Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Keshav Naithani , Maxillofacial Surgery & Implantology | 21+ Years of Clinical Experience

मुंह में बार-बार छाले होना इन 5 बीमारियों का संकेत हो सकता है, डॉक्टर से जानें कब हो जाएं सतर्क

मुंह में बार-बार होने वाले छालों को मामूली समझकर छोड़ दिया जाता है, लेकिन कई बार ये छाले गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं। इस लेख में डॉक्टर ने बताया है कि बार-बार मुंह के छाले होने से डायबिटीज, एनीमिया और मेंटल हेल्थ से जुड़ी बीमारियां होने का अंदेशा हो सकता है।

लोग मुंह में होने वाले छालों को मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आमतौर पर लोगों को लगता है कि मुंह में छाले होने का कारण शरीर में गर्मी बढ़ना है या फिर मसालेदार खाना खाने से हो सकता है। अगर मुंह के छाले बार-बार हो रहे हों, लंबे समय तक ठीक न हों या कुछ हफ्तों में दोबारा लौट आएं, तो इन्हें हल्के में लेना सही नहीं है। इस बारे में हमने Dr. Keshav Naithani, Principal Director & HOD, Department of Dental & Maxillofacial Surgery, Max Multi-Speciality Hospital, Noida (UP) से बात की।

उन्होंने बताया कि मुंह शरीर का ऐसा हिस्सा है, जहां कई गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत सबसे पहले दिखाई देने लगते हैं। इसलिए बार-बार होने वाले छालों की असली वजह जानना जरूरी है। उसे दवा से कम करना इसका समाधान नहीं है।

मुंह में बार-बार छाले होना 5 गंभीर बीमारियों का संकेत

Dr. Keshav Naithani कहते हैं, “मुंह की अंदरूनी परत में सूजन या छोटा से घाव बन जाता है। आमतौर पर ये 7 से 10 दिनों के अंदर ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर छाले लगातार होते रहें तो इसके पीछे शरीर में पोषण की कमी, इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी, पाचन संबंधी बीमारी या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है।

1. विटामिन B12, आयरन और फोलिक एसिड की कमी

Dr. Keshav Naithani ने बताया कि जिन लोगों में मुंह के छालों बार-बार होते हैं, उनमें जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। मुंह के सेल्स को सेहतमंद रखने में विटामिन B12, आयरन और फोलिक एसिड महत्वपूर्ण होते हैं। अगर इनकी कमी हो जाए, तो बार-बार छाले बनने लगते हैं। इसके साथ कमजोरी, थकान, चक्कर आना और जीभ में जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

2. एनीमिया

Dr. Keshav Naithani ने कहा, “मुंह के छाले होने पर एनीमिया जैसी समस्या भी हो सकती है। अगर बार-बार छाले हो रहे हैं, तो हीमोग्लोबिन का टेस्ट कराना बहुत जरूरी है। इसमें हीमोग्लोबिन की गंभीर रूप से कमी होती है। जब शरीर के टिश्यू तक पूरी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तो मुंह की अंदरूनी त्वचा पर असर पड़ सकता है। ऐसे लोगों में छालों के साथ कमजोरी, सांस फूलना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।”

mouth ulcers

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3. सीलिएक डिजीज और क्रोहन डिजीज

Dr. Keshav Naithani ने बताया कि कुछ लोगों में बार-बार छाले डाइजेशन सिस्टम से जुड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकते हैं। सीलिएक डिजीज में शरीर ग्लूटेन को सहन नहीं कर पाता, जबकि क्रोहन डिजीज आंतों में लंबे समय तक सूजन पैदा करती है। इन दोनों कंडीशन में शरीर जरूरी न्यूट्रिशन को ठीक तरह से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे मुंह में बार-बार दर्दनाक छाले बनने लगते हैं।

National Health Service के अनुसार, मुंह में छाले होने का कारण स्ट्रेस, क्रोहन, सीलिएक, विटामिन B12 या आयरन की कमी हो सकते हैं।

4. ओरल कैंसर की शुरुआती स्टेज

Dr. Keshav Naithani कहते हैं, “वैसे तो हर छाले कैंसर नहीं होते, लेकिन अगर लंबे समय तक छाले न भरे, तो ओरल कैंसर की शुरुआत हो सकती है। खासतौर पर अगर छाला एक ही जगह पर बार-बार हो, उसमें खून आए और गांठ महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। सबसे जरूरी है कि छालों का घरेलू इलाज नहीं कराना चाहिए।”

NHS के मुताबिक, अगर मुंह में छाले 3 हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न हो, मुंह के अंदर गांठ या सूजन महसूस हो, मुंह के अंदर लगातार दर्द रहे और बोलने में परेशानी हो, तो इसे इग्नोर न करें।

5. डायबिटीज का कंट्रोल में न रहना

Dr. Keshav Naithani ने कहा कि अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक कंट्रोल नहीं होता, तो शरीर की इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। इसका असर मुंह की सेहत पर भी दिखाई देता है। ऐसे लोगों में बार-बार छाले, मसूड़ों में सूजन, मुंह सूखना और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं काफी देखी जाती हैं।

उन्होंने बताया कि अगर छालों के साथ बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान या वजन कम होने जैसे लक्षण भी हों, तो ब्लड शुगर चेक जरूर करानी चाहिए। कई बार डायबिटीज का शुरुआती संकेत भी मुंह में दिखाई देने वाले बदलाव ही होते हैं।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Keshav Naithani कहते हैं, “मैंने कई लोगों को देखा है, जिन्हें एग्जाम, ऑफिस का स्ट्रेस या कोई इमोशनल समस्या होती है, वे लोग मुंह में छालों की बार-बार शिकायत करते हैं। ऐसी कंडीशन में सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि पर्याप्त नींद, योग, मेडिटेश और स्ट्रेस कम करने वाली एक्टिविटीज भी फायदेमंद साबित होती हैं। अगर बार-बार छाले हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

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निष्कर्ष

मुंह के छालों को मामूली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर ये बार-बार हो रहे हैं, तो इसका कारण जरूर जानें, क्योंकि लगातार छाले होने का संकेत विटामिन की कमी से लेकर डायबिटीज, ऑटोइम्यून रोग, डाइजेशन से जुड़ी संबंधी बीमारियां हो सकती है। इसलिए समय पर जांच और इलाज कराना बहुत महत्वपूर्ण है।

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FAQ

  •  क्या पेट की कब्ज या एसिडिटी के कारण भी मुंह में छाले होते हैं?

    पेट ठीक से साफ न होने या लगातार एसिडिटी रहने से शरीर में गर्मी बढ़ती है और डाइजेशन सिस्टम का संतुलन बिगड़ता है। इससे मुंह की म्यूकस मेंब्रेन में सूजन आ जाती है, जिससे अक्सर जीभ और मसूड़ों पर छाले निकल आते हैं।
  • क्या टूथपेस्ट में मौजूद केमिकल मुंह के छालों का कारण बन सकते हैं?

    कई टूथपेस्ट में सोडियम लॉरिल सल्फेट नाम का केमिकल झाग बनाने के लिए मिलाया जाता है। संवेदनशील मुंह वाले लोगों में SLS मुंह की अंदरूनी परत को छील देता है, जिससे बार-बार छाले होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को SLS-Free टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 06, 2026 13:52 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Keshav Naithani

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