सर्वाइकल कैंसर में सर्विक्स की कोशिकाओं पर समय के साथ धीरे-धीरे असर पड़ना शुरू होता है। इस कंडीशन को डिसप्लासिया कहा जाता है। इस स्थिति में सर्विक्स टिश्यू में असामान्य कोशिकाएं दिखाई देने लगती हैं। अगर समय रहते इन असामान्य कोशिकाओं को न निकाला जाए, तो आगे धीरे-धीरे कैंसर के टिश्यू सर्विक्स और आसपास के हिस्सों में फैलना शुरू हो सकता है। अगर समय रहते लक्षणों की पहचान कर ली जाए और इलाज हो जाए, तो महिलाएं सामान्य जीवन बिता सकती है, लेकिन इलाज पूरा होने के बाद महिलाओं में कुछ ऐसे बदलाव भी होते हैं, जिसके बारे में वे बात करने से हिचकती है और इसमें सेक्शुअल लाइफ की बात सबसे ऊपर है।
इस बारे में हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर का इलाज सिर्फ कैंसर के टिश्यू खत्म करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसका असर महिला के शरीर, हार्मोनल और मेंटल हेल्थ पर भी पड़ सकता है। इसलिए रिकवरी के बाद सेक्शुअल हेल्थ को भी गंभीरता ले लेना चाहिए।
सर्वाइकल कैंसर के इलाज के बाद सेक्शुअल हेल्थ पर क्यों असर पड़ता है?
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “कैंसर का पता चलने पर महिला को बीमारी का स्ट्रेस, इलाज की चिंता और भविष्य में दोबारा होने का डर यौन इच्छा को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, इलाज के दौरान होने वाली थकान, कमजोरी, दर्द और हार्मोन में बदलाव भी सेक्शुअल लाइफ में में रुचि कम कर सकते हैं। कई महिलाओं को लगता है कि उनका शरीर पहले जैसा नहीं रहा, जिससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है।”
सर्वाइकल कैंसर के इलाज के बाद महिलाओं में बदलाव
Sage Journals में प्रकाशित स्टडी को घाना के 30 सर्वाइकल कैंसर मरीजों पर किया गया और उनके सेक्शुअल और फिजिकल हेल्थ की स्थिति को समझा गया। अध्ययन से पता चला कि सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों के कारण मरीजों की यौन इच्छा में भारी कमी आई है। ज्यादातर महिलाओं ने बीमारी के लक्षणों जैसे बदबूदार डिस्चार्ज, अनियंत्रित ब्लीडिंग और तेज दर्द के कारण कामेच्छा में कमी दर्ज की। इसके अलावा कई महिलाओं को इंटरकोर्स के दौरान असहनीय दर्द होने के कारण संबंध बनाना बिल्कुल बंद कर दिया।
Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि रेडिएशन, कीमोथेरेपी और सर्जरी के कारण महिलाओं में कई तरह के बदलाव आते हैं, जिस वजह से उनकी सेक्शुअल लाइफ पर असर पड़ता है।

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वजाइना में सूखापन और जलन
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “सर्वाइकल कैंसर में रेडिएशन थेरेपी एक इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन थेरेपी के दौरान महिलाओं के वजाइना के टिश्यू में बदलाव होने लगते हैं। इलाज के बाद उनके वजाइना में सूखापन या जलन हो सकती है, जिससे शारीरिक संबंध बनाते समय दर्द का अनुभव हो सकता है।
योनि स्टेनोसिस
इलाज के दौरान महिलाओं की योनि में स्कार टिश्यू या जख्म हो सकते हैं। इस कंडीशन में वजाइना की लंबाई कम हो जाती है और वह संकरी हो जाती है। इसके कारण यौन संबंध बनाने के दौरान या उसके बाद तेज दर्द हो सकता है। कुछ मामलों में वजाइना में लचक भी कम हो सकती है।
हिस्टेरेक्टॉमी
कई मामलों में कैंसर भविष्य में न बने, इसके लिए गर्भाशय को भी बाहर निकाल दिया जाता है।यूटरस को बाहर निकालने की सर्जरी के कारण वजाइना की लंबाई छोटी हो सकती है, जिससे सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान असहजता महसूस हो सकती है।
ओवरी निकालना
अगर सर्जरी के दौरान ओवरी निकाल दी जाए, तो महिला को समय से पहले मेनोपॉज (प्रिमैच्योर मेनोपॉज) की समस्या हो सकती है। मेनोपॉज के कारण योनि में नेचुरल लुब्रिकेशन खत्म हो जाता है। कई बार लुब्रिकेशन की कमी के कारण वजाइना में खुजली, जलन भी सेक्शुअल लाइफ पर असर डाल सकते हैं।
मेंटल हेल्थ पर असर
Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से उबरना सिर्फ शरीर का नहीं होता, बल्कि मेंटल लेवल पर भी होता है। ऐसे समय में पार्टनर का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। खुलकर बातचीत करने से गलतफहमियां दूर होती हैं और दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। अगर जरूरत महसूस हो, तो साइकोलॉजिस्ट या सेक्शुअल हेल्थ काउंसलर की मदद लेना भी फायदेमंद हो सकता है।
इलाज के बाद कब शुरू करें यौन संबंध?
