सर्वाइकल कैंसर का समय पर पता चलने के बाद सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी से इसका सफल इलाज संभव है, लेकिन इलाज पूरा होने के बाद ज्यादातर महिलाओं के मन में एक ही सवाल रहता है कि अब आगे कहीं फिर से सर्वाइकल कैंसर न हो जाए। क्या इलाज पूरा होने के बाद सब नॉर्मल हो जाता है या फिर रेगुलर चेकअप की जरूरत पड़ती है। इसके साथ ही महिला को कौन से लक्षणों के प्रति सतर्क रहना चाहिए? इन सभी सवालों के जवाब के लिए हमने Dr. Mandeep Singh Malhotra, Oncologist, Art of Healing Cancer, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि इलाज पूरा होने के बाद भी रेगुलर फॉलो-अप उतना ही जरूरी है, जितना इलाज कराना और इलाज के बाद लक्षणों की पहचान करके समय पर डॉक्टर से सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है।
सर्वाइकल कैंसर के इलाज के बाद 10 लक्षणों पर रखें नजर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में पांचवां सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है, जिसके साल 2024 में करीब 6 लाख से ज्यादा मामले सामने आए थे। सर्विक्स में पाई जाने वाली असामान्य कोशिकाओं को कैंसर बनने में आमतौर पर 15 से 20 साल लगते हैं। जिन महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोर है, उनमें यह प्रक्रिया 5 से 10 साल में पूरी हो सकती है। इलाज के बाद महिला की इम्यूनिटी काफी कमजोर हो जाती है, ऐसे में इलाज होने के बाद महिलाओं को संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा रहता है। इसलिए सर्वाइकल कैंसर से जुड़े लक्षणों पर नजर रखना जरूरी है।
Dr. Mandeep Singh Malhotra कहते हैं, “सर्जरी, रेडिएशन या कीमोथेरेपी के बाद शरीर को पूरी तरह ठीक होने में समय लगता है। इस दौरान कुछ महिलाओं को लंबे समय तक इलाज के दुष्प्रभाव महसूस हो सकते हैं। हालांकि, हर नया लक्षण कैंसर के दोबारा लौटने का संकेत नहीं होता, लेकिन कुछ बदलाव ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर शरीर में कोई परेशानी बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।”
1. असामान्य योनि से खून आना
Dr. Mandeep Singh Malhotra कहते हैं, “अगर इलाज के बाद अचानक योनि से खून आने लगे, बार-बार स्पॉटिंग हो या शारीरिक संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग हो, तो यह सामान्य लक्षण नहीं है। इसकी तुरंत जांच करानी चाहिए।”
2. योनि से असामान्य डिस्चार्ज
अगर महिला को इलाज के बाद भी लगातार पानी जैसा डिस्चार्ज हो, जिसमें बदबू काफी ज्यादा है या फिर डिस्चार्ज में खून मिला हो, तो यह इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
3. पेल्विक या पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द
अगर किसी महिला को इलाज के बाद भी पेल्विक में दर्द, पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस हो या भारी दबाव महससू हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई बार ये संकेत सर्वाइकल कैंसर के दोबारा लौटनेा का कारण भी बन सकता है।
4. लगातार कमर या पीठ दर्द
इलाज के बाद महिलाएं खुद को कमजोर महसूस करती हैं, लेकिन अगर महिला कोई काम नहीं कर रही और फिर भी कमर या पीठ में दर्द लगातार बना रहे, तो इसे चेक कराना चाहिए। कई महिलाओं को आराम करने के बाद भी दर्द ठीक नहीं होता, तो डॉक्टर से इसका कारण जानना बहुत जरूरी है।

यह भी पढ़ें- सर्वाइकल कैंसर का इलाज सेक्शुअल लाइफ पर कैसे असर डालता है? जानें डॉक्टर से
5. एक पैर में सूजन या दर्द
इलाज के बाद भी अगर लगातार सिर्फ एक ही पैर में सूजन, भारीपन या दर्द बना रहे, तो यह लम्फिक
अगर किसी एक पैर में लगातार सूजन, भारीपन या दर्द बना रहे, तो यह लिंफेटिक सिस्टम (Lymphatic System) से जुड़ी समस्या हो सकती है। सर्वाइकल कैंसर के मरीजों को यह लक्षण डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए ताकि डॉक्टर आगे के इलाज को प्लान कर सकें।
6. पेशाब से जुड़ी परेशानी
सर्वाइकल कैंसर का इलाज होने के बाद अगर महिला को बार-बार पेशाब आ रहा है, पेशाब करते समय दर्द होना, पेशाब में खून आना, पेशाब रुक-रुककर आना या मात्रा कम होना जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो इसके बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
7. मल त्याग की आदतों में बदलाव
इलाज के बाद महिला को अपने स्टूल जाने के रुटीन को भी चेक करना चाहिए। अगर किसी महिला को लंबे समय तक कब्ज, दस्त, मल त्याग में दिक्कत, मल में खून या स्टूल करते समय उस पर नियंत्रण न रहने जैसी परेशानियां हो रही हो, तो महिला को डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें- क्या सर्वाइकल कैंसर के इलाज के बाद प्रेग्नेंसी संभव है? डॉक्टर ने बताई 5 जरूरी बातें
8. लगातार खांसी या सांस फूलना
इलाज के बाद अगर कई हफ्तों तक खांसी बनी रहे, सीने में दर्द हो या सामान्य काम करने पर भी सांस फूलने लगे, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें।
9. जरूरत से ज्यादा थकान
इलाज के बाद महिलाओं को लगता है कि थकान या कमजोरी हो सकती है, लेकिन अगर जरूरत से ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस हो और आराम करने के बाद भी बिल्कुल एनर्जी महसूस न हो, तो डॉक्टर से इस बारे में जरूर बात करें।
10. बिना कोशिश के वजन घटना
अगर सर्वाइकल कैंसर के इलाज के बाद महिला का वजन अचानक से कम होने लगे और लंबे समय से खुद में अच्छा फील न हो रहा हो, तो इसकी वजह जानना बहुत जरूरी है।
क्या ये लक्षण हमेशा सर्वाइकल कैंसर दोबारा होने का संकेत है?
Dr. Mandeep Singh Malhotra ने कहा, “जो भी लक्षण बताए गए हैं, जरूरी नहीं हैं क् यह लक्षण सर्वाइकल कैंसर दोबारा होने का संकेत हैं। कई मामलों में यह दूसरी बीमारियों का भी कारण हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर कैंसर का इलाज होने के बाद रेगुलर फॉलो-अप की सलाह देते हैं, ताकि समय रहते लक्षणों की पहचान हो सके। अगर डॉक्टर को किसी भी तरह का संदेह होता है, तो वह महिला का फिजिकल टेस्ट, पैप टेस्ट, HPV टेस्ट, स्कैन या अन्य चेकअप कराने की सलाह दे सकते हैं।”
इलाज पूरा होने के बाद मरीज का फॉलो-अप रुटीन
American Cancer Society के मुताबिक, अगर सर्वाइकल कैंसर पूरी तरह से ठीक हो चुका है, तो शुरुआती दो साल के लिए मरीज को हर 3 से 6 महीने में फिजिकल टेस्ट, ब्लड टेस्ट या इमेजिंग टेस्ट की सलाह देते हैं। उसके अगले कुछ सालों तक हर 6 महीने में एक बार जाना पड़ता है। जिन लोगों का कैंसर शुरुआती स्टेज पर था, उन्हें कम अंतराल पर फॉलो-अप करने की जरूरत हो सकती है।
निष्कर्ष
Dr. Mandeep Singh Malhotra महिलाओं को सलाह देते हैं कि सर्वाइकल कैंसर का इलाज होने के बाद भी शरीर में किसी भी नए बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। रेगुलर फॉलो-अप, सेहतमंद लाइफस्टाइल और डाइट अपनाने से सर्वाइकल कैंसर के खतरे को रोका जा सकता है। इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह जरूर मानें।
All Image Credit: Magnific
FAQ
सर्वाइकल कैंसर का इलाज पूरा होने के बाद कितने समय तक दोबारा होने का रिस्क सबसे ज्यादा रहता है?
कैंसर के वापस लौटने का सबसे ज्यादा खतरा इलाज पूरा होने के शुरुआती 2 से 3 सालों के भीतर होता है। 5 साल तक कैंसर-मुक्त रहने के बाद इसके दोबारा होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।कैंसर दोबारा लौटा है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए कौन-कौन से टेस्ट किए जाते हैं?
डॉक्टर नियमित फॉलो-अप के दौरान पेल्विक एग्जाम, पैप स्मीयर, PET-CT स्कैन, MRI और कुछ ब्लड टेस्ट्स करा सकते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 28, 2026 19:35 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Mandeep Singh Malhotra