Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

बार-बार गैस बनने से हैं परेशान? एक्सपर्ट से जानें 4 आसान एक्सरसाइज, जो दिला सकती हैं राहत

अगर पेट में बार-बार गैस बनती है, तो कुछ आसान एक्सरसाइज से राहत मिल सकती है। कैट-काउ स्ट्रेच, चाइल्ड पोज जैसी एक्सरसाइज पाचन को बेहतर बनाने और गैस की परेशानी कम करने में मदद कर सकती हैं। जानें इन्हें करने का सही तरीका।

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पेट में गैस और पेट फूलना आम पाचन संंबंध‍ित समस्‍याएं हैं ज‍िनके कारण बेचैनी और पेट दर्द हो सकता है। कुछ आसान एक्‍सरसाइज हैं ज‍िनकी मदद से पेट की गैस को कम करने में मदद म‍िलती है। हालांक‍ि, केवल चलने-फ‍िरने से भी पाचन क्र‍िया में सुधार होता है और पेट फूलने की समस्‍या कम होती है। गैस से राहत के ल‍िए वॉक‍िंग एक असरदार और आसान एक्‍सरसाइज है। भोजन के बाद 10 से 15 म‍िनट चलने से भोजन आंतों से आसानी से गुजरता है। पेट की गैस से राहत के ल‍िए अन्‍य एक्‍सरसाइज के बारे में जानने के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

पाचन समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए वॉक करें

वॉक करने से पाचन समस्‍याओं को दूर करने में मदद म‍िलती है। साल 2021 में Gastroenterology And Hepatology From Bed To Bench में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, एक ग्रुप ने हर भोजन के बाद 10 से 15 मिनट धीमी गति से वॉक की, जबकि दूसरे ग्रुप को दवा दी गई। चार हफ्तों बाद पाया गया कि दोनों समूहों में गैस, पेट फूलना, डकार और पेट की असहजता जैसे लक्षणों में सुधार हुआ।

पेट की गैस दूर करने वाली एक्‍सरसाइज

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1. नी-टू-चेस्ट स्ट्रेच

कैसे करें?

  • पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • दोनों पैरों को सीधा रखें।
  • एक घुटने को मोड़कर धीरे-धीरे छाती की ओर खींचें।
  • दोनों हाथों से घुटने को पकड़कर 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
  • पैर को वापस सीधा करें और दूसरे पैर से यही प्रक्रिया दोहराएं।
  • चाहें तो अंत में दोनों घुटनों को एक साथ छाती से लगाकर 20 से 30 सेकंड तक रुकें।
  • इस स्‍ट्रेस को 3 से 5 बार दोहरा सकते हैं।

2. पवनमुक्तासन या विंड रिलीविंग पोज

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यह आसन पेट को धीरे से दबाता है और गैस को बाहर निकालने में मदद करता है।

कैसे करें?

  • पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • दोनों पैरों को मोड़कर घुटनों को छाती की ओर लाएं।
  • दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ लें।
  • धीरे-धीरे घुटनों को छाती की ओर दबाएं।
  • सामान्य गति से सांस लेते रहें और 20 से 30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें।
  • धीरे-धीरे पैरों को दोबारा सीधा कर लें।
  • इसे 3 से 5 बार कर सकते हैं।

3. कैट-काउ स्ट्रेच

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Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि कैट-काउ स्ट्रेच रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता में सुधार करते हैं और पाचन अंगों को लचीला करते हैं। गहरी सांस लेते हुए इस आसन को धीरे-धीरे करें।

कैसे करें?

  • हाथों और घुटनों के बल टेबलटॉप पोजीशन में आ जाएं।
  • सांस अंदर लेते हुए (काउ पोज) बनाएं। पीठ को नीचे की ओर झुकाएं, छाती को आगे निकालें और सिर को ऊपर उठाएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए (कैट पोज) बनाएं। पीठ को ऊपर की ओर गोल करें और ठुड्डी को छाती की ओर लाएं।
  • इस मूवमेंट को धीरे-धीरे और सांस के साथ करें।
  • इसे 8 से 10 बार कर सकते हैं।

4. बालासन या चाइल्‍ड पोज

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चाइल्ड पोज पेट की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है।

कैसे करें?

  • घुटनों के बल बैठ जाएं और एड़ियों पर वजन रखें।
  • अब धीरे-धीरे शरीर को आगे की ओर झुकाएं।
  • माथे को जमीन पर टिकाएं।
  • दोनों हाथों को सामने की ओर सीधा फैलाएं या शरीर के बगल में रखें।
  • गहरी और धीमी सांस लेते हुए 30 से 60 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
  • फिर धीरे-धीरे वापस बैठने की स्थिति में आ जाएं।
  • इसे 2 से 3 बार कर सकते हैं।

इन बातों का ख्‍याल रखें

  • सभी एक्सरसाइज धीरे-धीरे और बिना झटके के करें।
  • भोजन करने के तुरंत बाद ये योग न करें।
  • अगर पेट में बहुत तेज दर्द, चक्कर, उल्टी, प्रेग्‍नेंसी, हाल की सर्जरी या कोई गंभीर बीमारी हो, तो ये एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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पाचन बेहतर करने और गैस से राहत के लिए अन्य आसान एक्सरसाइज

1. जेंटल स्पाइनल ट्विस्ट

Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि हल्के स्पाइनल ट्विस्ट पाचन तंत्र को एक्‍टि‍व करने में मदद कर सकते हैं। यह पेट के आसपास की मांसपेशियों को हल्का खिंचाव देते हैं, जिससे फंसी हुई गैस और पेट फूलने की समस्या में राहत मिल सकती है।

2. डीप डायाफ्रामैटिक ब्रीदिंग

Payal Asthana ने बताया क‍ि गहरी सांस लेने की यह तकनीक पेट की मांसपेशियों में तनाव कम करने में मदद करती है। इससे पाचन तंत्र को आराम मिलता है और पेट की बेचैनी कम हो सकती है।

3. लेटकर हल्की साइकिलिंग मूवमेंट

पीठ के बल लेटकर पैरों से साइकिल चलाने जैसी हल्की गतिविधि भी गैस निकालने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

पेट की गैस से बचने के ल‍िए ये ट‍िप्‍स अपनाएं

  • भोजन को धीरे-धीरे चबाएं। जल्दी खाने से आप ज्‍यादा हवा निगल सकते हैं और पेट में गैस हो सकती है।
  • अगर कार्बोनेटेड ड्र‍िंक पीने से आपके लक्षण बिगड़ते हैं, तो उनका सेवन सीमित करें।
  • सब्जी, प्याज, पत्तागोभी और कुछ डेयरी उत्पाद कुछ लोगों में पेट फूलने का कारण बन सकते हैं।
  • नियमित व्यायाम पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है। हर दिन कम से कम 30 मिनट तक मध्यम व्यायाम करने का लक्ष्य रखें।
  • सही मुद्रा से भी पेट में फंसी गैस को कम करने में मदद मिलती है। खाना खाने के तुरंत बाद सीधा लेटने से बचें।

न‍िष्‍कर्ष:

पेट में गैस की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए वॉक करें, नी-टू-चेस्ट स्ट्रेच करें, विंड रिलीविंग पोज, कैट-काउ स्ट्रेच, चाइल्‍ड पोज, जेंटल स्पाइनल ट्विस्ट, डीप डायाफ्रामैटिक ब्रीदिंग और लेटकर हल्की साइकिलिंग मूवमेंट करें। नियमित व्यायाम और स्वस्थ आदतों से आप गैस और पेट फूलने की समस्या को कम कर सकते हैं और अपने पाचन तंत्र को बेहतर बना सकते हैं।

FAQ

  • गैस होने पर कौन-सी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए?

    गैस होने पर भारी वजन उठाना, बहुत तेज दौड़ना या पेट पर ज्यादा दबाव डालने वाली एक्सरसाइज करने से बचना चाह‍िए।
  • क्या ज्यादा देर बैठने से गैस हो सकती है?

    हां, लंबे समय तक बैठे रहने से आंतों की गतिविधि धीमी हो सकती है, जिससे गैस और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 05, 2026 21:30 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

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