कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों के बाल झड़ने और स्किन के काला पड़ने जैसे शारीरिक बदलाव तो सभी जानते है, लेकिन कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों को कुछ भी खाने का मन नहीं करता। इसका कारण मरीजों के मुंह में छाले होना और स्वाद का बिगड़ना है। कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों को खाना निगलने में भी दिक्कत हो सकती है। इस दौरान मरीजों को ऐसा महसूस होने की क्या वजह हैं और ओरल हेल्थ को कैसे बेहतर रखें? यह जानने के लिए हमने Dr. Vishnu Hari, Associate Director & Head- Medical Oncology, Haematology & BMT, Sarvodaya Hospital, Sector-8, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि अगर इन समस्याओं का समय पर इलाज न कराया जाए, तो कैंसर के मरीजों की रिकवरी पर असर पड़ सकता है।
कीमोथेरेपी के दौरान मुंह के छाले क्यों हो जाते हैं?
Dr. Vishnu Hari कहते हैं, “कीमोथेरेपी के दौरान जो दवाएं दी जाती है, वे कैंसर की कोशिकाओं को तेजी से खत्म करती हैं, लेकिन इसके साथ स्वस्थ कोशिकाएं भी नष्ट हो जाती हैं। इसमें मुंह और गले की कोशिकाओं पर भी असर पड़ता है। कीमोथेरेपी के दौरान मुंह की नाजुक परत में सूजन, लालिमा, जलन और छोटे-छोटे छाले बनने लगते हैं। इस कंडीशन को ओरल म्यूकोसाइटिस कहते हैं। आमतौर पर कीमोथेरेपी शुरू होने के पांच से दस दिनों के अंदर यह समस्या दिखाई दे सकती है। कुछ मरीजों के तो छाले हल्के होते हैं, लेकिन कुछ मरीजों के लिए खाना, पानी पीना और यहां तक कि बोलना भी मुश्किल हो सकता है।”
कीमोथेरेपी के दौरान स्वाद में बदलाव क्यों होता है?
Dr. Vishnu Hari के मुताबिक, “कीमोथेरेपी के दौरान मुंह की परत ही नहीं, बल्कि स्वाद महसूस करने वाली कोशिकाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है। इस वजह से मरीज को भोजन फीका या कड़वा लग सकता है। कई बार मीठी चीजोंड का स्वाद भी बदल जाता है। इस दौरान मुंह में छाले होने के कारण मनपसंद खाना खाने का भी मन नहीं करता। कई मरीज कीमोथेरेपी के दौरान मुंह में सूखापन महसूस कर सकते हैं।”

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मुंह में छालों और स्वाद को बदलने के लिए क्या करें?
Dr. Vishnu Hari ने बताया कि कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि मुंह के छालों और स्वाद को बदला जा सके। मुंह के छालों से बचाव के लिए मरीजों को दिन में कई बार गुनगुने पानी में नमक और बेकिंग सोडा मिलाकर कुल्ला करना चाहिए। बहुत ही मुलायम ब्रश से दांत साफ करने चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। वहीं मुंह का स्वाद बदलने के लिए खिचड़ी, दलिया, दही और सूप लिया जा सकता है। अगर किसी मरीज को धातु जैसा फील होता है, तो स्टील की चम्मच के बजाय प्लास्टिक का चम्मच लेना चाहिए और खाने के छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर दिन में कई बार खाएं।
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निष्कर्ष
Dr. Vishnu Hari कहते हैं कि अगर मुंह के छाले इतने गंभीर हो जाएं कि खाना या पानी पीना मुश्किल हो जाए, बुखार आने लगे या मुंह में इंफेक्शन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। वैसे तो कीमोथेरेपी के दौरान मुंह में छाले होना या स्वाद बदलना आम है, जिसे ओरल हेल्थ हाइजीन, बैलेंस्ड डाइट और प्रचुर मात्रा में पानी पीने से सुधार किया जा सकता है।
FAQ
मुंह में सूखापन (Dry Mouth) होने पर मरीज को क्या करना चाहिए?
कीमोथेरेपी लार ग्रंथियों को सुस्त कर देती है, जिससे मुंह सूखने लगता है। इससे बचने के लिए मरीज को दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए। इसके अलावा, बिना शुगर वाली गम चबाने या नींबू की कैंडी चूसने से मुंह में लार का बनना तेज होता है।क्या छालों के दर्द के लिए कोई विशेष जेल या माउथवॉश आता है?
डॉक्टर अक्सर मरीजों को एक खास माउथवॉश लिखते हैं। इसमें सुन्न करने वाली दवा, एंटीफंगल और एंटासिड का मिश्रण होता है। इसे खाने से 15-20 मिनट पहले मुंह में रोककर कुल्ला करने से मुंह सुन्न हो जाता है और मरीज आसानी से खाना खा पाता है।
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Jun 19, 2026 16:39 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jun 19, 2026 16:39 IST
Modified By : Aneesh RawatJun 19, 2026 16:39 IST
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Reviewed By : Dr Vishnu HariJun 19, 2026 16:39 IST
Published By : Aneesh Rawat