Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

अर्जुन की छाल के फायदे, नुकसान और सेवन का सही तरीका, दिल के मरीज जरूर जानें

आयुर्वेद में अर्जुन की छाल (Terminalia Arjuna) को हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद प्रभावशाली औषधि माना गया है। यहां जानिए, अर्जुन की छाल के फायदे, नुकसान और सेवन का सही तरीका क्या है?

इस पेज पर:-


आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल से जुड़ी बीमारियां चुपचाप लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। कम उम्र में थकान, सीने में भारीपन, घबराहट और सांस फूलना जैसे लक्षण अब आम होते जा रहे हैं। ऐसे समय में लोग दवाओं के साथ-साथ नेचुरल और आयुर्वेदिक उपायों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं। इसी में अर्जुन की छाल का नाम बार-बार सामने आता है। दिलचस्प बात यह है कि अर्जुन की छाल का उपयोग सिर्फ हार्ट हेल्थ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हड्डियों को मजबूत करने और शरीर को अंदर से ताकत देने में भी अहम भूमिका निभाती है। यही कारण है कि आज के समय में वैद्य और आयुर्वेदिक डॉक्टर इसे अपनी चिकित्सा पद्धति में शामिल कर रहे हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि अर्जुन की छाल किन बीमारियों में फायदेमंद है, इसे कितने दिन तक लिया जा सकता है और क्या इसके कोई साइड इफेक्ट भी हैं? आरोग्य विद आयुर्वेद के इस विशेष लेख में हम रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से अर्जुन की छाल से जुड़े हर जरूरी पहलू को विस्तार से समझेंगे, ताकि आप इसे सही जानकारी के साथ अपने जीवन में शामिल कर सकें।

अर्जुन की छाल से कौन-कौन सी बीमारी ठीक होती है? - What is arjuna bark good for

अर्जुन की छाल का सबसे बड़ा फायदा हार्ट संबंधी समस्याओं में देखा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करती है। हार्ट वीकनेस, धड़कन का असंतुलन, सीने में भारीपन और थकान जैसी समस्याओं में अर्जुन की छाल को उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा, यह हड्डियों की मजबूती में भी सहायक है। कई आयुर्वेदिक हड्डियों की दवाओं में अर्जुन की छाल का प्रयोग किया जाता है क्योंकि यह हड्डियों की डेंसिटी बढ़ाने और उन्हें ताकत देने में मदद करती है।

इसे भी पढ़ें: Arogya with Ayurveda: सेहत के लिए लाभदायक है अलसी, जानें इसके फायदे-नुकसान और सेवन का तरीका

क्या अर्जुन हार्ट ब्लॉकेज दूर कर सकता है? - Can arjuna remove heart blockage

इस सवाल को लेकर लोगों में काफी भ्रम रहता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि अर्जुन की छाल हार्ट ब्लॉकेज को सीधे हटाने की दवा नहीं है, लेकिन यह हार्ट को मजबूत बनाकर और रक्त संचार सुधारकर हार्ट से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है। यह एक सपोर्टिव आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे एलोपैथिक इलाज का विकल्प नहीं बल्कि सहायक माना जाना चाहिए।

अर्जुन की छाल को लेने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? - How to use arjuna bark

आयुर्वेद के अनुसार, अर्जुन की छाल को लेने का सबसे प्रभावी तरीका काढ़ा या चाय है। डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि अर्जुन की छाल को पानी में उबालकर, उसमें दूध मिलाकर चाय के रूप में सेवन करना सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। दूध मिलाने से इसकी रूक्षता कम हो जाती है और शरीर इसे बेहतर तरीके से स्वीकार करता है। यही कारण है कि परंपरागत रूप से अर्जुन की छाल को दूध के साथ लेने की सलाह दी जाती है।

इसे भी पढ़ें: Arogya with Ayurveda: औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं पान के पत्ते, जानें फायदे-नुकसान और सेवन के तरीके

अर्जुन की छाल का काढ़ा कब और कैसे पीना चाहिए? - What is the best time to take Arjuna kadha

अर्जुन की छाल का काढ़ा सुबह खाली पेट पीना सबसे बेहतर माना जाता है। सुबह के समय शरीर औषधियों को अधिक अच्छे से अवशोषित करता है। काढ़ा बनाते समय अर्जुन की छाल को पानी में अच्छी तरह उबालें और अंत में थोड़ा दूध मिलाकर गुनगुना सेवन करें। इसे चाय की तरह पिया जा सकता है। नियमित और सही तरीके से लिया गया अर्जुन का काढ़ा हृदय को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में सहायक होता है।

अर्जुन की छाल की तासीर क्या होती है?

आयुर्वेद के अनुसार, अर्जुन की छाल की तासीर ठंडी होती है। यही वजह है कि यह पित्त दोष को शांत करने में मदद करती है। ठंडी तासीर होने के कारण यह जलन, बेचैनी और अधिक गर्मी से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी मानी जाती है। हालांकि, ठंडी तासीर के कारण इसे सही अनुपान यानी दूध के साथ लेना अधिक लाभकारी होता है।

इसे भी पढ़ें: Arogya With Ayurveda: अमलतास है सेहत के लिए फायदेमंद, आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे और खाने का तरीका

arjuna bark benefits side effects and uses

अर्जुन की छाल को कितने दिन तक पीना चाहिए?

डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, अर्जुन की छाल की चाय का सेवन सालों-साल किया जा सकता है, बशर्ते इसे सही मात्रा और सही तरीके से लिया जाए। यह कोई ऐसी औषधि नहीं है जिसे कुछ दिनों के बाद बंद करना अनिवार्य हो। हालांकि, लंबे समय तक सेवन करने से पहले व्यक्ति की प्रकृति और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।

क्या अर्जुन की छाल लिवर के लिए फायदेमंद है? - Is arjuna good for the liver

लोग अक्सर यह सवाल भी पूछते हैं कि क्या अर्जुन की छाल लिवर के लिए लाभकारी है। इस पर डॉक्टर श्रेय शर्मा का मानना है कि अर्जुन की छाल का उपयोग लिवर के लिए खास नहीं माना जाता। इसका मुख्य प्रभाव हृदय और हड्डियों पर देखा जाता है। लिवर से जुड़ी समस्याओं के लिए आयुर्वेद में अन्य जड़ी-बूटियां अधिक प्रभावी मानी जाती हैं।

अर्जुन की छाल का हड्डियों पर असर

अर्जुन की छाल हड्डियों की डेंसिटी को बढ़ाने में सहायक मानी जाती है और उन्हें ताकतवर बनाती है। इसी कारण कई आयुर्वेदिक हड्डियों की दवाओं में अर्जुन की छाल का उपयोग किया जाता है। बढ़ती उम्र में हड्डियों की कमजोरी से बचाव के लिए इसका सेवन लाभकारी हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: Arogya With Ayurveda: सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं कुसुम के फूल, जानें इस्तेमाल का तरीका

अर्जुन की छाल के साइड इफेक्ट क्या हैं? - What are the side effects of arjuna bark

आयुर्वेदिक दृष्टि से अर्जुन की छाल को सुरक्षित माना जाता है और इसके कोई बड़े साइड इफेक्ट नहीं बताए गए हैं। हालांकि, डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि अगर अर्जुन की छाल का काढ़ा बिना दूध के लगातार पिया जाए तो यह शरीर में रूक्षता यानी खुश्की पैदा कर सकता है। इसलिए दूध के साथ सेवन करना बेहतर माना जाता है।

अर्जुन की छाल किन लोगों को नहीं लेनी चाहिए? - Who should not take arjuna bark

सामान्य रूप से अर्जुन की छाल का सेवन लगभग हर कोई कर सकता है लेकिन यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी रही हो, हार्ट की जटिल समस्या हो या वह किसी विशेष दवा का सेवन कर रहा हो, तो अर्जुन की छाल को लेने से पहले डॉक्टर या वैद्य की सलाह लेना जरूरी है। गर्भवती महिलाएं या गंभीर रोग से पीड़ित लोग भी इसे एक्सपर्ट की देखरेख में ही लें।

निष्कर्ष

यह कहा जा सकता है कि अर्जुन की छाल एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है, जो खासतौर पर हृदय और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जानी जाती है। सही तरीके, सही समय और सही मात्रा में लिया गया अर्जुन की छाल का काढ़ा लंबे समय तक शरीर को मजबूती प्रदान कर सकता है। हालांकि, इसे संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ अपनाना चाहिए।

Read Next

Hard Water Damage: कहीं खारे पानी से तो बाल नहीं झड़ रहे? आयुर्वेदाचार्य ने बाल बचाने के बताए 5 घरेलू नुस्खे

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 07, 2026 12:22 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 07, 2026 12:22 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 07, 2026 12:22 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content