पैरों में सूजन और दर्द होना एक आम समस्या होती है, जो लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा चलने, चोट लगने, बढ़ती उम्र, मोटापे या लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने के कारण हो सकती है। कई बार यह समस्या लोगों की नसों, किडनी से जुड़ी समस्या, दिल की बीमारी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी स्थिति के भी संकेत हो सकती हैं। आयुर्वेद में इसे शीरर के दोषों के असंतुलन और लिक्विड का जमाव से जोड़कर देखा जाता है। पैरों में हल्की सूजन और दर्द से राहत पाने के लिए आप कुछ आयुर्वेदिक उपायों को अपना सकते हैं। आइए इस लेख में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि पैरों की सूजन और दर्द से राहत कैसे पाएं?
पैरों की सूजन और दर्द से राहत के लिए आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, पैरों में होने वाली सूजन और दर्द से राहत पाने के लिए आप इन आयुर्वेदिक उपायों को अपना सकते हैं-
1. तेल मालिश से मिल सकता है आराम
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, आयुर्वेद में अभ्यंग यानी औषधीय तेल से पूरे शरीर या प्रभावित हिस्से की मालिश करना जरूरी माना जाता है। हल्के हाथों से की गई पैरों की मालिश ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने, मांसपेशियों को आराम देने और जकड़न कम करने में फायदेमंद हो सकती है। तिल के तेल या आयुर्वेदिक औषधीय तेलों से मालिश करने के बाद गुनगुने पानी से नहाने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अगर सूजन चोट, इंफेक्शन, स्किन पर घाव या ब्लड के थक्के के कारण हो तो मालिश करने से बचना चाहिए।
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2. अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल का इस्तेमाल आयुर्वेद में लंबे समय से किया जाता रहा है। आयुर्वेद में अर्जुन की छाल को एक बहुत ही गुणकारी औषधि मानी जाती है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण पैरों की सूजन और दर्द से राहत दिलाने में बहुत असरदार होता है। अर्जुन की छाल जड़ी बूटी दिल के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। अगर पैरों की सूजन दिल से जुड़ी किसी बीमारी से जुड़ी हो तो खुद अर्जुन का सेवन शुरू करने के स्थान पर डॉक्टर या आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। अर्जुन की छाल का इस्तेमाल आप काढ़ा, चाय या दूध में मिलाकर कर सकते हैं। इसके अलावा इसका लेप बनाकर भी पैरों में लगाने से राहत मिल सकती है।
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3. पुनर्नवा
आयुर्वेद में पुनर्नवा एक बेहतरीन औषधि मानी जाती है, जिसका इस्तेमाल शरीर में लिक्विड के संतुलन को बनाए रखने और सूजन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण पैरों के दर्द और सूजन को कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं। पुनर्नवा का इस्तेमाल आप काढ़े के रूप में कर सकते हैं। इसके अलावा पुनर्नवा का इस्तेमाल पेस्ट या लेप के रूप में भी किया जा सकता है।
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4. अदरक
अदरक में ऐसे नेचुरल कंपाउड्स पाए जाते हैं, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण हो सकते हैं। इसे चाय, काढ़े या भोजन में सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है। कुछ लोगों को अदरक के सेवन से मांसपेशियों की अकड़न और हल्की सूजन से राहत महसूस हो सकती है। हालांकि, अगर आप खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं या पित्त से जुड़ी समस्याएं हैं तो ज्यादा मात्रा में अदरक का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। अदरक का सेवन करने के अलावा आप पैरों की सूजन और दर्द से राहत पाने के लिए अदरक के पानी की गर्म सिकाई, अदरक के पानी में फुट बाथ और अदरक के तेल से पैरों की मालिश करना फायदेमंद हो सकता है।
निष्कर्ष
अभ्यंग, अर्जुन की छाल, पुनर्नवा और अदरक जैसे आयुर्वेदिक उपायों का इस्तेमाल करने से पैरों में होने वाली सूजन और दर्द से राहत मिल सकता है। हालांकि, किसी भी गंभीर बीमारी के इलाज के विकल्प के रूप में इन उपायों का उपयोग करने से बचें और डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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FAQ
पैरों में सूजन आना किस बीमारी का लक्षण है?
पैरों में सूजन आना मुख्य रूप से शरीर के टिश्यू में तरल पदार्थ जमा होने के कारण होता है। यह खराब लाइफस्टाइल के अलावा कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है, जैसे लिवर से जुड़ी समस्या, दिल की बीमारी या किडनी की परेशानी।पैरों में सूजन आने पर कौन सा टेस्ट करना चाहिए?
पैरों में सूजन के सही कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टर आमतौर पर लक्षणों के आधार पर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और इमेजिंग स्कैन की सालह दी जाती है।
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Jun 29, 2026 19:14 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jun 29, 2026 19:14 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma