अगर किसी को दिनभर मुंह सूखने की समस्या रहती है, तो इसे सिर्फ पानी कम पीने की समस्या ही नहीं समझना चाहिए। कई बार बार-बार मुंह सूखना थायराइड, डायबिटीज और ऑटोइम्यून बीमारियों के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। इसलिए मुंह सूखने की आदत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मुंह सूखने की परेशानी को समझने के लिए हमने Dr. Keshav Naithani, Principal Director & HOD, Department of Dental & Maxillofacial Surgery, Max Multi-Speciality Hospital, Noida (UP) से बात की। उन्होंने बताया कि बार-बार मुंह सूखने की कंडीशन को जेरोस्टोमिया कहा जाता है। इस कंडीशन में मुंह की लार पर्याप्त मात्रा में नहीं पाती। इस कारण दांतों और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
बार-बार मुंह सूखने का लक्षण किन बीमारियों का संकेत है?
Dr. Keshav Naithani कहते हैं, “आमतौर पर लोगों को लगता है कि लार का काम सिर्फ मुंह को गीला रखना होता है, जबकि लार खाना चबाने और निगलने में मदद करती है और मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को कंट्रोल करने में मदद करती है और इसके अलावा दांतों के एनामेल को एसिड के नुकसान से बचाती है। इसलिए मुंह की लार बहुत मायने रखती है और जब मुंह सूखने का लगता है, तो इसका मतलब है कि लार की मात्रा कम बन रही है। इसे लोग कई बार कम पानी पीने से जोड़ने लगते हैं, लेकिन कई बार इसका कारण बीमारियों की शुरुआत हो सकता है। लार कम बनना या मुंह सूखने लगे, तो इन बीमारियों का टेस्ट जरूर कराना चाहिए।”
डायबिटीज
Dr. Keshav Naithani के मुताबिक, “ डायबिटीज के मरीजों में हाई ब्लड शुगर के कारण मुंह सूखना सबसे आम लक्षण है। अगर किसी व्यक्ति का बार-बार मुंह सूखता है, तो डायबिटीज का पहला स्पष्ट और ध्यान देने वाला लक्षण हो सकता है। अगर किसी को यह समस्या रेगुलर हो रही है, तो उसे ब्लड शुगर टेस्ट कराना चाहिए, ताकि समय पर डायबिटीज का इलाज शुरू हो सके।”
थायराइड
Journal of Research in Medical and Dental Science के अनुसार, हाशिमोटो थायरॉयडिटिस जैसे मामलों में लार का बनना कम हो जाता है और मुंह सूखने की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में जिन लोगों को मुंह के अंदर खासतौर पर जीभ की नोक और किनारों पर बिना किसी स्पष्ट कारण के घाव और लगातार तेज जलन महसूस हो, तो डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए और साथ ही थायराइड की जांच कराना जरूरी है।
स्जोग्रेन सिंड्रोम
Dr. Keshav Naithani ने कहा कि स्जोग्रेन सिंड्रोम जैसी ऑटोइम्यून बीमारी में इम्यून सिस्टम लार और आंसू बनाने वाली ग्रंथियों पर हमला करने लगती है। ऐसे मरीजों को मुंह और आंखों दोनों में लगातार सूखापन महसूस हो सकता है।

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बुजर्गों में अल्जमाइर की समस्या
Journal of Medical Clinic में बताया गया है कि उम्र बढ़ने के साथ लार बनने के फ्लो में काफी कमी आती है, जिस वजह से बुजुर्गों में लार बनने की समस्या होने लगती है। जिन मरीजों को अल्जाइमर की बीमारी होती है, उन्हें जो दवाएं दी जाती हैं, उससे मुंह सूखने की समस्या हो सकती है। इससे बुजुर्गों को खाना चबाने, निगलने और बात करने में मुश्किल होती है।
बार-बार मुंह सूखने के लक्षण
Cleveland Clinic के अनुसार, बार-बार मुंह सूखने के इन लक्षणों पर खास ध्यान देना चाहिए।
- मुंह से बदबू आना
- गले में लगातार खराश होना
- खाना चबाने, निगलने या साफ बोलने में परेशानी होना
- नाक के अंदरूनी हिस्से में सूखापन होना
- गले में सूखेपन के कारण आवाज बैठ जाना या भारी हो जाना
- बार-बार होठों का फटना, जीभ या मुंह में छाले होना
- खाने का स्वाद बदल जाना
- जिन लोगों के नकली दांत है, उन्हें डेंचर पहनने में दिक्कत होना
बार-बार मुंह सूखना कैसे चेक किया जाता है?
Dr. Keshav Naithani कहते हैं, “सबसे पहले मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं और अन्य लक्षणों के बारे में जानकारी लेते हैं। जरूरत पड़ने पर ब्लड शुगर, थायराइड, ऑटोइम्यून बीमारियों की जांच या लार ग्रंथियों से जुड़े कुछ खास टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। सही कारण पता चलने के बाद ही इलाज तय किया जाता है।”
मुंह सूखने पर क्या न करें?
NHS के अनुसार, मुंह सूखने की समस्या होने पर इन आदतों से बचें।
- कैफीन जैसे चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स और अल्कोहल से बचें।
- मसालेदार या बहुत ज्यादा खट्टा खाना न खाएं।
- स्मोकिंग और तंबाकू जैसी चीजें मुंह के सूखेपन और छालों की समस्या को कई गुना तक बढ़ा देता है।
- जो लोग नकली दांतों का इस्तेमाल करते हैं, वे नकली दांतों को निकालकर सोएं।
- किसी भी तरह की एसिडिक लार का इस्तेमाल न करें।
- अगर डॉक्टर ने किसी भी तरह की दवाई लिखी है, तो उसे बिना डॉक्टर से बात किए अचानक बंद न करें।
मुंह सूखने की समस्या से राहत पाने के तरीके
NHS के मुताबिक, मुंह सूखने की समस्या से बचाव के लिए लोगों को ये आदतें जरूर अपनानी चाहिए।
- दिनभर में पानी के छोटे-छोटे घूंट लेते रहना चाहिए।
- मुंह की नमी बनाए रखने के लिए बर्फ के टुकड़े चूस सकते हैं।
- बीच-बीच में ठंडे और बिना चीनी वाले ड्रिंक्स की चुस्कियां लेते रहना चाहिए।
- लार का फ्लो बढ़ाने के लिए शुगर-फ्री च्युइंग गम चबाएं।
- अगर मुंह के साथ-साथ होंठ भी रूखे और फट रहे हैं, तो मॉइस्चराइजिंग लिप का इस्तेमाल करें।
- दिन में दो बार ब्रश करें और हमेशा अल्कोहल-फ्री माउथवॉश का ही इस्तेमाल करें।
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निष्कर्ष
Dr. Keshav Naithani कहते हैं कि कई बार हाई ब्लड प्रेशर, एलर्जी, डिप्रेशन, एंग्जायटी और पेनकिलर दवाओं की वजह से मुंह सूख सकता है। इसलिए अगर कोई मरीज ये दवाएं लेता है और उसका मुंह सूख रहा है, तो डॉक्टर को जरूर बताएं। इसके अलावा, मुंह सूखने की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि खाने का रास्ता सिर्फ मुंह से होकर ही गुजरता है और शरीर को न्यूट्रिशन मिलता है। इसलिए बार-बार मुंह सूखने की समस्या होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
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FAQ
मुंह से सांस लेना मुंह सूखने से कैसे जुड़ा हुआ है?
जो लोग सोते समय, साइनस या नाक बंद होने के कारण दिन में मुंह से सांस लेते हैं, उनके मुंह की नमी हवा के संपर्क में आने से तेजी से सूख जाती है। अक्सर सुबह उठने पर ऐसे लोगों का मुंह और गला पूरी तरह सूखा हुआ मिलता है।लार कम बनने से दांतों और मसूड़ों को क्या नुकसान होता है?
लार हमारे मुंह का प्राकृतिक सुरक्षा कवच है जो एसिड को कम करने में मदद करता है और खाने के कणों को बहा ले जाता है। लार कम होने पर मुंह में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारी और मुंह से गंभीर बदबू आने लगती है।
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Jul 20, 2026 15:36 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jul 20, 2026 15:36 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Keshav Naithani