सुबह उठते ही पहली बार पेशाब करने पर अगर उसका रंग सामान्य से ज्यादा गहरा दिखाई दे, तो कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या यह सिर्फ रातभर पानी न पीने की वजह से है या फिर शरीर किसी बीमारी का संकेत दे रहा है? VNA Hospital के यूरोलॉजी और इनफर्टिलिटी विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि रात में कई घंटों तक पानी नहीं पीने के कारण सुबह की पहली यूरिन दिन के बाकी समय के मुकाबले ज्यादा गाढ़ी होना आम बात है। यही वजह है कि सुबह पेशाब का रंग थोड़ा गहरा नजर आ सकता है। अगर दिन में पर्याप्त पानी पीने के बाद इसका रंग हल्का हो जाता है, तो आमतौर पर यह डिहाइड्रेशन से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, हर बार गहरे रंग का पेशाब पानी की कमी के कारण ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
सुबह उठते ही पेशाब का रंग गहरा क्यों होता है?
यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत मल्होत्रा के अनुसार, हर बार गहरे रंग की पेशाब केवल पानी की कमी के कारण हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ दवाएं, विटामिन, फूड्स और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याएं भी पेशाब का रंग बदल सकती हैं। ऐसे में रंग के साथ दूसरे लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
1. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि अगर पेशाब का रंग गहरा होने के साथ जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, बदबू, पेट के निचले हिस्से में दर्द या पेशाब में खून दिखाई दे, तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI की संभावना हो सकती है। UTI में पेशाब लाल, गुलाबी जैसी भी दिखाई दे सकती है, खासकर जब उसमें खून मिला हो।
2. किडनी स्टोन
किडनी स्टोन होने पर भी पेशाब में खून आ सकता है, जिसकी वजह से उसका रंग गुलाबी, लाल या भूरा दिखाई दे सकता है। इसके साथ कमर या पेट के किनारे तेज दर्द, पेशाब करते समय परेशानी या बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। इसलिए बार-बार असामान्य रंग की पेशाब दिखने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
3. लिवर की बीमारी
अगर पेशाब सामान्य गहरे पीले की बजाय कोला जैसी भूरी दिखाई दे और यह समस्या लगातार बनी रहे, तो लिवर या पित्त संबंधी समस्या भी इसकी वजह हो सकती है। खासकर अगर इसके साथ आंखों या स्किन में पीलापन और मल का रंग सामान्य से हल्का हो जाए, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
4. कुछ दवाएं और विटामिन
यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि पेशाब का रंग हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होता। कुछ दवाएं और विटामिन भी यूरिन को गहरा पीला या अन्य रंग का बना सकते हैं। इसलिए अगर आपने हाल में कोई नई दवा, सप्लीमेंट या विटामिन लेना शुरू किया है और उसके बाद पेशाब का रंग बदला है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।

साल 2020 में Frontiers in Nutrition में प्रकाशित जानकारी के अनुसार-
- पेशाब के रंग की जांच शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का पता लगाने का एक बहुत ही आसान तरीका है।
- शरीर में पानी का सही लेवल बनाए रखना शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
- खेलकूद या शारीरिक मेहनत के दौरान पानी की कमी से ध्यान भटक सकता है, थकान और तनाव बढ़ सकता है।
- कई स्टडीज से यह बात सामने आई है कि शरीर में पानी जितना कम होगा, पेशाब का रंग उतना ही गहरा होता जाएगा।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर सुबह पेशाब का रंग कुछ देर बाद पानी पीने से सामान्य हो जाता है और कोई दूसरा लक्षण नहीं है, तो अक्सर यह शरीर में पानी की कमी से जुड़ा हो सकता है लेकिन पेशाब लगातार गहरी भूरा, लाल या गहरे भूरे रंग की रहे, उसमें खून दिखाई दे या साथ में जलन, बुखार, कमर दर्द, उल्टी, तेज बदबू अथवा आंखों-स्किन में पीलापन जैसे लक्षण हों, तो यूरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर यूरिन टेस्ट और अन्य जांचों से कारण का पता लगाया जा सकता है।
निष्कर्ष
सुबह उठते ही पेशाब का रंग गहरा होना कई बार रातभर पानी न पीने की वजह से होने वाला नॉर्मल रिएक्शन है लेकिन अगर रंग बहुत ज्यादा गहरा हो, पूरे दिन बना रहे या इसके साथ दर्द, जलन, खून, बुखार अथवा पीलिया जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे केवल डिहाइड्रेशन समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पेशाब के रंग में लगातार बदलाव शरीर में चल रही किसी समस्या का संकेत हो सकता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सही जांच और सलाह लेना सही तरीका है।
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FAQ
क्या सुबह डार्क पेशाब आने का मतलब किडनी खराब होना है?
केवल सुबह पेशाब का रंग गहरा होने से किडनी की बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पानी की कमी इसका बहुत सामान्य कारण हो सकती है।क्या सुबह के पेशाब में तेज बदबू आना सामान्य है?
रातभर पेशाब ज्यादा गाढ़ी होने के कारण सुबह हल्की तेज गंध महसूस हो सकती है लेकिन लगातार तेज या असामान्य गंध के साथ जलन, दर्द या बार-बार पेशाब आए तो जांच की जरूरत हो सकती है।
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Sep 08, 2026 16:32 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra