आमतौर पर कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी कराना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मदद करती है, लेकिन इसके साथ शरीर की इम्यूनिटी पर भी असर पड़ता है। कीमोथेरेपी के बाद मरीज की इम्यूनिटी काफी कमजोर हो जाती है। इस वजह से कीमोथेरेपी के दौरान आने वाला बुखार सामान्य वायरल फीवर नहीं माना जाता। कई बार यह शरीर में गंभीर इंफेक्शन का भी संकेत हो सकता है। कीमोथेरेपी में बुखार आने के बारे में हमने Dr. Vishnu Hari, Associate Director & Head- Medical Oncology, Haematology & BMT, Sarvodaya Hospital, Sector-8, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि कीमोथेरेपी के दौरान कमजोर इम्यूनिटी के कारण इंफेक्शन से लड़ना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हल्का बुखार भी गंभीर स्थिति की शुरुआत हो सकती है।
कीमोथेरेपी के दौरान बुखार होना क्यों गंभीर है?
Dr. Vishnu Hari कहते हैं, “कीमोथेरेपी शरीर में वाइट ब्लड सेल्स में खासतौर पर न्यूट्रोफिल्स की संख्या कम कर सकती है। ये कोशिकाएं शरीर को बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से बचाने का काम करती हैं। जब इनकी संख्या जरूरत से ज्यादा कम हो जाती है, तो मरीज न्यूट्रोफिनिया की कंडीशन में पहुंच सकता है। ऐसे में छोटी सी भी इंफेक्शन भी शरीर में तेजी से बढ़ती है और इंफेक्शन होने का पहला और एकमात्र संकेत सिर्फ बुखार होता है। इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं माना जाता।”

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कैंसर मरीज को बुखार होने पर कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
Dr. Vishnu Hari के मुताबिक, “अगर कीमोथेरेपी ले रहे मरीज को 100.4°F (38°C) या उससे ज्यादा तापमान हो, तो डॉक्टर इसे मेडिकल इमरजेंसी मान सकते हैं, क्योंकि इस कंडीशन में इंफेक्शन तेजी से फैलकर सेप्सिस में बदल सकता है। अगर मरीज को ठंड लगने लगे, गले में दर्द, पेशाब में जलन, मुंह में छाले, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण साथ में दिखे, तो इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।”
इंफेक्शन से बचाव के लिए कैंसर मरीजों को सलाह
Dr. Vishnu Hari ने कैंसर मरीजों को सलाह दी है कि उन्हें इलाज के दौरान इंफेक्शन से बचाव करना चाहिए। इसके लिए कुछ आदतों को अपनाना जरूरी है।
- हाथों की सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।
- किसी भी बीमार व्यक्ति से नहीं मिलना चाहिए।
- बाहर का खुला और स्ट्रीट फूड नहीं खाना चाहिए।
- पानी प्रचुर मात्रा में पीना चाहिए।
- डॉक्टर से रेगुलर फॉलोअप चेक कराना चाहिए।
- बुखार या इंफेक्शन होने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
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निष्कर्ष
Dr. Vishnu Hari सलाह देते हैं कि कैंसर के मरीजों को बुखार आने पर बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए। कीमोथेरेपी के दौरान ऐसी किसी भी दवा को लेना खतरनाक हो सकता है। इसलिए डॉक्टर मरीज का पूरा चेकअप करते हैं और इंफेक्शन की गंभीरता का पता लगाते हैं। अगर कीमोथेरेपी के दौरान बुखार आने लगे, तो इसे नॉर्मल बुखार न समझें, बल्कि तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
FAQ
क्या बुखार आने पर मरीज को तुरंत घर पर ही पैरासिटामोल दे सकते हैं?
डॉक्टर से बात किए बिना मरीज को पेरासिटामोल कभी न दें। यह दवा बुखार तो कम कर देगी, जिससे आपको लगेगा कि मरीज ठीक हो रहा है, लेकिन अंदर ही अंदर इंफेक्शन बढ़ता रहेगा।अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर सबसे पहले क्या इलाज शुरू करते हैं?
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर सबसे पहले मरीज का CBC टेस्ट करते हैं ताकि न्यूट्रोफिल्स की संख्या जांची जा सके। इसके साथ ही खून और पेशाब का कल्चर लिया जाता है। इंफेक्शन के सटीक बैक्टीरिया का पता चलने से पहले ही, डॉक्टर तुरंत नस के जरिए ब्रॉड-स्पेक्ट्रम आईवी एंटीबायोटिक्स देना शुरू कर देते हैं ताकि सेप्सिस के खतरे को टाला जा सके।
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May 29, 2026 18:52 IST
Modified By : Aneesh Rawat May 29, 2026 18:52 IST
Modified By : Aneesh RawatMay 29, 2026 18:52 IST
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Reviewed By : Dr Vishnu HariMay 29, 2026 18:52 IST
Published By : Aneesh Rawat