Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

सुबह उठते ही मुंह सूखा लगने के हो सकते हैं ये 7 कारण, डॉक्टर से जानें कब है चिंता की बात

सुबह उठते ही मुंह सूखना मुंह खोलकर सोने, डिहाइड्रेशन, कुछ दवाओं, एलर्जी या अन्य हेल्थ कंडीशन से जुड़ा हो सकता है। यदि यह समस्या रोजाना बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें।

सुबह उठते ही अगर आपका मुंह सूखा महसूस होता है और सबसे पहले पानी पीने की जरूरत पड़ती है, तो इसे सिर्फ रातभर पानी न पीने का असर समझकर नजरअंदाज न करें। कभी-कभी यह एक सामान्य स्थिति हो सकती है, लेकिन अगर यह समस्या रोज होने लगे, तो यह शरीर की ओर से मिलने वाला एक संकेत भी हो सकता है।

कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, सुबह मुंह सूखने के पीछे केवल डिहाइड्रेशन ही जिम्मेदार नहीं होता। कई बार मुंह खोलकर सोना, खर्राटे लेना, कुछ दवाओं का सेवन, नाक बंद रहना भी इसकी वजह हो सकते हैं। अगर इसके साथ बार-बार प्यास लगना, मुंह से बदबू आना, निगलने में परेशानी होने जैसी समस्याएं भी हों, तो कारण जानना और भी जरूरी हो जाता है।

सुबह उठते ही मुंह सूखा क्यों लगता है?

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि रात के समय लार का बनाना स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है, जिसके कारण भी मुंह ड्राई लग सकता है लेकिन अगर सुबह उठते ही मुंह बहुत ज्यादा सूखा महसूस हो, तो इसके पीछे कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में कारण की पहचान कर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

1. शरीर में पानी की कमी

दिनभर पर्याप्त पानी न पीना या रात में गर्मी के कारण ज्यादा पसीना आने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसका असर सबसे पहले मुंह की ड्राईनेस के रूप में महसूस हो सकता है। यदि इसके साथ गहरे रंग का पेशाब, कमजोरी या चक्कर भी हों, तो पानी की मात्रा बढ़ाना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से मुंह सूखने की समस्या कम हो सकती है।

mouth feels dry in morning

2. डायबिटीज का संकेत

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि बार-बार प्यास लगना, मुंह सूखना और बार-बार पेशाब आना, ये तीनों लक्षण कभी-कभी बढ़े हुए ब्लड शुगर से जुड़े हो सकते हैं। यदि इन लक्षणों के साथ अचानक वजन घटना या ज्यादा थकान भी हो, तो ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए। आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बढ़ते तनाव और खानपान के कारण डायबिटीज के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है।

3. कुछ दवाओं का असर

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि अगर व्यक्ति ब्लड प्रेशर, एलर्जी, डिप्रेशन या पेन किलर दवाओं का सेवन करता है तो इसके कारण भी मुंह सूखने यानी ड्राईनेस की समस्या हो सकती है। यदि नई दवा शुरू करने के बाद यह समस्या बढ़ी है, तो बिना दवा बंद किए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

4. लार ग्रंथियों का फंक्शन कम होना

कुछ लोगों में उम्र बढ़ने, इंफेक्शन या ऑटोइम्यून बीमारियों के कारण लार बनाने वाली ग्रंथियां सामान्य से कम काम करने लगती हैं। इससे लगातार मुंह ड्राई रह सकता है और दांतों में कैविटी या मुंह की दुर्गंध का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें और उचित इलाज को फॉलो करें।

5. मुंह खोलकर सोना या खर्राटे लेना

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि कुछ लोगों को मुंह खोलकर सोने की आदत होती है तो कुछ लोग रात में खर्राटे लेते हैं ऐसे में रातभर हवा सीधे मुंह के अंदर जाती रहती है। इससे लार जल्दी सूख जाती है और सुबह उठने पर मुंह सूखा महसूस होता है। कई बार नाक बंद होने या एलर्जी की वजह से भी व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है, जिसके कारण मुंह सूखने जैसी समस्या हो सकती है।

साल 2006 में Journal of Sleep Research में प्रकाशित स्टडी से यह साफ पता चलता है कि सुबह उठने पर मुंह सूखने की समस्या का सीधा संबंध खर्राटों और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (OSA) जैसी नींद और सांस से जुड़ी बीमारियों से है। जहां किसी भी बीमारी से रहित सामान्य लोगों में यह समस्या बहुत कम (केवल 3.2%) पाई जाती है, वहीं खर्राटे लेने वालों में यह लगभग 16% और स्लीप एप्निया के मरीजों में 31% से ज्यादा देखी गई है।

6. धूम्रपान और शराब का सेवन

जो व्यक्ति सिगरेट, तंबाकू और शराब का सेवन करते हैं उनमें भी ड्राई माउथ की समस्या हो सकती है, क्योंकि यह चीजें मुंह की नमी को कम कर सकती हैं। नियमित सेवन करने वाले लोगों में सुबह मुंह सूखने की शिकायत ज्यादा देखी जाती है। इन आदतों को छोड़ने से मुंह के साथ-साथ पूरी हेल्थ को भी फायदा मिलता है।

साल 2010 में Dental Research Dental clinics Dental Prospects में प्रकाशित स्टडी के अनुसार-

  • धूम्रपान का सीधा प्रभाव हमारी ओलर हेल्थ और लार के बनने पर पड़ता है।
  • धूम्रपान न करने वालों (12%) की तुलना में धूम्रपान करने वाले लोगों (39%) में मुंह सूखने (dry mouth) की समस्या तीन गुना से भी ज्यादा पाई गई।
  • सिगरेट या तंबाकू में मौजूद हानिकारक तत्व लार ग्रंथियों को प्रभावित करते हैं, जिससे मुंह में लार का बनना कम हो जाता है।

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7. कमरे में नमी की कमी

यदि आप पूरी रात एयर कंडीशनर या बहुत सूखे वातावरण में सोते हैं, तो भी मुंह सूख सकता है। कमरे में पर्याप्त नमी बनाए रखना और सोने से पहले पर्याप्त पानी पीना इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।

कब डॉक्टर से जरूर मिलें?

डॉ. गोपाल जी शर्मा का कहना है कि यदि मुंह सूखने की समस्या कई सप्ताह से बनी हुई है या इसके साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए-

  • निगलने में कठिनाई
  • मुंह में छाले या जलन
  • दांतों में कैविटी होना
  • बोलने में परेशानी
  • मुंह से बदबू आना

समय पर कारण की पहचान करने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

सुबह उठते ही मुंह सूखना हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर यह रोज होने लगे तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डिहाइड्रेशन, मुंह खोलकर सोना, दवाओं का असर, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इसके पीछे हो सकती हैं। पर्याप्त पानी पीना, अच्छी ओरल हाइजीन बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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FAQ

  • क्या कॉफी से मुंह सूख जाता है?

    कुछ लोगों में ज्यादा कैफीन का सेवन शरीर में पानी की कमी बढ़ाकर या मुंह की नमी कम करके सूखेपन की समस्या बढ़ा सकता है।
  • क्या पेट की समस्या से मुंह सूख सकता है?

    बहुत ज्यादा मिर्च और मसालेदार भोजन से अपच की समस्या हो सकती है, जिसके कारण मुंह सूख सकता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 04, 2026 15:08 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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