आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान के कारण सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का जोखिम बढ़ रहा है। ऐसे में सेहत को बेहतर रखने के लिए लोग हेल्दी लाइफस्टाइल और शारीरिक गतिविधियां अपनाते हैं। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो घरेलू नुस्खों पर विश्वास करते हैं और आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाते हैं। अक्सर कई लोग अपनी डाइट में अर्जुन की छाल को काढ़े या चाय के रूप में शामिल करते हैं। अर्जुन की छाल आयुर्वेद में एक बेहतरीन जड़ी-बूटी के रूप में उपयोग किया जाता है। इसलिए, आइए हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि अर्जुन की छाल का काढ़ा या चाय सेहत के लिए क्या ज्यादा बेहतर होता है?
अर्जुन की छाल का काढ़ा या चाय: क्या है फायदेमंद?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि अर्जुन की छाल को पानी के काढ़े की स्थान पर दूध की चाय के रूप में लेना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसका कारण यह है कि अर्जुन की छाल में पाए जाने वाले जरूरी औषधीय तत्व जैसे एल्कलॉइड और फ्लेवोनॉइड्स दूध में अच्छी तरह घुल जाते हैं, जिससे इसकी ताकत पूरी तरह बाहर आती है। इसके अलावा, अर्जुन की छाल बहुत रूक्ष यानी रूखी होती है, इसलिए अगर इसे सिर्फ पानी में उबालकर पिया जाए तो यह शरीर में सूखापन बढ़ा सकती है। जब हम इसे दूध के साथ पकाकर पीते हैं, तो दूध का चिकनापन इसके रूखेपन को खत्म कर देता है और इसका सीधा और सकारात्मक असर हमारे दिल पर पड़ता है।
इसे भी पढ़ें: अर्जुन की छाल ही नहीं, पत्तों का सेवन भी सेहत के लिए है फायदेमंद, जानें खाने का तरीका
दूध के साथ अर्जुन की छाल क्यों है फायदेमंद?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार दूध के साथ अर्जुन की छाल की चाय सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि-
1. बायोएक्टिव कंपाउंड्स का एक्टिवेशन
अर्जुन की छाल में मौजूद एक्टिव तत्व जैसे अर्जुनोलिक एसिड और फ्लेवोनॉइड्स लिपिड या फैट के साथ मिलकर शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं। दूध में नेचुरल फैट होता है, यह इन तत्वों के लिए एक बेहतरीन कैरियर का काम करता है।
2. दिल के लिए फायदेमंद
आयुर्वेद के अनुसार, गाय का दूध खुद भी दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है। जब दूध और अर्जुन की छाल को एक साथ पकाया जाता है, तो यह एक सिनर्जिस्टिक इफेक्ट पैदा करता है, जिससे दिल की पंपिंग क्षमता में सुधार होता है और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है।
-1783268064349.jpg)
3. वात और पित्त संतुलित रहता है
अर्जुन का स्वाद कसैला और तासीर ठंडी होती है। इसलिए, इसे दूध के साथ मिलाकर लेने पर वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित रखने में मदद मिलती है, जिससे शरीर में कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है।
इसे भी पढ़ें: अर्जुन की छाल के फायदे, नुकसान और सेवन का सही तरीका, दिल के मरीज जरूर जानें
अर्जुन की चाय कैसे बनाएं?
अर्जुन की चाय बनाने के लिए एक बर्तन में आधा कप पानी और एक कप दूध लें। अब इसमें 3 से 4 ग्राम अर्जुन की छाल का पाउडर और एक चुटकी दालचीनी मिलाएं। इस चाय को धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक पानी उड़ न जाए और सिर्फ दूध बच जाए। इसके बाद इसे छान लें और हल्का गुनगुना होने पर घूंट-घूंट करके पिएं।
निष्कर्ष
अर्जुन के काढ़े से ज्यादा चाय ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है। अगर आप सिर्फ वजन कम करने या कफ की समस्या से राहत पाने के लिए इसका सेवन कर रहे हैं तो कुछ समय के लिए काढ़ा पी सकते हैं। लेकिन, अगर दिल की सेहत, ब्लॉकेज से बचाव और सही फायदा पाना चाहते हैं को दूध के साथ चाय बनाकर पीना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
Image Credit: Freepik
FAQ
अर्जुन की छाल को कितने दिन तक पीना चाहिए?
आमतौर पर अर्जुन की छाल का सेवन 1 से 3 महीने तक करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, लंबे समय तक लगातार इसका सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।अर्जुन को लेने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
अर्जुन की छाल को लेने का सबसे बेहतर तरीका इसे काढ़ा या चाय बनाकर पीना है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 05, 2026 21:45 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jul 05, 2026 21:45 IST
Modified By : Katyayani TiwariJul 05, 2026 21:45 IST
Modified By : Katyayani TiwariJul 05, 2026 21:45 IST
Modified By : Katyayani TiwariJul 05, 2026 21:45 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma