Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr. G. Krishna Mohan Reddy , Consultant Physician & Diabetologist

मच्छर काटने के कितने दिन बाद डेंगू के लक्षण आते हैं? डॉक्टर से जानें

डेंगू फैलाने वाले मच्छर के काटने के तुरंत बाद लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। यहां डॉक्टर से जानें, मच्छर के काटने के कितने दिन बाद डेंगू के लक्षण शुरू हो सकते हैं, शुरुआती संकेत क्या हैं और कब डेंगू की जांच करानी चाहिए।

मच्छर काटने के बाद कितने दिन में डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं? मानसून और बारिश के मौसम में यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी बताते हैं कि खास बात यह है कि संक्रमित मच्छर के काटने के तुरंत बाद डेंगू के लक्षण नजर नहीं आते हैं। कुछ दिनों तक व्यक्ति बिल्कुल नॉर्मल महसूस कर सकता है और उसके बाद अचानक तेज बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसी शिकायत शुरू हो सकती है। कई बार डेंगू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल फीवर या फ्लू जैसे लगते हैं। यही कारण है कि लोग शुरुआत में इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

मच्छर काटने के कितने दिन बाद डेंगू के लक्षण आते हैं?

डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने के बाद लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते हैं और आमतौर पर 4 से 10 दिन तक भी व्यक्ति को कोई खास लक्षण महसूस नहीं हो सकते हैं। यही वजह है कि मच्छर के काटने के अगले दिन बुखार न आने का मतलब यह नहीं है कि डेंगू की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई। अगले कुछ दिनों में अगर बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

  • डेंगू में सबसे प्रमुख लक्षण अचानक तेज बुखार हो सकता है। इसके साथ सिरदर्द, आंखों में दर्द, मसल्स और जोड़ों में दर्द तथा अचानक बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • कुछ लोगों में मतली, उल्टी या स्किन पर लाल चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं।
  • लगातार पेट दर्द, नाक या मसूड़ों से खून आना, मल में खून, बहुत ज्यादा कमजोरी, बेचैनी, ज्यादा नींद या सांस लेने में परेशानी जैसे संकेत गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं।
  • हालांकि, सभी मरीजों में एक जैसे लक्षण हों, यह जरूरी नहीं है। इसलिए लक्षणों और व्यक्ति की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी होता है।

साल 2026 में NIH की Bookshelf में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, डेंगु बुखार के लक्षण बीमारी की स्टेज और गंभीरता के हिसाब से बदलते रहते हैं। शुरुआती दिनों में तेज बुखार, चेहरे पर कमजोरी, गले में खराश, सूजन और बदन दर्द आम हैं। इस दौरान शरीर पर लाल चकत्ते या छोटे-छोटे दाने भी निकल सकते हैं।

बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के बीच खास सावधानी की जरूरत होती है। इस समय लिवर में सूजन, दिल की धड़कन तेज होना और ब्लड प्रेशर का घटना जैसी गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं। यदि डेंगू गंभीर रूप ले ले, तो मरीज को ज्यादा कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी या खून बहने की समस्या हो सकती है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: डेंगू में बुखार उतरने के बाद क्यों बढ़ जाती है कमजोरी? डॉक्टर ने बताए 5 कारण

क्या प्रेग्नेंट महिला से बच्चे को डेंगू हो सकता है?

साल 2025 में World Health Organization में प्रकाशित जानकारी के अनुसार-

  • डेंगू मुख्य रूप से मच्छरों के काटने से फैलता है, लेकिन यह प्रेग्नेंट महिला से उसके होने वाले बच्चे में भी फैल सकता है।
  • हालांकि मां से बच्चे में इंफेक्शन (वर्टिकल ट्रांसमिशन) का खतरा आमतौर पर कम होता है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि प्रेग्नेंसी के किस समय मां को डेंगू हुआ था।
  • यदि प्रेग्नेंट महिला डेंगू की चपेट में आ जाती है, तो बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • इससे समय से पहले जन्म (प्री-टर्म बर्थ), जन्म के समय बच्चे का वजन कम होना (लो बर्थवेट) और गर्भ में ही बच्चे को परेशानी या डिस्ट्रेस होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
  • इसलिए, प्रेग्नेंट महिलाओं को मच्छरों से अपना खास बचाव रखना चाहिए और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

क्या हर मच्छर के काटने से डेंगू होता है?

डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी बताते हैं, ''हर मच्छर डेंगू नहीं फैलाता है, डेंगू वायरस संक्रमित Aedes मच्छर के काटने से फैलता है। इसलिए केवल मच्छर के काटने को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि व्यक्ति को डेंगू हो गया है। अगर मच्छर के काटने के कुछ दिनों बाद तेज बुखार और शरीर में दर्द जैसे लक्षण शुरू होते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करके उचित जांच कराने पर ही बीमारी की पुष्टि की जा सकती है।

Dengue Symptoms After Mosquito Bite

डेंगू की जांच कब करानी चाहिए?

डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी सलाह देते हैं कि डेंगू की जांच का सही समय बीमारी के कितने दिन हुए हैं और कौन-सा टेस्ट किया जा रहा है, इस पर निर्भर करता है। इसलिए खुद से कोई टेस्ट चुनने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। अगर तेज बुखार के साथ डेंगू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं या आपके इलाके में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, तो डॉक्टर को जानकारी दें। डॉक्टर लक्षण और बीमारी के समय को देखकर जरूरी चेकअप की सलाह दे सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: डेंगू में क्यों नहीं लगती भूख? डॉक्टर से समझें वजह और रिकवरी के लिए डाइट

डेंगू से बचने के लिए क्या करें?

  • डेंगू से बचाव का सबसे सही तरीका है कि अपने घर के आस-पास मच्छरों को न पनपने दें।
  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि जमा पानी में मच्छर पनप सकते हैं।
  • दिन के समय भी मच्छरों से बचाव करें, क्योंकि Aedes मच्छर दिन में भी काट सकता है।
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनना भी जरूरी है और जरूरत के अनुसार मच्छर भगाने वाले उपायों का इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष

संक्रमित मच्छर के काटने के बाद डेंगू के लक्षण आमतौर पर कुछ दिनों के बाद दिखाई देते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों में दर्द और शरीर में दर्द इसके खास लक्षणों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती। डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी की सलाह के अनुसार, तेज बुखार या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टरी जांच और उचित देखभाल जरूरी है।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • डेंगू होने पर प्लेटलेट्स कब कम होते हैं?

    डेंगू में प्लेटलेट्स का लेवल बीमारी के दौरान बदल सकता है, लेकिन हर मरीज में इसका पैटर्न एक जैसा नहीं होता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट और प्लेटलेट्स की निगरानी की सलाह दे सकते हैं।
  • डेंगू से ठीक होने में कितना समय लग सकता है?

    डेंगू से रिकवरी व्यक्ति की स्थिति और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करती है। बुखार और शुरुआती लक्षण कम होने के बाद भी कमजोरी कुछ समय तक बनी रह सकती है।
  • क्या एक बार डेंगू होने के बाद दोबारा डेंगू हो सकता है?

    एक बार डेंगू होने के बाद दोबारा डेंगू हो सकता है, डेंगू वायरस के अलग-अलग सीरोटाइप होते हैं और जीवन में एक से ज्यादा बार डेंगू इंफेक्शन हो सकता है।

Read Next

बुखार के साथ शरीर में दर्द हो तो क्या करें? डॉक्टर से जानिए, जरूरी सावधानियां

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 08, 2026 12:19 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr. G. Krishna Mohan Reddy

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content