Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Himika Chawla , Senior Consultant – Endocrinology & Diabetology

Prediabetes Warning Signs: डायबिटीज होने से पहले शरीर देता है ये 9 संकेत, न करें इग्नोर

प्री-डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल से ज्यादा होता है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर साफ नजर नहीं आते हैं। थकान, बार-बार प्यास और पेशाब जैसे संकेतों को पहचानकर समय पर जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव से आप इसे बढ़ने से रोक सकते हैं। 

प्री-डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें ब्लड शुगर का लेवल नॉर्मल से ज्यादा होता है, लेकिन इतना ज्यााद नहीं कि उसे टाइप 2 डायबिटीज माना जाए। इस दौरान लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह आती है कि प्री-डायबिटीज के आमतौर पर साफ लक्षण साफ नजर नहीं आते हैं। कोई व्यक्ति सालों तक इसके साथ जी रहा होता है और उसे पता भी नहीं चलता है कि उसका ब्लड शुगर लेवल धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसलिए, ब्लड टेस्ट करवाने से पहले वह शरीर में नजर आने वाले लक्षणों का इंतजार करते हैं। Dr. Himika Chawla, Endocrinology & Diabetology, PSRI Hospital, Delhi बताती हैं कि कमजोरी, बार-बार प्यास लगना आदि लक्षण प्री-डायबिटीज से जुड़े हैं। इन लक्षणों को पहचानकर सही समय पर इलाज मिल सकता है।

प्री-डायबिटीज के शुरुआती लक्षण

Dr. Himika Chawla बताते हैं कि जब प्रीडायबिटीज के लक्षण दिखाई देते हैं तो वे डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों जैसे हो सकते हैं, जैसे-

  1. बहुत ज्यादा प्यास लगना
  2. बार-बार पेशाब आना, खासकर रात के समय
  3. बहुत ज्यादा फूड क्रेविंग बढ़ना
  4. लगातार थकान महसूस होना
  5. धुंधला दिखाई देना
  6. फोकस करने में मुश्किल होना
  7. चोट या कट लगने पर घाव भरने में ज्यादा समय लगना
  8. बार-बार स्किन इंफेक्शन होना
  9. यूरिनरी और जेनिटल इंफेक्शन होना

क्या कहती है स्टडी?

साल 2022 में Turkish Journal of Medical Sciences के जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में यह पाया गया है कि प्री-डायबिटीज और डायबिटीज, दोनों ही ग्रुप में सबसे आम लक्षण थकान है। साथ ही, न्यूरोलॉजी और हाइपरग्लाइसेमिया से जुड़े लक्षण प्री-डायबिटीज वाले लोगों की तुलना में डायबिटीज वाले लोगों में ज्यादा देखने को मिले हैं। बीमारी का लंबा समय, परिवार में बीमारी का इतिहास होने, एक्सरसाइज न करने और फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज व HbA1c का लेवल ज्यादा होने पर सभी सब-डायमेंशन में इसके लक्षण बढ़ गए।

इसे भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी में डायबिटीज मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है? डॉक्टर से जानें

इंसुलिन रेजिस्टेंस और अन्य चेतावनी संकेत

Dr. Himika Chawla के अनुसार, हाथ-पैरों में झुनझुनी, जलन या सुन्नपन होने की समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर तब जब इसके साथ दूसरे जोखिम कारक भी हों। इंसुलिन रेजिस्टेंस का एक और चेतावनी संकेत स्किन पर गहरे, मोटे या मखमली पैच का बनना है, जो आमतौर पर गर्दन, बगल या जांघों के बीच के हिस्से में दिखाई देते हैं। बिना किसी साफ कारण के वजन कम होना हल्के प्री-डायबिटीज का आम लक्षण नहीं है और यह संकेत दे सकता है कि ब्लड शुगर का लेवल बढ़ गया है, जिसके लिए तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत होती है।

प्री-डायबिटीज का पता कैसे लगाया जा सकता है?

Dr. Himika Chawla बताती हैं कि ये लक्षण सिर्फ प्री-डायबिटीज के ही नहीं होते हैं, इसलिए सिर्फ लक्षणों या घर पर ग्लूकोज की रीडिंग के आधार पर इसकी पहचान नहीं की जा सकती है। इसके लिए फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, HbA1c या ओरल ग्लूकोज-टॉलरेंस टेस्ट जैसे ब्लड टेस्ट की जरूरत होती है। प्रेग्नेंट न होने वाले लोगों में 5.7% से 6.4% के बीच HbA1c लेवल, 100 से 125 mg/dL के बीच फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, या दो घंटे बाद ग्लूकोज की वैल्यू 140 से 199 mg/dL के बीच होने पर इसे प्री-डायबिटीज की कैटेगरी में माना जाता है।

Prediabetes-Warning-Signs-inside

किसे करानी चाहिए नियमित जांच?

Dr. Himika Chawla के मुताबिक, ब्लड शुगर की नियमित जांच कुछ लोगों को खासतौर पर करवानी जरूरी है, जिसमें शामिल हैं-

  • ज्यादा वजन वाले लोग
  • शारीरिक रूप से एक्टिव न रहने पर
  • 35 साल या उससे ज्यादा उम्र होने पर
  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्या की स्थिति में
  • कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने पर
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
  • टाइप 2 डायबिटीज की पारिवारिक हिस्ट्री होना
  • प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज होने

इसे भी पढ़ें: क्या डायबिटीज में सोयाबीन खाना सही है? डायटीशियन से जानें इसके फायदे और जरूरी सावधानियां

जीवनशैली में क्या बदलाव करना चाहिए?

Dr. Himika Chawla ने बताया कि प्री-़डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को डायबिटीज होगा ही यह जरूरी नहीं है, बल्कि एक शुरुआती चेतावनी के तौर पर इसे देखना चाहिए। इसलिए, प्री-डायबिटीज से पीड़ित लोग डायबिटीज होने से रोकने के लिए लाइफस्टाइल में यह बदलाव कर सकते हैं-

  • संतुलित खान-पान का पालन करना
  • नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करना
  • रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना
  • स्मोकिंग छोड़ना
  • डॉक्टर की सलाह पर दवा लेना

निष्कर्ष

Dr. Himika Chawla का कहना है कि अगर लगातार प्यास लगे, बार-बार पेशाब आए, धुंधला दिखाई दे, बिना किसी कारण वजन कम हो या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो ब्लड-शुगर की जांच करवानी चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। प्री-डायबिटीज का जल्दी पता चलने से टाइप 2 डायबिटीज और उससे होने वाली लंबे समय की समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है। या उनमें देरी करने का एक अहम मौका मिलता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • प्रीडायबिटीज में क्या क्या नहीं खाना चाहिए?

    प्री-डायबिटीज में ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल रखने के लिए मीठे, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और तले-भुने फूड्स से परहेज करना चाहिए।
  • क्या पैदल चलने से शुगर लेवल कम होता है?

    हां, नियमित रूप से पैदल चलने से मांसपेशियों द्वारा ग्लूकोज का इस्तेमाल होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से कम होता है। खाना खाने के बाद हल्की वॉक शुगर स्पाइक को रोकने में बहुत असरदार होती है।

Read Next

भूख लगते ही हाथ कांपने लगते हैं? डॉक्टर से जानें कहीं यह किसी बीमारी का संकेत तो नहीं

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 06, 2026 12:18 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Himika Chawla

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content