Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Prof Dr Smriti Agrawal , Professor & Gynaecologist - Department of Obstetrics & Gynaecology

प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन से आजादी द‍िलाएंगे ये 5 उपाय, दर्द से भी म‍िलेगा छुटकारा

प्रेग्नेंसी में अक्‍सर मह‍िलाओं को पैरोंं में सूजन या दर्द की समस्‍या होती है। सूजन को कम करने के ल‍िए कुछ आसान उपायों की मदद ले सकती हैं साथ ही यह भी जानें क‍ि क‍िन गंभीर लक्षणोंं पर गौर करना जरूरी होता है?

प्रेग्नेंसी का समय जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, यूट्रस का साइज शरीर पर दबाव डालता है। इस दबाव के कारण शरीर के न‍िचले ह‍िस्‍से के ब्‍लड सर्कुलेशन में थोड़ी रुकावट आती है और पैरों में या एंकल में सूजन नजर आती है। हल्‍की सूजन परेशानी की बात नहीं है, लेक‍िन अगर सूजन के साथ दर्द हो और सूजन लगातार बढ़ रही हो, तो उसे मैनेज करना जरूरी है। प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन को कम करने के तरीके जानने के ल‍िए हमने Dr. Smriti Agrawal, Professor & Gynaecologist At Department Of Obstetrics & Gynaecology, King George's Medical University, Lucknow से बात की।

प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन और दर्द को मैनेज कैसे करें?

  1. Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि प्रेग्नेंसी में लंंबे समय तक मह‍िलाओं को खड़ा नहींं रहना चाह‍िए, इससे पैरों में सूजन आ सकती है। पैरोंं को ऊपर उठाते हुए लेटकर आराम करें या बैठते समय पैरों को ऊपर उठाकर रखें।
  2. जब आप बैठें, तो पैरों को एंकल की तरफ से सर्कुलर मोशन में घुमाएं। इसके बाद धीरे से काफ मसल्‍स को स्‍ट्रेच करें।
  3. प्रेग्नेंसी में सूजन को कम करने के ल‍िए डाइट का भी अहम क‍िरदार होता है इसल‍िए हेल्‍दी डाइट पर फोकस करें। गर्मि‍यों में हाइड्रेशन का ख्‍याल रखें, पोटैशि‍यम, सोड‍ियम और प्रोटीन इंटेक बनाए रखें। साथ ही शुगर इंटेक को कम करें।
  4. प्रेग्नेंसी में पैरोंं की सूजन को कम करने के ल‍िए माल‍िश करें। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में जमा अत‍िर‍िक्‍त तरल पदार्थ कम होता है। 
  5. पैरों की सूजन को मैनेज करने के ल‍िए कंंप्रेशन सॉक्स पहन सकती हैं। इससे सूजन होने पर पैरोंं को चलने के दौरान सपोर्ट म‍िलता है और चलने में आसानी होती है।

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ब्‍लड क्‍लॉट या हाई बीपी में अचानक सूजन और दर्द होता है

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प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों में हल्‍का दर्द और सूजन को आम समस्‍या माना जाता है, लेक‍िन अगर सूजन अचानक से बढ़ जाए या तेज दर्द हो, तो सावधान रहें। यह ब्‍लड क्‍लॉट भी हो सकता है। Mayo Clinic के मुताब‍िक, डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) के कारण पैर में अचानक सूजन और दर्द का अहसास हो सकता है। अगर चेहरे या हाथ-पैर में अचानक सूजन बढ़ जाए, तो यह हाई बीपी का भी संकेत हो सकता है। प्रेग्नेंसी में प्री-एक्लेम्पसिया (Eclampsia) के कारण हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है।

प्रेग्नेंसी में लंबे समय तक खड़ी रहती हैं या बैठी रहती हैं, तो सूजन आना एक कॉमन समस्‍या है, लेक‍िन इसे नजरअंदाज न करें और सूजन बढ़ने पर डॉक्‍टर से संपर्क जरूर करें।

न‍िष्‍कर्ष:

प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन से बचने के ल‍िए लंबे समय तक खड़ी न रहें, बैठकर पैरोंं को सर्कुलर मोशन में घुमाएं, डाइट में सोड‍ियम, पोटैश‍ियम, प्रोटीन र‍िच फूड्स को शाम‍िल करें, लेटने या बैठने के दौरान पैरों को लटकाने के बजाय ऊपर उठाकर रखें। पैरों की माल‍िश करें और सपोर्ट के ल‍िए कम्प्रेशन सॉक्स पहनें। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान सूजन अचानक आए और दर्द तेज हो, तो यह हाई बीपी या ब्‍लड क्‍लॉट का संंकेत हो सकता है। इससे सावधान रहें।

FAQ

  • प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन दूर करने के घरेलू उपाय क्‍या हैं?

    गुनगुने पानी में नमक डालकर पैरोंं को डुबाएंं, नीलग‍िरी और कोकोनट ऑयल की माल‍िश करें, पोटैशियम र‍िच फूड्स का सेवन करें।
  • प्रेग्नेंसी में ज्‍यादा नमक का सेवन पैरों की सूजन को बढ़ा सकता है?

    हांं ज्‍यादा नमक के सेवन से पैरों में सूजन बढ़ सकती है क्‍योंक‍ि ज्‍यादा नमक का सेवन करने की वजह से बॉडी में अत‍िर‍िक्‍त पानी जमा होने लगता है और वॉटर र‍िटेंशन की समस्‍या होती है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 28, 2026 16:13 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 28, 2026 16:13 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Prof Dr Smriti Agrawal

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