मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, जुकाम और फ्लू जैसे वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में लोग अपनी इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए कई उपायों को अपनाते हैं। कुछ लोग आयुर्वेदिक और घरेलू काढ़े पर भरोसा करते हैं, जबकि कई लोग विटामिन सी सप्लीमेंट्स या विटामिन सी से भरपूर फूड्स का सेवन करना पसंद करते हैं। हालांकि, लोग इस बात को लेकर अक्सर कंप्यूज रहते हैं कि वायरल इंफेक्शन से बचाव के लिए काढ़ा ज्यादा प्रभावी होता है या फिर विटामिन सी? आइए इस बारे में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं।
वायरल इंफेक्शन के लिए काढ़ा
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, आयुर्वेद में काढ़ा कई औषधीय जड़ी-बूटियों और मसालों से तैयार किया जाता है। इसमें आमतौर पर तुलसी, अदरक, दालचीनी, काली मिर्च, लौंग और गिलोय जैसी चीजों को शामिल किया जाता है। इन जड़ी-हूटियों में ऐसे नेचुरल कंपाउड्स पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण हो सकते हैं। काढ़ा पीने से गले को आराम मिलता है, शरीर को गर्माहट मिलती है और सामान्य सर्दी-जुकाम के दौरान कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।
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साल 2020 में ResearchGate के Journal of Biomolecular Structure and Dynamics में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, भारतीय जड़ी-बूटियों से बना काढ़ा वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मददगार है। काढ़े में मौजूद नेचुरल तत्व वायरस के जरूरी प्रोटीनों को रोकने की क्षमता रखते हैं। साथ ही, यह शरीर की सूजन को कम करके सांस से जुड़ी बीमारियों से राहत दिला सकते हैं।
वायरल इंफेक्शन में विटामिन सी का महत्व
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के मुताबिक, विटामिन सी शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, जो इम्यून सिस्टम को सही तरह से काम करने में मदद करते हैं। यह एक पावरफूल एंटीऑक्सीडेंट भी है, जो सेल्स को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में मदद करता है। संतरा, अमरूद, कीवी, आंवला और नींबू जैसे फूड्स विटामिन सी से भरपूर होते हैं। अगर किसी व्यक्ति में विटामिन सी की कमी है तो उसकी कमी पूरी करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, सामान्य रूप से पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी लेने से सभी लोगों में वायरल इंफेक्शन होने का जोखिम पूरी तरह कम नहीं होता है।
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साल 2017 में PubMed Central में Nutrients में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, विटामिन सी कई तरह के वायरस इंफेक्शन को रोकने, उनके समय को कम करने और लक्षणों को हल्का करने में बहुत मददगार है। हालांकि, इंफेक्शन के इलाज के लिए इसकी सबसे सही और प्रभावी खुराक का पता लगाने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।
काढ़ा या विटामिन C: वायरल इंफेक्शन में क्या है बेहतर?
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता बताती है कि काढ़ा और विटामिन सी दोनों ही अपनी-अपनी जगह इम्यूनिटी बूस्ट करने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन अगर इनकी तुलना करना पूरी तरह सही नहीं होगा। काढ़ा एक हर्बल ड्रिंक है, जबकि विटामिन सी एक जरूरी पोषक तत्व है। अगर आपकी डाइट संतुलित है और उसमें पर्याप्त मात्रा में फल और सब्जियां शामिल हैं तो ज्यादातर लोगों को अलग से विटामिन सी सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं होती है। वहीं, काढ़े का सीमित मात्रा में सेवन स्वाद और आराम के लिए किया जा सकता है।
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निष्कर्ष
काढ़ा और विटामिन सी दोनों ही हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इनमें से कोई भी वायरल इंफेक्शन का पूरी तरह बचाव का उपाय नहीं है। विटामिन सी शरीर के इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी पोषक तत्व है, जबकि काढ़ा कुछ लोगों को आराम और पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत दिला सकता है।
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FAQ
वायरल संक्रमण के सामान्य लक्षण क्या हैं?
वायरल इंफेक्शन होने पर हल्का या तेज बुखार, ठंड लगना, थकान या कमजोरी, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।वायरल संक्रमण से होने वाली बीमारी क्या है?
वायरल इंफेक्शन किसी वायरस द्वारा शरीर के सेल्स को नुकसान पहुंचाने के कारण होने वाली बीमारी है। इसके कारण सर्दी, जुकाम, फ्लू, डेंगू और चिकनपॉक्स आदि जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
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Jun 29, 2026 19:03 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jun 29, 2026 19:03 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta