प्रेग्नेंसी का समय जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, यूट्रस का साइज शरीर पर दबाव डालता है। इस दबाव के कारण शरीर के निचले हिस्से के ब्लड सर्कुलेशन में थोड़ी रुकावट आती है और पैरों में या एंकल में सूजन नजर आती है। हल्की सूजन परेशानी की बात नहीं है, लेकिन अगर सूजन के साथ दर्द हो और सूजन लगातार बढ़ रही हो, तो उसे मैनेज करना जरूरी है। प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन को कम करने के तरीके जानने के लिए हमने Dr. Smriti Agrawal, Professor & Gynaecologist At Department Of Obstetrics & Gynaecology, King George's Medical University, Lucknow से बात की।
प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन और दर्द को मैनेज कैसे करें?
- Dr. Smriti Agrawal ने बताया कि प्रेग्नेंसी में लंंबे समय तक महिलाओं को खड़ा नहींं रहना चाहिए, इससे पैरों में सूजन आ सकती है। पैरोंं को ऊपर उठाते हुए लेटकर आराम करें या बैठते समय पैरों को ऊपर उठाकर रखें।
- जब आप बैठें, तो पैरों को एंकल की तरफ से सर्कुलर मोशन में घुमाएं। इसके बाद धीरे से काफ मसल्स को स्ट्रेच करें।
- प्रेग्नेंसी में सूजन को कम करने के लिए डाइट का भी अहम किरदार होता है इसलिए हेल्दी डाइट पर फोकस करें। गर्मियों में हाइड्रेशन का ख्याल रखें, पोटैशियम, सोडियम और प्रोटीन इंटेक बनाए रखें। साथ ही शुगर इंटेक को कम करें।
- प्रेग्नेंसी में पैरोंं की सूजन को कम करने के लिए मालिश करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ कम होता है।
- पैरों की सूजन को मैनेज करने के लिए कंंप्रेशन सॉक्स पहन सकती हैं। इससे सूजन होने पर पैरोंं को चलने के दौरान सपोर्ट मिलता है और चलने में आसानी होती है।
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ब्लड क्लॉट या हाई बीपी में अचानक सूजन और दर्द होता है

प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों में हल्का दर्द और सूजन को आम समस्या माना जाता है, लेकिन अगर सूजन अचानक से बढ़ जाए या तेज दर्द हो, तो सावधान रहें। यह ब्लड क्लॉट भी हो सकता है। Mayo Clinic के मुताबिक, डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) के कारण पैर में अचानक सूजन और दर्द का अहसास हो सकता है। अगर चेहरे या हाथ-पैर में अचानक सूजन बढ़ जाए, तो यह हाई बीपी का भी संकेत हो सकता है। प्रेग्नेंसी में प्री-एक्लेम्पसिया (Eclampsia) के कारण हाई बीपी की समस्या हो सकती है।
प्रेग्नेंसी में लंबे समय तक खड़ी रहती हैं या बैठी रहती हैं, तो सूजन आना एक कॉमन समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज न करें और सूजन बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
निष्कर्ष:
प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन से बचने के लिए लंबे समय तक खड़ी न रहें, बैठकर पैरोंं को सर्कुलर मोशन में घुमाएं, डाइट में सोडियम, पोटैशियम, प्रोटीन रिच फूड्स को शामिल करें, लेटने या बैठने के दौरान पैरों को लटकाने के बजाय ऊपर उठाकर रखें। पैरों की मालिश करें और सपोर्ट के लिए कम्प्रेशन सॉक्स पहनें। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान सूजन अचानक आए और दर्द तेज हो, तो यह हाई बीपी या ब्लड क्लॉट का संंकेत हो सकता है। इससे सावधान रहें।
FAQ
प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन दूर करने के घरेलू उपाय क्या हैं?
गुनगुने पानी में नमक डालकर पैरोंं को डुबाएंं, नीलगिरी और कोकोनट ऑयल की मालिश करें, पोटैशियम रिच फूड्स का सेवन करें।प्रेग्नेंसी में ज्यादा नमक का सेवन पैरों की सूजन को बढ़ा सकता है?
हांं ज्यादा नमक के सेवन से पैरों में सूजन बढ़ सकती है क्योंकि ज्यादा नमक का सेवन करने की वजह से बॉडी में अतिरिक्त पानी जमा होने लगता है और वॉटर रिटेंशन की समस्या होती है।
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Apr 28, 2026 16:13 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Apr 28, 2026 16:13 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Prof Dr Smriti Agrawal