Aerobic Exercise: सर्दियों में एक्सरसाइज करना वैसे ही मुश्किल लगता है और जब बात एरोबिक एक्सरसाइज की हो, तो इसे करना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है क्योंकि इस कसरत को करने में शरीर को लंबे समय तक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। एरोबिक एक्सरसाइज में तेज चलना, जॉगिंग, साइकलिंग, स्विमिंग और डांस जैसी कसरत शामिल है। ये एक्सरसाइज करते समय हार्ट रेट बढ़ती है, सांस तेज होती है और पूरा शरीर एक्टिव हो जाता है। अगर सर्दियों में भी एरोबिक कसरत की जाए, तो शरीर को पूरा फायदा मिलता है। इस बारे में हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल की सीनियर डायटिशियन ऋतिका शर्मा (Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Sector-, Faridabad) से बात की। उन्होंने बताया कि एरोबिक एक्सरसाइज से सिर्फ कैलीरी बर्न नहीं होती, बल्कि इससे पूरा शरीर सेहतमंद रहता है।
एरोबिक एक्सरसाइज के फायदे
सीनियर डायटिशियन ऋतिका शर्मा कहती हैं कि सर्दियों में लोगों को एरोबिक एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए ताकि ठंड में शरीर का ब्लड फ्लो सही रहे और अकड़न जैसी परेशानियां न हो।

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हार्ट के लिए कैसे फायदेमंद
ऋतिका शर्मा कहती हैं, “एरोबिक एक्सरसाइज हार्ट की मसल्स को मजबूत बनाता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है। जो लोग रेगुलर वर्कआउट करते हैं, उनका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क कम हो जाता है। एरोबिक कसरत करने से हार्ट सही तरीके से काम करता है। इसलिए अगर थोड़ी मेहनत कर ली जाए, तो बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।”
वजन घटाने में मददगार
सर्दियों में वजन बढ़ना आम है और लोग इसे घटाने की कोशिश भी करते हैं, लेकिन बिना एरोबिक एक्सरसाइज के ये करना बहुत मुश्किल है। अगर कोई सर्दियों में लोग वजन कम करना चाहते हैं, तो एरोबिक कसरत बहुत बढ़िया समाधान हो सकती है। ये एक्सरसाइज कैलोरी बर्न बढ़ाती है, फैट ऑक्सिडेशन को तेज करती है और मेटाबॉलिज्म को एक्टिव रखती है। अगर डाइट के साथ रेगुलर एरोबिक एक्सरसाइज की जाए, तो वजन कंट्र्रोल करना काफी आसान हो जाता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद
ऋतिका शर्मा कहती हैं कि एरोबिक एक्सरसाइज से मसल्स ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल कर पाती है। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल होता है और इससे टाइप-2 डायबिटीज का रिस्क काफी हद तक कम हो जाता है। एरोबिक एक्सरसाइज करने से डायबिटीज रोगियों का शुगर लेवल बेहतर होता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है। इसी कारण डायटीशियन हमेशा डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए एरोबिक एक्सरसाइज करने की सलाह देती हैं।
फेफड़ों का स्टैमिना बढ़ना
एरोबिक एक्सरसाइज करने से फेफड़ों का स्टैमिना बढ़ता है और इस वजह से शरीर ऑक्सीजन का सही इस्तेमाल कर पाता है। जो लोग एरोबिक कसरत करते हैं, उन्हें दिनभर थकान भी कम महसूस होती है। सीढ़ियां चढ़ते वक्त या थोड़ा तेज चलने पर हांफना कम हो जाता है। शरीर का स्टैमिना बढ़ जाता है। जो लोग अस्थमा या सांस की बीमारियों से जूझ रहे हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।
मेंटल स्ट्रेस कम होना
ऋतिका शर्मा बताती हैं कि एरोबिक एक्सरसाइज सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि दिमाग के लिए भी बहुत फायदेमंद है। एरोबिक एक्सरसाइज करने से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होते हैं। ये हार्मोंन स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। इससे स्ट्रेस, चिंता और डिप्रेशन में कमी आती है। नींद बेहतर होती है और सुबह की वॉक या जॉगिंग पूरे दिन मूड को बेहतर रखती है।
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कोलेस्ट्रॉल पर पड़ता है असर
एरोबिक एक्सरसाइज करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल पर भी असर पड़ता है। जो लोग रेगुलर कसरत करते हैं, उनका एलडीएल (LDL) यानी कि खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है और एचडीएल (HDL) यानी कि अच्छा बढ़ता है। रेगुलर चलने, जॉगिंग करने या स्विमिंग जैसी कसरत से धमनियों में प्लाक जमने का रिस्क काफी हद तक कम हो जाता है। अगर कोलेस्ट्रॉल कम होता है, तो इसका सीधा असर हार्ट पर पड़ता है। इसलिए हार्ट को सेहतमंद रखने के लिए रोजाना एरोबिक कसरत करनी चाहिए।
इम्यूनिटी बढ़ना
एरोबिक एक्सरसाइज करने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है। इससे शरीर में सूजन कम होती है और उम्र से जुड़ी बीमारियों का रिस्क कम होता है और ओवरऑल हेल्थ और एनर्जी बेहतर रहती है। इसलिए जो लोग फिट होते हैं, वे अक्सर सीजनल वाली बीमारियों से बचे रहते हैं।
निष्कर्ष
ऋतिका शर्मा कहती हैं कि एरोबिक एक्सरसाइज सबसे सेफ तरीका है, जिसे हर उम्र के लोगों को रेगुलर करना चाहिए। एरोबिक कसररत हफ्ते में कम से कम 5 दिन करनी चाहिए। जब भी कसरत करें, तो कम से कम आधे घंटे से लेकर 45 मिनट तक करें। शुरुआत में इसे धीमा रखें और फिर धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं। अगर किसी को मेडिकल समस्या है, तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
FAQ
सबसे अच्छा एरोबिक व्यायाम कौन सा है?
दौड़ना और जॉगिंग करना, दोनों ही एरोबिक फिटनेस के ऑप्शन है। जो लोग जिम में दौड़ते हैं या स्विमिंग करते हैं, वे भी अच्छे एरोबिक एक्सरसाइज में आता है।फिटनेस लेवल कैसे बढ़ाएं?
रेजिस्टेंस बैंड, वेट मशीन या हाथ में पकड़ने वाले वजन का इस्तेमाल करके फिटनेस लेवल को बढ़ाया जा सकता है। अगर लोग रोजाना पुशअप्स, लेग रेज, पुलअप्स, प्लैंक करते हैं, वे अपना फिटनेस लेवल बढ़ा सकते हैं। इस बारे में अपने फिटनेस ट्रेनर से पूछना चाहिए।जिम में 3/2/1 नियम क्या है?
3-2-1 में 3 स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सेशन, 2 पिलाटेस सेशन और 1 कार्डियो सेशन शामिल हैं। इसमें एक दिन का आराम होता है। इसे ताकत बढ़ाने और कार्डियो फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए किया गया है।
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Jan 19, 2026 18:20 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jan 19, 2026 18:20 IST
Modified By : Aneesh RawatJan 19, 2026 18:20 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Rhitika Sharma