Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhishek Vaish , Orthopaedician

पैरों में बार-बार सूजन को न करें नजरअंदाज, इन 5 समस्याओं का हो सकता है संकेत 

अगर आपके पैरों में भी लगातार सूजन बनी रहती है, तो इसे थकान समझकर नजरअंदाज न करें। कई बार लंबे समय से होने वाली पैरों की सूजन का कारण जोड़ों, हार्ट और किडनी की बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। इस लेख में डॉक्टर ने पैरों की सूजन बनने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया है।

पैरों में सूजन का कारण लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने, ज्यादा नमक खाने या शरीर में पानी जमा होने से भी हो सकती है। हालांकि, अगर सूजन लंबे समय तक बनी रही या इसके साथ दर्द, लालिमा, गर्माहट या चलने में परेशानी भी है, तो इसे केवल थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पैरों में सूजन होने की वजह बीमारियां भी हो सकती है। इसलिए हमने इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल और हिलिंग टच क्लीनिक के ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट डॉ. अभिषेक वैश से बात की।

उन्होंने बताया कि पैरों में सूजन को एडिमा भी कहा जाता है। इस कंडीशन में शरीर के टिश्यू में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं। कई बार चोट, संक्रमण और पैरों के जोड़ों या टिश्यू में सूजन आने के कारण भी पैरों में सूजन आ सकती है।

पैरों में सूजन आने का कारण 5 समस्याएं

Dr. Abhishek Vaish कहते हैं कि कई बार लोग पैरों की सूजन को इग्नोर कर देते हैं या फिर थकान समझ लेते हैं, लेकिन पैरों में होने वाली सूजन का कारण बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर किसी को बार-बार पैरों में सूजन महसूस होती है, तो उन्हें डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि इससे बीमारियों का समय पर पता चल सकेगा।

1. रूमेटाइड आर्थराइटिस

Dr. Abhishek Vaish कहते हैं, “रूमेटाइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से जोड़ों के आसपास के टिश्यू पर हमला करने लगता है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द और अकड़न हो सकती है। अगर पैरों के टखनों या पैर के दूसरे जोड़ों में सूजन के साथ दर्द और खासकर सुबह के समय ज्यादा अकड़न महसूस होती है, तो इसकी वजह रूमेटाइड आर्थराइटिस भी हो सकती है। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।”

Mayo Clinic के अनुसार, इस बीमारी में जोड़ों की अंदरूनी परत में सूजन आने से वहां तरल पदार्थ जमा हो सकता है और जोड़ों में सूजन आ सकती है। इसका असर पैरों पर भी पड़ता है और वहां सूजन महसूस हो सकती है।

2. सेलुलाइटिस यानी स्किन में इंफेक्शन

Dr. Abhishek Vaish ने बताया कि पैरों में अचानक सूजन के साथ अगर स्किन लाल होने लगे, गर्म और छूने पर दर्द महसूस हो, तो सेलुलाइटिस होने की संभावना हो सकती है। यह त्वचा और उसके नीचे के टिश्यू में होने वाला एक बैक्टीरियल संक्रमण है। यह समस्या अक्सर पैरों के निचले हिस्से में दिखाई देती है और कई मामलों में सिर्फ एक पैर ही प्रभावित होता है।

सूजन के साथ बुखार, ठंड लगना, त्वचा पर लाल चकत्ते या दर्द भी हो सकता है। अगर किसी को पैरों में सूजन के साथ स्किन से जुड़े लक्षण दिखे, तो इसका समय पर इलाज जरूरी है, क्योंकि संक्रमण आसपास के टिश्यू या शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल सकता है।