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “इसकी कोई तय सीमा नहीं होती। यह इस बात पर निर्भर करता है कि महिला का इलाज किस प्रकार का था और शरीर कितनी तेजी से रिकवर कर रहा है। सर्जरी या रेडिएशन के बाद डॉक्टर आमतौर पर कुछ हफ्ते तक इंतजार करने की सलाह दे सकते हैं। इसलिए बिना डॉक्टर की अनुमति के जल्दबाजी करना सही नहीं है।"
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सेक्शुअल लाइफ कैसे बेहतर बनाएं?
Dr. Vineet Malhotra सलाह देते हैं, “सही इलाज, रेगुलर फॉलोअप, सही सलाह और इमोशनल सहयोग मिलने पर ज्यादातर महिलाएं धीरे-धीरे नॉर्मल दिनचर्या और यौन जीवन में वापस लौट सकती हैं। सर्वाइकल कैंसर के इलाज के बाद अगर वजाइना में सूखापन या जलन हो, तो ऐसी कंडीशन में योनि मॉइस्चराइजर, लुब्रिकेंट या खास एक्सरसाइज की सलाह दे सकते हैं।”
निष्कर्ष
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं कि सर्वाइकल कैंसर का इलाज जीवन बचाने के लिए जरूरी है, लेकिन इसके बाद होने वाले शारीरिक और भावनात्मक बदलावों को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अगर इलाज के बाद सेक्शुअल हेल्थ से जुड़ी कोई भी समस्या महसूस हो रही है, तो उसे छिपाने के बजाय डॉक्टर से खुलकर बात करें। सही समय पर सलाह, इलाज और परिवार की मदद से महिलाएं नॉर्मल जीवन जी सकती है।
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FAQ
ओवरीज हटने पर आने वाले मेनोपॉज के लक्षणों को कैसे नियंत्रित करें?
अगर कैंसर के इलाज में दोनों ओवरीज हटा दी गई हैं या रेडिएशन से काम करना बंद कर चुकी हैं, तो अचानक हॉट फ्लैश, वजाइनल सूखापन और चिड़चिड़ापन होने लगता है। इसके लिए डॉक्टर नॉन-हार्मोनल जेल, वेजाइनल एस्ट्रोजन क्रीम या मरीज की स्थिति देखकर हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का सुझाव दे सकते हैं।अगर शारीरिक संबंध बनाने के बाद हल्का खून आए तो क्या करना चाहिए?
इलाज के बाद शुरुआती महीनों में वजाइना के टिश्यूज बहुत सेंसिटिव होते हैं, जिससे संबंध बनाने पर हल्की स्पॉटिंग या ब्लीडिंग हो सकती है। अगर ऐसा कभी-कभार और बहुत कम होता है तो चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर तेज ब्लीडिंग, दर्द या बदबूदार डिस्चार्ज हो तो तुरंत अपने ऑन्कोलॉजिस्ट को दिखाएं।
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Jul 27, 2026 20:07 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra