Trikutu churna for joint pain: त्रिकटु, पिप्पली, काली मिर्च और शुंठी से बना एक आयुर्वेदिक मिश्रण है जो कि आयुर्वेद में कई समस्याओं के समाधान में मददगार है। दरअसल, त्रिकटु में गर्मी होती है जो कि शरीर के ताप को बढ़ाने के साथ सूजन को कम करने के साथ दर्द कम करने में मददगार है। इसी वजह से बहुत से लोग इसे शरीर दर्द के लिए इस्तेमाल करते हैं और जिन लोगों को जोड़ों में दर्द की समस्या होती है उनके लिए भी यह फायदेमंद है। कैसे, इस बारे में जानेंगे Dr Sushma Shenoy, Consultant Department of Aesthetic Medicine, SDM College of Ayurveda Hospital and Research centre Kuthpady Udupi से। साथ ही जानेंगे कि जोंड़ों में दर्द के लिए त्रिकटु चूर्ण का इस्तेमाल कैसे करें, क्या है इसके फायदे।
जोड़ों के दर्द के लिए त्रिकटु चूर्ण-Trikutu churna for joint pain in hindi
Dr Sushma Shenoy बताते हैं कि त्रिकटु चूर्ण विशेष रूप से चयापचय और पाचन को बढ़ाने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है। यह जोड़ों के दर्द, विशेष रूप से गठिया और अर्थराइटिस जैसी शारीरिक समस्याओं के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो अक्सर विषाक्त पदार्थों के संचय और बढ़े हुए वात दोष से जुड़ी होती हैं।
जोड़ों के दर्द के लिए त्रिकटु चूर्ण के फायदे-Trikutu churna benefits for joint pain
त्रिकटु अपने गर्म स्वभाव के कारण पाचन को उत्तेजित करने में मदद करता है, जोड़ों में जमा होने वाले विषाक्त पदार्थों को बनने से रोककर, जो दर्द, अकड़न और सूजन का कारण बनते हैं। त्रिकटु चूर्ण अपने सूजनरोधी गुणों के कारण जोड़ों की सूजन से राहत देता है और लचीलेपन को बढ़ावा देता है। ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करके, त्रिकटु ऊतकों के बेहतर पोषण और प्रभावित क्षेत्रों की त्वरित रिकवरी सुनिश्चित करता है। यह वात-कफ प्रकार के जोड़ों के दर्द में विशेष रूप से फायदेमंद है, जो नम और ठंडे मौसम में बढ़ जाता है, क्योंकि इसकी गर्म करने वाली क्षमता अकड़न को कम करती है और आराम पहुंचाती है। इसके अलावा, त्रिकटु चूर्ण चयापचय को बढ़ाकर वजन प्रबंधन में सहायता करता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव को कम करता है।
इसे भी पढ़ें: ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में कैसे मदद करता है त्रिकटु चूर्ण, जानें आयुर्वेदाचार्य से
जोड़ों के दर्द में कैसे करें त्रिकटु चूर्ण का सेवन-How to have Trikutu churna for joint pain
जोड़ों के दर्द में त्रिकटु चूर्ण लेने के कई तरीके हैं। इसके अलावा आप रात में सोते समय या फिर दिन में खाली पेट इसका सेवन कर सकते हैं। आप इसे दही, छाछ और घी में मिलाकर भी सकते हैं। लेकिन, कुछ तरीके हैं जो कि गठिया के रोज में ज्यादा मददगार साबित हो सकते हैं। जैसे कि
गर्म पानी के साथ लें त्रिकटु चूर्ण
जोड़ों के दर्द में आप गर्म पानी के साथ त्रिकटु चूर्ण ले सकते हैं। आपको करना यह है कि 1 चम्मच त्रिकटु चूर्ण लें और इसे 1 गिलास गुनगुने पानी के साथ पी लें। आप इसे रात में पी सकते हैं जो कि जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मददगार है।
इसे भी पढ़ें: कब और कैसे लेना चाहिए त्रिकटु चूर्ण? आयुर्वेदिक डॉक्टर अनंत त्रिपाठी से जानें
शहद के साथ लें त्रिकटु चूर्ण
त्रिकटु चूर्ण, गुग्गुल-आधारित औषधियों के साथ आप शहद के साथ ले सकते हैं जो कि पुराने गठिया और पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए अपने चिकित्सीय प्रभाव को बढ़ा देता है। तो आप रात में 1 चम्मच शहद लें और इसमें त्रिकटु चूर्ण मिला लें। फिर इसका सेवन करें जो कि सूजन को कम करने के साथ गठिया के दर्द को कम करने में मददगार है।
हालांकि त्रिकटु चूर्ण में तीव्र उष्णता गुण होते हैं, फिर भी अगर आपको गैस्ट्राइटिस, एसिडिटी या उच्च पित्त की समस्या है, तो इसका उपयोग सावधानी से करें और सुनिश्चित करें कि आप किसी विशेषज्ञ की सलाह लें। अपने मन से त्रिकटु चूर्ण का सेवन न करें। इसकी सही मात्रा के बारे में एक्सपर्ट से जानकारी लें और अपनी स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए इसका सेवन करें।
FAQ
त्रिकटु चूर्ण कब लेना चाहिए?
त्रिकटु चूर्ण की खास बात यह है कि आप इसे भोजन से पहले, खाली पेट, रात में खाना खाने के बाद और भोजन के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं। यह औषधियां सेहत के लिए नुकसानदेह नहीं हैं बस मात्रा संतुलित रखें।त्रिफला चूर्ण में कौन सा विटामिन होता है?
त्रिफला चूर्ण में विटामिन सी होता है जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ आपको कई बीमारियों से बचा सकता है। इसे आप छाछ, घी और शहद के साथ मिलाकर ले सकते हैं।गठिया में घी खा सकते हैं क्या?
गठिया में घी का सेवन जोड़ों के दर्द को कम करने के साथ अकड़न को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा जिन लोगों के जोड़ों से अवाज आती है उनके लिए भी घी फायदेमंद है।