Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

खाने के बाद पेट भारी लगता है? राहत देंगी ये 3 आसान एक्सरसाइज

जो लोग ज्‍यादा खाते हैं या कार्ब्स वाली चीजों का ज्‍यादा सेवन करते हैं, उन्‍हें खाने के बाद पेट में भारीपन महसूस होता है। इसे दूर करने के ल‍िए तीन आसान एक्‍सरसाइज के बारे में जान लें।

कई लोगों को खाने के बाद पेट में भारीपन महसूस होता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। ज्‍यादा तला-भुना खाने के बाद पेट में भारीपन महसूस होता है। कुछ लोग खाने के तुरंत बाद इंटेंस एक्‍सरसाइज करने लगते हैं और ऐसा करना भी गलत है। इससे भी डाइजेशन खराब हो सकता है और पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि खाना खाने के बाद 10 से 15 मिनट की सैर बेहतर ब्लड फ्लो और डाइजेशन में मदद करती है। खाने के बाद वॉक करेंगे, तो ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलेगी। साथ ही पेट फूलने की समस्‍या कम होगी। खासकर खाने के बाद वॉक करें। ऑफ‍िस वर्कर्स अक्‍सर खाने के बाद चाय पीते हैं या लंच के बाद का समय बातचीत में ब‍िता देते हैं इसके बजाय हल्‍की वाॅक करें ताक‍ि पेट हल्‍का रहे। इसके अलावा तीन बेहतरीन एक्‍सरसाइज हैं ज‍िनकी मदद से पेट के भारीपन को दूर क‍िया जा सकता है। इस लेख में जानेंगे उन एक्‍सरसाइज के फायदे और स्‍टेप्‍स।

1. साइड बेंड स्‍ट्रेच- Standing Side Bends

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  • सीधे खड़े हो जाएं और पैरों के बीच गैप रखें।
  • शरीर को दाएं और बाएं ओर झुकाएं।
  • दोनों पोजीशन में कुछ देर रुकें और फ‍िर साइड बदलें।
  • इस प्रक्र‍िया को 10 से 15 बार दोहराएं।
  • Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि साइड में झुकने से पेट, आंत और लिवर पर दबाव पड़ता है और इससे पेट का भारीपन कम होता है। यह स्‍ट्रेच इंटेस्टाइनल मसल्स को एक्‍ट‍िव करता है ज‍िससे ब्‍लोट‍िंग दूर होती है।

2. सीटेड फारवर्ड बेंड स्‍ट्रेच- Seated Forward Bend Stretch

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  • फर्श पर बैठ जाएं।
  • पैर को सीधा फैला लें।
  • सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें।
  • इससे पेट पर हल्‍का दबाव महसूस होगा।
  • कुछ देर रुककर दोबारा पुरानी पोजीशन पर आ जाएं।
  • सीटेड फारवर्ड बेंड स्‍ट्रेच करने से पेट पर सीधा दबाव पड़ता है ज‍िससे पेट में गैस कम होती है और पेट में भारीपन की समस्‍या दूर होती है।

3. डीप बेली ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज- Deep Belly Breathing Exercise

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  • गहरी सांस लेने से पेट के भारीपन को दूर करने में मदद म‍िलती है।
  • नाक से गहरी सांस अंदर लें और सांस बाहर छोड़ें।
  • सांस लेते समय पेट को बाहर फैलाएं।
  • फ‍िर मुंह से सांस को छोड़ते हुए पेट को अंदर करें।
  • डीप बेली ब्रीद‍िंग की मदद से पेट हल्‍का महसूस होगा।

पेट के भारीपन से कैसे बचें?- How To Prevent Stomach Heaviness

  • Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि पेट के भारीपन को दूर करने के ल‍िए घर के छोटे-छोटे काम जैसे सफाई, कपड़े धोना भी अच्‍छा व‍िकल्‍प है।
  • बैठने के बजाय खड़ा रहकर भी पेट के भारीपन को दूर क‍िया जा सकता है।
  • पेट के भारीपन से बचने के ल‍िए भोजन के तुरंत बाद क्रंचेस, कूदने या सीधे लेटने से बचें।
  • खड़े होकर स्ट्रेचिंग करने से पेट के भारीपन से बच सकते हैं।
  • पेट की गैस से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो बैठकर स्पाइनल ट्विस्ट एक्‍सरसाइज करें।

न‍िष्‍कर्ष:

साइड बेंड स्‍ट्रेच, सीटेड फारवर्ड बेंड स्‍ट्रेच और डीप बेली ब्रीदिंग जैसी आसान एक्‍सरसाइज की मदद से डाइजेशन को बेहतर बना सकते हैं और पेट के भारीपन से बच सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 20, 2026 10:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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    Published By : Yashaswi Mathur
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