Sun Oct 11, 2026 | 02:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kiran Gupta , Yoga, Naturopathy Consultant & Nutrition & Dietician

क्या त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद करता है? आयुर्वेदाचार्य से जानें

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और बढ़ता स्ट्रेस पाचन से जुड़ी समस्याओं को तेजी से बढ़ा रहा है। गैस, एसिडिटी, अपच, पेट भारी रहना और कब्ज जैसी दिक्कतें अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवा भी इससे परेशान हैं। यहां जानिए, क्या त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद करता है?
क्या त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद करता है? आयुर्वेदाचार्य से जानेंक्या त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद करता है? आयुर्वेदाचार्य से जानें

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सबसे ज्यादा अगर किसी चीज पर असर पड़ा है, तो वह है हमारा पाचन तंत्र। देर से खाना, जंक फूड, मोबाइल देखते हुए भोजन करना और बढ़ता तनाव, ये सभी आदतें पेट से जुड़ी समस्याओं को न्योता दे रही हैं। गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, खाना ठीक से न पचना और कब्ज जैसी दिक्कतें अब आम हो चुकी हैं। कई लोग इन परेशानियों से राहत पाने के लिए बार-बार एंटासिड या दूसरी दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी समस्या जड़ से ठीक नहीं हो पाती। ऐसे में लोगों का रुझान एक बार फिर आयुर्वेदिक नुस्खों की ओर बढ़ रहा है। इन्हीं में से एक चर्चित नाम है त्रिकटु चूर्ण। यह कोई नया उपाय नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल की जाने वाली औषधि है, जिसमें कुछ जड़ी-बूटियों का मेल होता है। इस लेख में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानिए, क्या त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद करता है?

क्या त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद करता है?

आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के अनुसार, त्रिकटु चूर्ण तीन शक्तिशाली औषधियों सौंठ, काली मिर्च और पीपली का मिश्रण होता है। ये तीनों औषधियां अपने उष्ण और कटु गुणों के कारण पाचन अग्नि को प्रबल करने का काम करती हैं। आयुर्वेद में कमजोर पाचन को कई बीमारियों की जड़ माना गया है, ऐसे में त्रिकटु चूर्ण को अग्नि दीपक औषधि कहा जाता है।

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  • आयुर्वेद मानता है कि जब पाचन अग्नि मंद हो जाती है, तो भोजन ठीक से नहीं पचता और आम (toxins) बनने लगते हैं।
  • आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता बताती हैं कि त्रिकटु चूर्ण पाचन अग्नि को सक्रिय कर भोजन को बेहतर तरीके से पचाने में मदद करता है।
  • इससे गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
  • नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन पाचन क्षमता को धीरे-धीरे सुधारने में सहायक हो सकता है।

गैस और एसिडिटी में त्रिकटु चूर्ण के फायदे

गैस और एसिडिटी आज की सबसे आम समस्याओं में शामिल हैं। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के अनुसार, त्रिकटु चूर्ण में मौजूद काली मिर्च और पीपली पेट में जमा गैस को बाहर निकालने में मदद करती हैं, जबकि सौंठ एसिडिटी को संतुलित करने का काम करती है। हालांकि बहुत ज्यादा मात्रा लेने से उल्टा असर भी हो सकता है, इसलिए संतुलन बेहद जरूरी है।

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कब्ज और पेट भारीपन में कितना असरदार

कई लोगों को कब्ज के साथ पेट भारी रहने की शिकायत रहती है। ऐसे में त्रिकटु चूर्ण मल त्याग की प्रक्रिया को सुचारु बनाने में मदद कर सकता है। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता बताती हैं कि यह आंतों की एक्टिविटी को उत्तेजित करता है, जिससे पेट साफ होने में आसानी होती है। हालांकि जिन लोगों को पुरानी कब्ज या कोई गंभीर आंत संबंधी बीमारी है, उन्हें इसे डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।

त्रिकटु चूर्ण सेवन का सही तरीका क्या है?

त्रिकटु चूर्ण का सही सेवन बहुत जरूरी है। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता सलाह देती हैं कि आधा चम्मच त्रिकटु चूर्ण को गुनगुने पानी या शहद के साथ भोजन के बाद लिया जा सकता है। बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं और अल्सर या बवासीर के मरीजों को इसके सेवन से पहले एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि त्रिकटु चूर्ण पाचन सुधारने में मदद कर सकता है, खासकर जब समस्या कमजोर पाचन अग्नि से जुड़ी हो। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के अनुसार, सही मात्रा और सही तरीके से लिया गया त्रिकटु चूर्ण गैस, अपच और पेट भारीपन जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है। हालांकि किसी भी आयुर्वेदिक औषधि की तरह इसका सेवन भी समझदारी और विशेषज्ञ की सलाह के साथ करना सबसे बेहतर होता है।

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FAQ

  • खराब पाचन के लक्षण क्या होते हैं?

    खराब पाचन के आम लक्षणों में गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, अपच, पेट भारी रहना, कब्ज और बार-बार डकार आना शामिल हैं।
  • पाचन कमजोर होने के कारण क्या हैं?

    अनियमित खानपान, ज्यादा तला-भुना या जंक फूड खाना, तनाव, नींद की कमी, कम पानी पीना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी पाचन कमजोर होने के मुख्य कारण हैं।
  • क्या गैस और एसिडिटी में रोज दवा लेना सही है?

    लगातार दवाइयों का सेवन केवल अस्थायी राहत देता है। लंबे समय तक बिना सलाह दवा लेने से पाचन और कमजोर हो सकता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 01, 2026 18:01 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Feb 01, 2026 18:01 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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