अगर आपका पाचन अच्छा है तो आप कई शारीरिक समस्याओं से बच सकते हैं। जब गट हेल्थ अच्छी रहती है, तो पोषक तत्व बेहतर ढंग से अब्जॉर्ब होते हैं और पेट की समस्याओं से राहत मिलती है। इस प्रक्रिया में प्रोटीन रिच फूड्स (Protein Rich Foods) का सेवन फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, अच्छी गट हेल्थ के लिए केवल प्रोटीन का सेवन करना काफी नहीं है, बल्कि आपको हेल्दी प्रोटीन स्रोत के बारे में भी पता होना चाहिए। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के एक शोध के मुताबिक, जिस स्रोत से प्रोटीन ले रहे हैं, वह आपके गट माइक्रोबायोटा को बदल सकता है। यह बदलाव डाइजेशन पर सीधा असर डालता है इसलिए गट हेल्थ के लिए प्रोटीन का सही स्रोत चुनना जरूरी है। इस लेख में जानेंगे बेहतर पाचन के लिए आठ फायदेमंद प्रोटीन रिच फूड्स जिनका सेवन करने से पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
1. मूंग दाल- Moong Dal

मूंग दाल खाने में हल्की होती है, आसानी से पच जाती है और इसमें प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि कमजोर पाचन वाले लोगों को मूंग दाल का सेवन करना चाहिए। इसमें फाइबर होता है जो बाउल मूवमेंट की प्रक्रिया को आसान बनाता है।
यह भी पढ़ें- प्रोटीन Blood Sugar को कैसे प्रभावित करता है? डॉक्टर से जानें क्या है कनेक्शन
2. दही- Curd
पेट की गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए दही का सेवन करें। खाने के साथ थोड़ी मात्रा में दही लेने से पाचन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया गट फ्लोरा को बैलेंस करते हैं।
3. घर का बना लो फैट पनीर खाएंं- Homemade Low Fat Paneer
बेहतर पाचन के लिए पनीर एक बेहतरीन प्रोटीन विकल्प है। Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि इसमें कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है और सही मात्रा में पनीर का सेवन करने से डाइजेशन बेहतर रहता है। बाजार के पैकेट वाले पनीर को खाने के बजाय घर पर ताजा लो फैट पनीर बनाकर खाएं।
यह भी पढ़ें- सर्दियों में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए कौन सी सब्जियां खानी चाहिए?
4. उबला चिकन सूप सब्जियों के साथ लें- Boiled Chicken Soup With Veggies

गट हेल्थ को सपोर्ट करने के लिए उबले हुए चिकन सूप का सेवन करें। यह आसानी से पच जाता है और इसमें मौजूद अमीनो एसिड डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। उबले हुए चिकन सूप का सेवन सब्जियों के साथ करें, तो शरीर को ज्यादा फायदे मिलेंगे।
5. मिलेट्स खिचड़ी और दही- Millets Khichdi With Curd
मिलेट्स जैसे ज्वार, बाजरा या कंगनी मिलेट (Foxtail Millet) का सेवन करें, इनमें फाइबर की भी अच्छी मात्रा होती है। Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि इन मिलेट्स की खिचड़ी बनाकर दही के साथ लेंगे, तो पेट की समस्याएं जैसे गैस और ब्लोटिंग दूर होगी और पेट को आराम मिलेगा।
6. मसूर दाल और सोयाबीन कबाब- Masoor Dal & Soyabean Kebabs
प्लांट बेस्ड प्रोटीन विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो मसूर दाल और सोयाबीन का सेवन करें। सोयाबीन को मसूर दाल के साथ मिलाकर कबाब बना लें और इसका सेवन करें। मसूर दाल और सोयाबीन के कबाब खाकर प्रोटीन की कमी भी दूर होगी और शरीर में एनर्जी भी बनी रहेगी।
यह भी पढ़ें- प्रोटीन के साथ कार्ब्स खाने से क्या सच में शुगर लेवल घटता है? एक्सपर्ट से जानें
7. अलसी के बीज- Flax Seeds

आंतों की सेहत के लिए अलसी के बीज फायदेमंद होते हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यह गट इंफ्लेमेशन को कम करते हैं। रोज थोड़ी मात्रा में इनका सेवन कर सकते हैं।
8. ग्रिल्ड या उबली मछली- Grilled Or Boiled Fish
बेहतर पाचन के लिए कम मसालों के साथ ग्रिल्ड या उबली हुई मछली का सेवन कर सकते हैं। नॉन-वेजिटेरियन के लिए मछली प्रोटीन और ओमेगा-3 का अच्छा स्रोत है।
निष्कर्ष:
गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए लो फैट पनीर, ग्रिल्ड फिश, बीज, मसूर दाल, मिलेट्स, चिकन सूप वगैरह का सेवन कर सकते हैं। पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करने से पेट की समस्याओं से राहत मिलती है।
उम्मीद करते हैं कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।
FAQ
सबसे ज्यादा प्रोटीन किस भोजन में होता है?
100 ग्राम सोयाबीन में करीब 35 से 40 ग्राम प्रोटीन होता है। सोयाबीन के अलावा पनीर, अंडा, चिकन, दालें और दूध प्रोटीन के अच्छा स्रोत माने जाते हैं।एक रोटी में कितना प्रोटीन होता है?
एक गेहूं की रोटी में करीब तीन से चार ग्राम प्रोटीन होता है। यह मात्रा आटे की गुणवत्ता और रोटी के आकार पर निर्भर करता है।टमाटर में कितना प्रोटीन होता है?
टमाटर में प्रोटीन की मात्रा कम होती है। 100 ग्राम प्रोटीन में लगभग 0.9 से एक ग्राम प्रोटीन होता है। यह विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर का अच्छा स्रोत है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 06, 2026 13:19 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jan 06, 2026 13:19 IST
Modified By : Yashaswi MathurJan 06, 2026 13:19 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha