Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

पेट के ल‍िए फायदेमंद है काली क‍िशम‍िश, एस‍िड‍िटी-गैस जैसी समस्‍याएंं होती हैं दूर 

काली क‍िशम‍िश एंटीऑक्‍सीडेंट्स से भरपूर होती है और शरीर को ठंडक पहुंंचाती है इसल‍िए गर्म‍ियोंं में इसका सेवन करने से एस‍िड‍िटी और पेट की अन्‍य समस्‍याओं को दूर कर सकते हैं। जानें गट हेल्‍थ के ल‍िए इसके फायदे।

काली क‍िशम‍िश को गट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है। गट हेल्‍थ यानी पाचन तंंत्र की सेहत जो क‍ि शरीर के ल‍िए जरूरी है। काली क‍िशमि‍श में फाइबर, पोटैश‍ियम, एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं जो क‍ि गट हेल्‍थ की समस्‍याओंं को दूर करने में मदद करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, काली क‍िशम‍िश को 'द्राक्षा' (Draksha) यानी ड्राई किशमिश और 'उत्तम' (Uttama) मतलब सबसे अच्‍छी मानी गई है। यानी काली क‍िशम‍िश को फल की श्रेणी में सबसे अच्‍छा माना गया है। एक्‍सपर्ट्स मानते हैं क‍ि इसे रोजाना की डाइट में शाम‍िल क‍िया जा सकता है। गट हेल्‍थ के ल‍िए क‍िशम‍िश के फायदे जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

एस‍िड‍िटी, चेस्‍ट बर्न से म‍िलेगी राहत

kal-kishmish-ke-fayde

काली क‍िशम‍िश में एंंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं। इसका सेवन करने से एस‍िड‍िटी, हार्ट बर्न, चेस्‍ट बर्न, जी म‍िचलाहट जैसी समस्‍याएं दूर होती हैं। एस‍िड‍िटी को दूर करने के ल‍िए रातभर के ल‍िए 10 से 12 काली क‍िशम‍िश भि‍गोकर रख दें और सुबह उठकर खाली पेट क‍िशम‍िश का सेवन करें।

यह भी पढ़ें- काली किशमिश Vs पीली किशमिश: त्वचा को जवान रखने में कौन मददगार और कैसे खाएं?

कब्‍ज की समस्‍या दूर होती है

काली क‍िशम‍िश में सॉल्‍युबल फाइबर होता है ज‍िससे मल नर्म हो जाता है और मल त्‍याग करना आसान हो जाता है और कब्‍ज की समस्‍या दूर होती है। साल 2022 में NeuroQuantology नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, क‍िशम‍िश में प्रत‍ि 100 ग्राम करीब 4.6 ग्राम फाइबर होता है ज‍िससे कब्‍ज की समस्‍या दूर होती है। हालांक‍ि इस बात पर गौर करें क‍ि यह स्‍टडी इंसानों पर नहीं बल्‍क‍ि चूहोंं पर की गई थी, इसल‍िए कब्‍ज में अपने डॉक्‍टर की सलाह पर ही काली क‍िशम‍िश का सेवन करें।

यह भी पढ़ें- आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद है काली किशमिश, जानें सेवन का सही तरीका

गैस, ब्‍लोट‍िंग, पेट में भारीपन से म‍िलती है राहत

काली क‍िशम‍िश में फाइबर होता है और इसकी तासीर ठंडी होती है ज‍िससे पेट में गैस, भारीपन और ब्‍लोट‍िंंग जैसी समस्‍याएंं भी दूर होती हैं। काली क‍िशम‍िश में पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे तत्‍व होते हैं जो ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस को कम करते हैं ज‍िससे गट हेल्‍थ को मजबूत बनाने में मदद म‍िलती है।

न‍िष्‍कर्ष:

काली क‍िशम‍िश गट हेल्‍थ को मजबूत बनाने के ल‍िए फायदेमंद है। इसे खाने से एस‍िड‍िटी, कब्‍ज, गैस, ब्‍लोट‍िंंग, पेट में भारीपन, जी म‍िचलाना, चेस्‍ट बर्न जैसी समस्‍याएं दूर होती हैं। 10 से 12 काली क‍िशम‍िश को भ‍िगोकर रखें और सुबह खाली पेट उसका सेवन कर सकते हैं।

FAQ

  • गट हेल्‍थ को मजबूत कैसे बनाएं?

    गट हेल्‍थ को मजबूत बनाने के ल‍िए रोज फाइबर से भरपूर चीजें खाएं, स्‍ट्रेस कम करें, पर्याप्‍त नींद लें, भोजन को धीरे-धीरे और चबाकर खाएं साथ ही पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं।
  • काली कि‍शम‍िश खाने के फायदे क्‍या हैं?

    काली क‍िशम‍िश में एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं। इसे खाने से शरीर में एनर्जी बढ़ती है। शरीर में आयरन की कमी दूर करने के ल‍िए भी यह फायदेमंद है।

Read Next

हेल्‍थ के चक्‍कर में ज्‍यादा फल खाना पड़ न जाए भारी, एक्‍सपर्ट से जानें सही मात्रा

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 27, 2026 11:32 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 27, 2026 11:32 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content