Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

पैरों की सूजन दूर करने के ल‍िए अपनाएं ये 5-स्टेप रूटीन, जानें क‍ब करना चाह‍िए डॉक्‍टर से संपर्क?

पैरों की सूजन के पीछे खराब ब्‍लड सर्कुलेशन, लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठे या खड़े रहने की आदत या फ्लूड रि‍टेंशन जैसे कारण हो सकते हैं। जानें 5 स्‍टेप रूटीन जो पैरों की सूजन को दूर करने में मदद कर सकता है।

क्‍या आपके भी पैरों में सूजन रहती है और चलने-फ‍िरने में दर्द महसूस होता है? कई लोगों को चलते समय तेज दर्द उठता है, वे ज्‍यादा देर खड़े नहींं रह सकते, पैरों में रेडनेस नजर आती है और पैर सामान्‍य से ज्‍यादा मोटे नजर आते हैं। पैरों की सूजन होने पर अक्‍सर लोग ज्‍यादा बैठना शुरू कर देते हैं, लेक‍िन ज्‍यादा देर बैठने के कारण सूजन बढ़ सकती है। पैरों की सूजन होने पर लोग पेनक‍िलर्स का सेवन करने लगते हैं, लेक‍िन ज्‍यादा पेनक‍िलर्स लेना सेहत के ल‍िए हान‍िकारक है, इसल‍िए हम आपको बताने जा रहे हैं 5 स्‍टेप रूटीन, जो पैरों की अकड़न, सूजन और दर्द को दूर करने के ल‍िए असरदार हो सकता है। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

पैरोंं में सूजन के पीछे ये हो सकते हैं कारण

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Mayo Clinic के मुताब‍िक, पैरोंं में सूजन हार्ट या सर्कुलेशन की समस्‍या नहींं है। पैरों में फ्लूड ब‍िल्‍डअप के कारण सूजन हो सकती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे वजन ज्‍यादा होना, एक्‍ट‍िव न रहना, लंंबे समय तक खड़े रहना या बैठे रहना, टाइट जीन्‍स या मोजे पहनना वगैरह। पैरों में फ्लूड ब‍िल्‍डअप के पीछे और भी कुछ कारण हो सकते हैं जैसे- एक्‍यूट क‍िडनी इंजरी, कीमोथेरेपी, क्रॉन‍िक क‍िडनी ड‍िजीज, स‍िरोस‍िस, डीप वेन थ्रोम्बोसिस, हार्ट फेल‍ियर, ओबेस‍िटी, प्रेग्‍नेंसी, पल्मोनरी हाइपरटेंशन जैसे कारण हो सकते हैं।

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5 स्‍टेप रूटीन से दूर कर सकते हैं पैरों की सूजन

अगर आपके भी पैरों में सूजन है, तो राहत के ल‍िए ये 5 स्‍टेप वाला रूटीन फाॅलो करें-

  • ब्‍लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने के ल‍िए हल्‍की बेली ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज से शुरुआत करें।
  • इसके बाद काफ रेज एक्‍सरसाइज करें ताक‍ि काफ मसल्‍स एक्‍ट‍िव हो जाएंं। काफ रेज करने के ल‍िए पंंजों के बल खड़े हो जाएं और एड़ि‍यों को ऊपर उठाएं।
  • इसके बाद 15 से 20 म‍िनट वॉक करें।
  • पैरोंं की माल‍िश करें। एड़ी से घुटने की ओर हाथों को ऊपर ले जाते हुए माल‍िश करें। माल‍िश के ल‍िए नीलग‍िरी और कोकोनट ऑयल को म‍िक्‍स करके इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • पैरों में जमा फ्लूड को संतुल‍ित करने के ल‍िए एंकल पंप एक्‍सरसाइज करें। बैठ जाएं और घुटने सीधे रखें। अब एड़ी को चेहरे की तरफ खीचें। कुछ सेकंड होल्‍ड करें फ‍िर र‍िलैक्‍स पोजीशन में आ जाएं।
  • इस आसान रूटीन को फॉलो करने से पैरों की सूजन और दर्द से राहत म‍िलेगी।

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डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर पैरों की सूजन कुछ द‍िन में ठीक न हो, तो डॉक्‍टर को द‍िखाएं।
  • अगर पैर का दर्द ठीक होने के बाद दोबारा होने लगे, तो भी डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • केवल एक पैर में दर्द हो, तो भी इसे गंंभीरता से लें।
  • अगर एक पैर में दर्द, रेडनेस या गर्माहट महसूस हो, तो भी मेड‍िकल हेल्‍प लें।
  • चेस्‍ट पेन या सांस लेने में परेशानी हो, तो भी डॉक्‍टर से सलाह लें।

न‍िष्‍कर्ष:

पैरों में सूजन होने पर 5 स्‍टेप रूटीन फॉलो कर सकते हैं। सबसे पहले बेली ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज से शुरुआत करें, फ‍िर काफ रेज एक्‍सरसाइज करें, 20 म‍िनट की वॉक लें, पैरों की माल‍िश करें और एंकल पंंप एक्‍सरसाइज करें।

FAQ

  • पैरों में सूजन कैसे होती है?

    पैरों, टखनों या प‍िंडल‍ियोंं में तरल पदार्थ जमा होने के कारण पैरों में सूजन, रेडनेस और दर्द महसूस हो सकता है। 
  • पैरोंं की सूजन को दूर करने के ल‍िए क्‍या करें?

    रोजाना 30 मि‍नट वॉक करें, ज्‍यादा देर एक ही पोजीशन में रहने से बचें, पर्याप्‍त पानी प‍िएं और ज्‍यादा नमक के सेवन से बचें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 30, 2026 22:27 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 30, 2026 22:27 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

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