3. ऑस्टियोआर्थराइटिस

Dr. Abhishek Vaish का कहना है, “उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में होने वाला घिसाव भी पैरों के आसपास सूजन और दर्द की वजह बन सकता है। इसे ऑस्टियोआर्थराइटिस कहा जाता है। इस कंडीशन में घुटने या पैर के किसी दूसरे जोड़ में कार्टिलेज को नुकसान पहुंचने पर दर्द और अकड़न बढ़ सकती है। कुछ लोगों में जोड़ के आसपास की परत में सूजन भी आ जाती है, जिससे प्रभावित हिस्सा फूला हुआ नजर आ सकता है। अगर पैरों की सूजन के साथ किसी खास जोड़ में दर्द, अकड़न या चलने-फिरने में परेशानी लगातार बनी हुई है, तो इसका चेकअप कराना बहुत जरूरी है।”

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4. हार्ट फेलियर या किडनी की समस्या

Mayo Clinic के मुताबिक, जिन लोगों को हार्ट से जुड़ी समस्या जैसे हार्ट फेलियर हो, तो उनके पैरों में सूजन आ सकती है। एक्यूट किडनी इंजरी की समस्या में वेस्ट प्रोडक्ट शरीर से बाहर नहीं निकल पाते और इस वजह से तरल पदार्थ पैरों में जमा होकर सूजन पैदा करने लगते हैं। अगर किसी को किडनी या हार्ट की समस्या है और उसके पैरों में लगातार सूजन बनी हुई है, तो उन्हें डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

5. चोट, मोच या टेंडन की समस्या

Dr. Abhishek Vaish के अनुसार, “हर बार पैरों की सूजन का कारण सिर्फ बीमारी ही नहीं होती। कई बार पैर में चोट, मोच, फ्रैक्चर या टेंडन की समस्या होने पर भी प्रभावित हिस्से में सूजन आ सकती है। मेरे पास कई ऐसे मामले आते हैं, जिनके टखने में मोच, घुटने में ACL इंजरी या Achilles टेंडन में चोट लगी होती है। इससे पैरों के आसपास के टिश्यू में सूजन आने लगती है। ऐसा आमतौर पर खिलाड़ियों या मोटापे से ग्रस्त लोगों को होने का रिस्क रहता है। अगर चोट लगने के बाद सूजन तेजी से बढ़ रही है या पैर पर वजन डालने में परेशानी हो रही है, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना चाहिए।”

पैरों की सूजन में इलाज कैसे होता है?

Dr. Abhishek Vaish ने बताया कि पैरों की सूजन का इलाज उसकी समस्या पर निर्भर करता है।

  • अगर सूजन लंबे समय तक एक ही पोस्चर में बैठने या खड़े रहने से होती है, तो उन्हें फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने और काम के बीच में बार-बार ब्रेक लेकर चलने की सलाह दी जा सकती है।
  • हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को नमक कम लेने की सलाह दी जाती है।
  • अगर किसी बीमारी की वजह से पैरों में सूजन है, तो उस बीमारी को मैनेज करने की कोशिश करते है।
  • अतिरिक्त फ्लूड को बाहर निकालने के लिए दवाएं भी दी जा सकती है।
  • चोट या मामूली सूजन में ठंडी सिकाई की सलाह दी जा सकती है।

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निष्कर्ष
Dr. Abhishek Vaish लोगों को सलाह देते हैं कि पैरों में सूजन देखकर खुद से ही दवा न लें। इसके कई कारण हो सकते हैं, इसलिए सही बीमारी की पहचान करना जरूरी है। अगर एक पैर में सूजन हो और साथ में दर्द हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। कई बार नसों में खून के थक्के भी बन सकते हैं। लंबे समय तक पैरों में होने वाली सूजन को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • सुबह पैर सामान्य और शाम को सूजे हुए क्यों लगते हैं?

    दिनभर खड़े रहने या बैठने से पैरों में फ्लूड जमा हो सकता है। इससे शाम तक टखनों और पंजों में सूजन ज्यादा दिखाई दे सकती है। अगर यह समस्या लगातार हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • क्या सिर्फ एक पैर में सूजन होना चिंता की बात है?

    अचानक एक पैर में सूजन के साथ दर्द, लालिमा या गर्माहट हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर DVT समेत अन्य कारणों की जांच कर सकते हैं।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 12, 2026 16:21 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Abhishek Vaish

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