, स्टेरॉइड, हार्मोनल दवाएं, कीमोथेरेपी, दिमागी कंडीशन जैसे डिप्रेशन में दी जाने वाली दवाएं भी पैरों में सूजन आ सकती है। इसलिए पैरों में सूजन नजर आने पर सबसे पहले डॉक्टर के पास जाएं और दवाएं चेक कराएं।
साल 2020 में Phlebology में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, पैरों की सूजन के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी, लिम्फेडेमा, हार्ट, किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याएं। साथ ही स्टडी में वैरिकोज वेन्स और वेनस डिजीज से जुड़ी सूजन को पहचानने के लिए नसों की कार्यक्षमता और ब्लड सर्कुलेशन की जांच की सलाह दी है।
वैरिकोज वेन्स और लेग एडिमा के बीच अंतर

मुख्य अंतर
- वैरिकोज वेन्स नसों की समस्या है जिसमें नसों के वॉल्व के कमजोर होने के कारण ब्लड ऊपर की ओर जाने के बजाय नसों में जमा होने लगता है। इस वजह से नसें उभरी हुई नजर आने लगती हैं।
- लेग एडिमा में पैरों के टिशूज में तरल पदार्थ जमा होने के कारण सूजन आ जाती है जो पैर, टखने या पंजे में दिख सकती है।
लक्षणों में अंतर
- वैरिकोज वेन्स में पैरों पर नीली, हरी या बैंगनी रंग की टेढ़ी-मेढ़ी और उभरी हुई नसें दिखाई दे सकती हैं। उभरी हुई और मुड़ी हुई नसें वैरिकोज वेन्स की सबसे बड़ी पहचान हैं।
- लेग एडिमा का मुख्य लक्षण सूजन है। इसमें वैरिकोज वेन्स की तरह उभरी हुई नसें नजर आना जरूरी नहीं है। त्वचा को दबाने पर त्वचा में गड्ढा पड़ना कई मामलों में लेग एडिमा की पहचान हो सकती है।
- साल 2026 में Medicine में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, वैरिकोज वेन्स के इलाज में एंडोवेनस लेजर एब्लेशन (EVLA), रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) और टिशू एडहेसिव तकनीक तेजी से लोकप्रिय हुई हैं।
प्रभावित अंग
- वैरिकोज वेन्स के ज्यादातर केस में पिंडली और जांघ की नसें प्रभावित होती हैं।
- लेग एडिमा में अक्सर टखनों, पंजों और निचले पैरों को सूजन प्रभावित करती है।
कारण
- वैरिकोज वेन्स के पीछे पारिवारिक इतिहास, लंबे समय तक खड़े रहने की आदत, बढ़ती उम्र या मोटापा हो सकता है।
- लेग एडिमा के पीछे लंबे समय तक बैठने की आदत, ज्यादा नमक का सेवन, हार्ट, लंग, किडनी की बीमारी, नसों की समस्या या दवाओं का असर हो सकता है।
इलाज में अंतर
वैरिकोज वेन्स
- वैरिकोज वेन्स के इलाज में खराब नसों में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करना होता है। इसके लिए एक्सरसाइज, वेट मैनेजमेंट, कंप्रेशन सॉक्स, एक्सरसाइज की मदद ली जाती है।
- जरूरत पड़ने पर लेजर या स्कलेरोथेरेपी (Sclerotherapy) की मदद ली जाती है जिसमें प्रभावित नस में दवा इंजेक्ट की जाती है।
लेग एडिमा
- लेग एडिमा में जीवनशैली में बदलाव, पैरों को ऊंचा रखना, कंप्रेशन थेरेपी और सूजन के कारण पर आधारित इलाज किया जाता है। जैसे अगर थायराइड के कारण सूजन है, तो थायराइड में दवाएं दी जाती हैं।
- अगर सूजन का कारण हार्ट, किडनी या अन्य कोई बीमारी है, तो डाययूरेटिक्स जैसी दवाओं की मदद भी ली जाती है।
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दोनों पैरों में सूजन के पीछे ये बीमारियां तो नहीं?

- हाइपोथायराइडिज्म के कारण भी पैरों में सूजन आ सकती है। इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर थायराइड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।
- शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया के कारण भी पैरों में सूजन आ सकती है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी सूजन हो सकती है।
- शरीर में प्रोटीन की कमी से भी पैरों में सूजन आ सकती है। इसे चेक करने के लिए एल्बुमिन टेस्ट किया जाता है।
- लिवर की समस्या जैसे लिवर सिरोसिस के कारण भी पैरों में सूजन आ सकती है।
- क्रॉनिक किडनी डिजीज में भी पैरों में सूजन आ सकती है।
- कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के मामले में पैरों में सूजन आ सकती है। ऐसे केस में डॉक्टर इको या ईसीजी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।
- लंग डिजीज भी पैरों में सूजन का कारण हो सकता है।
- प्रेग्नेंसी में भी पैर में सूजन दिख सकती है। प्रेग्नेंसी में हाई बीपी के कारण पैरों में सूजन आ सकती है।
- जो लोग बहुत देर तक खड़े रहते हैं या बैठे रहते हैं, उन्हें भी लेग एडिमा हो सकता है।
एक पैर में सूजन के पीछे क्या कारण होते हैं?
- एक पैर में दर्द है, तो अर्थराइटिस या हड्डी में फ्रैक्चर जैसे कारण हो सकते हैं।
- जब एक पैर में सूजन होती है, तो उसका कारण वैरिकोज वेन्स हो सकती है।
- डीप वेन थ्रोम्बोसिस के कारण भी एक पैर में सूजन आ सकती है।
वैरिकोज वेन्स और लेग एडिमा से बचाव के उपाय
- ये उपाय तभी असरदार होते हैं जब आप इन्हें अर्ली स्टेज में अपनाएंगे।
- कंप्रेशन सॉक्स का यूज करें। जो काम मांसपेशियां करती हैं वो काम सॉक्स करेंगे। इनका इस्तेमाल खड़े रहते समय या बैठते समय करें।
- ज्यादा समय तक खड़े रहने या बैठे रहने से बचें।
- मोटापा कम करें और ज्यादा टाइट जीन्स या पैंट न पहनें।
- हाई हील सैंडल पहनने से काफ मसल्स ठीक से काम नहीं करती हैं इसलिए इससे भी बचना चाहिए।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- अगर पैरों की सूजन कई दिनों तक हो या पैरों में तेज दर्द हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
- पैरों की तकलीफ के साथ सांस लेने में परेशानी होन, सीने में दर्द हो, तो डॉक्टर से मिलें।
- एक पैर में सूजन हड्डी या जोड़ों की समस्या हो सकती है इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।
- पैरों की त्वचा का रंग लाल, नीला या काला नजर आए, तो जांच कराएं।
निष्कर्ष:
वैरिकोज वेन्स में नसों में खून जमा हो जाता है और लेग एडिमा में पैरों में अतिरिक्त फ्लूइड इकट्ठा हो जाता है। दोनों ही समस्याओं में ज्यादातर बैठना या खड़े रहना हानिकारक साबित हो सकता है। वैरिकोज वेन्स में पिंडली और जांघ की नसें प्रभावित होती हैं और लेग एडिमा में टखनों, पंजों और निचले पैरों में सूजन दिख सकती है। साथ ही दोनों बीमारियों, हार्ट, किडनी, लंग और शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित कर सकती हैं इसलिए समय पर इलाज और पहचान जरूरी है।
FAQ
वैरिकोज वेन्स और लेग एडिमा एक साथ हो सकता है?
हां, यह दोनों समस्याएं एक साथ भी हो सकती हैं और पैरों में सूजन या उभरी हुई नसें दोनों नजर आ सकती हैं।लेग एडिमा के पीछे हमेशा गंभीर कारण होते हैं?
ऐसा जरूरी नहीं है। लंबे समय तक बैठने या प्रेग्नेंसी के कारण भी ऐसा हो सकता है। हालांकि, लंबे समय तक सूजन दिखने पर जांच कराएं।
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Jul 21, 2026 12:00 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Rajeev Chowdry