Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Mandeep Singh Malhotra , Surgical & Molecular Oncologist | Founder & Chief Mentor – Art of Healing Cancer

मुंह और गले के कैंसर में रेडिएशन थेरेपी से कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? जानें डॉक्टर से

मुंह और गले के कैंसर का इलाज करते समय रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इससे मरीज को कई तरह के साइड इफैक्ट्स हो सकते हैं। इसमें मुंह का स्वाद खराब होना और कुछ खाने में दिक्कत होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

मुंह और गले के कैंसर के इलाज में रेडिएशन थेरेपी को सबसे प्रभावी इलाज माना जाता है। कई मरीजों की सर्जरी के बाद रेडिएशन या कीमोथेरेपी की जाती है। रेडिएशन या कीमोथेरेपी के जरिए कैंसर की कोशिकाओं को खत्म किया जाता है, ताकि कैंसर के दोबारा होने के खतरे को कम किया जा सके। जिन मरीजों को रेडिएशन थेरेपी दी जाती है, उनमें कई तरह के साइड इफैक्ट्स देखने को मिलते हैं। इस बारे में हमने Dr. Mandeep Singh Malhotra, Oncologist, Art of Healing Cancer, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि रेडिएशन थेरेपी का असर हर मरीज पर अलग-अलग हो सता है। यह कैंसर की स्टेज, रेडिएशन के डोज और मरीज की कंडीशन पर निर्भर करता है।

मुंह और गले के कैंसर में रेडिएशन थेरेपी से होने वाले नुकसान

Dr. Mandeep Singh कहते हैं, “रेडिएशन थेरेपी का असर कैंसर कोशिकाओं तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके इलाज के दौरान मुंह, गला और इसके आसपास के टिश्यू पर असर पड़ सकता है। इस वजह से मरीजों को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।”

मुंह और गले में दर्द होना

Dr. Mandeep Singh के मुताबिक, “रेडिएशन शुरू होने के दो से तीन हफ्ते बाद कई मरीजों को मुंह और गले में दर्द या जलन महसूस होने लगती है। कई मामलों में मरीजों के मुंह में छाले भी होने लगते हैं, जिस वजह से उन्हें खाना पीना मुश्किल हो सकता है। कुछ मरीजों को खाना या पीना गले में तेज दर्द हो सकता है। ऐसे मामलों में दर्द कम करने की दवाएं या माउथवॉश की सलाह दे सकते हैं।”

oral and throat cancer radiation problems

मुंह सूखना

Dr. Mandeep Singh ने बताया कि रेडिएशन थेरेपी का असर लार बनाने वाली ग्रंथियों पर भी पड़ सकता है। इससे लार बनने की मात्रा कम हो जाती है और मरीज को लगातार मुंह सूखने की शिकायत रहने लगती है। इससे खाना चबाने में दिक्कत, बोलने में दिक्कत, मुंह पर बार-बार इंफेक्शन होना और दांतों में सड़न का खतरा बढ़ सकता है। कुछ मरीजों को यह समस्या इलाज के बाद ठीक हो जाती है, तो कुछ मरीजों में ये समस्याएं लंबे समय तक रह सकती है।

खाने का स्वाद बदलना

Dr. Mandeep Singh के अनुसार, “रेडिएशन थेरेपी के दौरान मरीज के मुंह का स्वाद भी बदल सकता है। कई बार मरीजों को थेरेपी के बाद खाना पहले जैसा स्वाद नहीं लगता और उसे धातु जैसा स्वाद आने लगता है। अगर मरीज के खाने का स्वाद बदल जाता है और भूख कम होने लगती है, तो इसका असर शरीर के न्यूट्रिशन पर भी पड़ सकता है। इसलिए मरीज को इलाज के दौरान प्रोटीन और कैलोरी से भरपूर बैलेंस्ड फूड लेने की सलाह दी जाती है।”

स्किन पर असर

Dr. Mandeep Singh ने कहा, “शरीर के जिस हिस्से में रेडिएशन थेरेपी दी जाती है, उस हिस्से की स्किन सेंसिटिव हो सकती है। इससे गर्दन या चेहरे की स्किन लाल पड़ना, काली होना, जलन महसूस होना या छिलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। आमतौर पर थेरेपी के कुछ हफ्ते बाद यह समस्या ठीक हो जाती है।”

इलाज के दौरान थकान महसूस होना

Dr. Mandeep Singh ने बताया कि लगातार कई महीनों तक रेडिएशन थेरेपी लेने से शरीर पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ सकता है। इस वजह से मरीज खुद को कमजोर और थकान महसूस कर सकता है। कई बार मरीज को शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक परेशानी भी हो सकती है। इसलिए मरीज को रेडिएशन थेरेपी के दौरान पर्याप्त नींद, बैलेंस्ड डाइट और हल्की फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष
Dr. Mandeep Singh बताते हैं कि रेडिएशन थेरेपी के कुछ साइड इफैक्ट्स लंबे समय तक रह सकते हैं। इसमें जबड़े में जकड़न, गर्दन के टिश्यू सख्त होना, आवाज में बदलाव और लंबे समय तक निगलने में परेशानी हो सकती है। इसलिए मरीजों को रेडिएशन थेरेपी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, मुंह की साफ-सफाई रखना जरूरी है और मसालेदार खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, कैंसर के इलाज में मरीजों को रेगुलर फॉलो-अप जरूर रखना चाहिए ताकि नए बदलावों की पहचान जल्दी हो सके। 

FAQ

  • रेडिएशन थेरेपी के कारण दांतों और मसूड़ों को क्या नुकसान पहुंचता है?

    मुंह में लार न होने के कारण बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं। इसके कारण दांतों में बहुत तेजी से सड़न लगने लगती है, जिसे रेडिएशन कैरीज कहते हैं। मसूड़े ढीले हो जाते हैं और दांत कमजोर होकर टूटने लगते हैं।
  • ट्रिसमस क्या है और यह जबड़े को कैसे जाम करता है?

    जबड़े की मांसपेशियों में रेडिएशन के कारण फाइब्रोसिस हो जाता है। इसके कारण मरीज का मुंह पूरी तरह खुलना बंद हो जाता है, जिसे ट्रिसमस या लॉक्ड जॉ कहते हैं। इससे खाना खाने और मुंह की सफाई करने में बहुत दिक्कत आती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 01, 2026 19:10 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jul 01, 2026 19:10 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Mandeep Singh Malhotra

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