आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सबसे ज्यादा अगर किसी चीज पर असर पड़ा है, तो वह है हमारा पाचन तंत्र। देर से खाना, जंक फूड, मोबाइल देखते हुए भोजन करना और बढ़ता तनाव, ये सभी आदतें पेट से जुड़ी समस्याओं को न्योता दे रही हैं। गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, खाना ठीक से न पचना और कब्ज जैसी दिक्कतें अब आम हो चुकी हैं। कई लोग इन परेशानियों से राहत पाने के लिए बार-बार एंटासिड या दूसरी दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी समस्या जड़ से ठीक नहीं हो पाती। ऐसे में लोगों का रुझान एक बार फिर आयुर्वेदिक नुस्खों की ओर बढ़ रहा है। इन्हीं में से एक चर्चित नाम है त्रिकटु चूर्ण। यह कोई नया उपाय नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल की जाने वाली औषधि है, जिसमें कुछ जड़ी-बूटियों का मेल होता है। इस लेख में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानिए, क्या त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद करता है?
क्या त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद करता है?
आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के अनुसार, त्रिकटु चूर्ण तीन शक्तिशाली औषधियों सौंठ, काली मिर्च और पीपली का मिश्रण होता है। ये तीनों औषधियां अपने उष्ण और कटु गुणों के कारण पाचन अग्नि को प्रबल करने का काम करती हैं। आयुर्वेद में कमजोर पाचन को कई बीमारियों की जड़ माना गया है, ऐसे में त्रिकटु चूर्ण को अग्नि दीपक औषधि कहा जाता है।
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- आयुर्वेद मानता है कि जब पाचन अग्नि मंद हो जाती है, तो भोजन ठीक से नहीं पचता और आम (toxins) बनने लगते हैं।
- आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता बताती हैं कि त्रिकटु चूर्ण पाचन अग्नि को सक्रिय कर भोजन को बेहतर तरीके से पचाने में मदद करता है।
- इससे गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
- नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन पाचन क्षमता को धीरे-धीरे सुधारने में सहायक हो सकता है।
गैस और एसिडिटी में त्रिकटु चूर्ण के फायदे
गैस और एसिडिटी आज की सबसे आम समस्याओं में शामिल हैं। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के अनुसार, त्रिकटु चूर्ण में मौजूद काली मिर्च और पीपली पेट में जमा गैस को बाहर निकालने में मदद करती हैं, जबकि सौंठ एसिडिटी को संतुलित करने का काम करती है। हालांकि बहुत ज्यादा मात्रा लेने से उल्टा असर भी हो सकता है, इसलिए संतुलन बेहद जरूरी है।
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कब्ज और पेट भारीपन में कितना असरदार
कई लोगों को कब्ज के साथ पेट भारी रहने की शिकायत रहती है। ऐसे में त्रिकटु चूर्ण मल त्याग की प्रक्रिया को सुचारु बनाने में मदद कर सकता है। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता बताती हैं कि यह आंतों की एक्टिविटी को उत्तेजित करता है, जिससे पेट साफ होने में आसानी होती है। हालांकि जिन लोगों को पुरानी कब्ज या कोई गंभीर आंत संबंधी बीमारी है, उन्हें इसे डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।
त्रिकटु चूर्ण सेवन का सही तरीका क्या है?
त्रिकटु चूर्ण का सही सेवन बहुत जरूरी है। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता सलाह देती हैं कि आधा चम्मच त्रिकटु चूर्ण को गुनगुने पानी या शहद के साथ भोजन के बाद लिया जा सकता है। बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं और अल्सर या बवासीर के मरीजों को इसके सेवन से पहले एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद कर सकता है, खासकर जब समस्या कमजोर पाचन अग्नि से जुड़ी हो। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के अनुसार, सही मात्रा और सही तरीके से लिया गया त्रिकटु चूर्ण गैस, अपच और पेट भारीपन जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है। हालांकि किसी भी आयुर्वेदिक औषधि की तरह इसका सेवन भी समझदारी और विशेषज्ञ की सलाह के साथ करना सबसे बेहतर होता है।
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FAQ
खराब पाचन के लक्षण क्या होते हैं?
खराब पाचन के आम लक्षणों में गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, अपच, पेट भारी रहना, कब्ज और बार-बार डकार आना शामिल हैं।पाचन कमजोर होने के कारण क्या हैं?
अनियमित खानपान, ज्यादा तला-भुना या जंक फूड खाना, तनाव, नींद की कमी, कम पानी पीना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी पाचन कमजोर होने के मुख्य कारण हैं।क्या गैस और एसिडिटी में रोज दवा लेना सही है?
लगातार दवाइयों का सेवन केवल अस्थायी राहत देता है। लंबे समय तक बिना सलाह दवा लेने से पाचन और कमजोर हो सकता है।
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Feb 01, 2026 18:01 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Feb 01, 2026 18:01 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta