Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kiran Gupta , Yoga, Naturopathy Consultant & Nutrition & Dietician

थायराइड में धनिया के बीज का पानी और त्रिकटु चूर्ण लेने से मिलते हैं फायदे, आयुर्वेदाचार्य से जानें सही तरीका

थायराइड को कंट्रोल करने के लिए धनिया के बीज और त्रिकटु चूर्ण का पानी पीना फायदेमंद हो सकता है। यह पाचन और मेटाबॉलिज्म में सुधार करके शरीर को एनर्जी देता है। 

थायराइड गले में मौजूद एक छोटी ग्रंथि है, लेकिन यह शरीर के कई जरूरी कामों को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाती है। जब थायराइड हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है, तो वजन बढ़ने या कम होने, थकान, बाल झड़ने, कब्ज, कमजोरी और मूड में बदलाव होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में कई लोग थायराइड को कंट्रोल करने के लिए घरेलू नुस्खों को अपनाते हैं। कुछ आयुर्वेदिक उपाय भी थायराइड को कंट्रोल करने में प्रभावी साबित हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है धनिया के बीज और त्रिकटु चूर्ण से तैयार पानी। हालांकि, यह थायराइड की दवा का विकल्प नहीं है, लेकिन संतुलित डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ इसे लेना आपके थायराइड को कंट्रोल करने में फायदेमंद हो सकता है। आइए मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं।

थायराइड में धनिया के बीज के फायदे

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता का कहना है कि धनिया के बीज पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक, इसका सेवन पाचन में सुधार करने, शरीर को ठंडक देने और मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में काफी फायदेमंद माना जाता है। धनिया का पानी शरीर से ज्यादा पानी बाहर निकालने में मदद कर सकता है, जिससे सूजन की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। साथ ही यह पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

साल 2023 में International Journal of Pharmacognosy में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, धनिया के बीज में मौजूद 'फ्लेवोनोइड्स' थायराइड ग्लैंड की सूजन और अंदरूनी तनाव को कम करने में मदद करता है, जबकि इसके अन्य नेचुरल तत्व शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं ताकि वह खुद थायराइड ग्लैंड को नुकसान न पहुंचाए, जिससे हाशिमोटो जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों में राहत मिलती है। इसके साथ ही, यह दिमाग और थायराइड के बीच के कनेक्शन को सुधार कर हार्मोन के उतार-चढ़ाव को रोकता है।

इसे भी पढ़ें: PCOS vs थायरॉइड डिसऑर्डर: एक जैसे क्यों नजर आते हैं इनके लक्षण? बता रहे हैं डॉक्टर

01 (13)

थायराइड में त्रिकटु चूर्ण के फायदे

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, त्रिकटु चूर्ण तीन मसालों, सोंठ, काली मिर्च और पिपली को मिलाकर तैयार किया जाता है। आयुर्वेद में इसे पाचन शक्ति बढ़ाने और शरीर के मेटाबॉलिज्म को एक्टिव रखने के लिए जाना जाता है। त्रिकटु चूर्ण का सेवन करने से गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। साथ ही यह भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण में भी मदद करता है। साल 2018 में International Journal of Ayurveda and Pharma Research के क्लिनिकल ट्रायल के अनुसार, त्रिकटु चूर्ण हाइपोथायरायडिज्म को मैनेज करने में काफी असरदार है, क्योंकि यह इस बीमारी की मुख्य जड़ यानी टिश्यू में धीमे मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया, जिसे आयुर्वेद में मंदाग्नि कहा जाता है, को टारगेट करता है।

त्रिकटु और धनिया के बीज का पानी थायराइड में कैसे होता है फायदेमंद?

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता बताती हैं कि थायराइड की समस्या में पाचन और मेटाबॉलिज्म अक्सर प्रभावित होते हैं। ऐसे में धनिया के बीज और त्रिकटु चूर्ण वाला पानी पीने से पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अगर पाचन ठीक रहता है तो शरीर भोजन से जरूरी पोषक तत्वों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाता है। त्रिकटु और धनिया के बीज के पाउडर का पानी पीने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है और सुस्ती भी कम करने में मदद मिलती है।

इसे भी पढ़ें: नींद की कमी और थायराइड: आपसी संबंध, लक्षण और बचाव के तरीके जानें डॉक्टर से

कैसे करें सेवन?

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता ने बताया कि त्रिकटु चूर्ण और धनिया के बीज के पाउडर को एक साथ पीने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच धनिया के बीज रातभर भिगो दें। सुबह इसे उबालकर छान लें। जब पानी हल्का गुनगुना रह जाए, तब उसमें एक चुटकी त्रिकटु चूर्ण मिलाकर पी सकते हैं। ध्यान रहे, त्रिकटु चूर्ण की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसका ज्यादा सेवन पेट में जलन या एसिडिटी का कारण बन सकता है।

निष्कर्ष

धनिया के बीज और त्रिकटु चूर्ण वाला पानी पीना पाचन और मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करने में मदद करता है। हालांकि यह थायराइड की दवा का विकल्प नहीं है और न ही यह थायराइड को ठीक करने का इलाज है लेकिन दवाइयों, सही लाइफस्टाइल के साथ इस पानी का सेवन थायराइड को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • थायराइड होने से क्या दिक्कत होती है?

    थायराइड की समस्या दो तरह की होती है, हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म। इसमें वजन का कम या ज्यादा होना, ज्यादा थकान, बालों का झड़ना, स्किन का रूखा होना और महिलाओं में अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याएं शामिल हैं।
  • थायराइड में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?

    थायराइड में हार्मोन को संतुलित करने के लिए आयोडिन से भरपूर नमक, दही और मछली या अंडे का सबसे ज्यादा सेवन करना चाहिए।

Read Next

40 की उम्र पार करते ही हॉट फ्लैशेज और मूड स्विंग्स की परेशानी? डाइट में शामिल करें ये 4 जड़ी-बूटियां

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jul 05, 2026 15:03 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jul 05, 2026 15:03 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jul 05, 2026 15:03 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jul 05, 2026 15:03 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jul 05, 2026 15:03 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jul 05, 2026 15:03 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Kiran Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content